Senior citizen seat dispute: दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सीनियर सिटिजन के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि इस दौरान 48 साल के पवन शर्मा के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई. धक्का लगने के बाद वह मेट्रो स्टेशन के फर्श पर गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई. उन्हें एंबुलेंस से लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मामले में पवन शर्मा की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर मेट्रो पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सीनियर सिटिजन सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद
एफआईआर के मुताबिक, घटना सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सीनियर सिटिजन के लिए आरक्षित सीट के इस्तेमाल को लेकर हुई. शिकायत में कहा गया है कि सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया. पुलिस को दी गई शिकायत में इस घटना के संबंध में संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह के नाम दर्ज कराए गए हैं.
थप्पड़ मारने और धक्का देने का आरोप
मृतक की मां की शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह ने कथित तौर पर पवन शर्मा के साथ मारपीट की. आरोप है कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया. धक्का लगने के बाद पवन शर्मा जमीन पर गिर पड़े और उनके सिर में चोट आई. पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है.
LNJP अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद मेट्रो स्टेशन के कर्मचारियों ने पवन शर्मा को एंबुलेंस से LNJP अस्पताल पहुंचाया. वहां उनका इलाज किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इसके बाद उनकी मां दुर्गा शर्मा की शिकायत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद के बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा और पवन शर्मा की हालत कैसे बिगड़ी.
BNS की धाराओं में केस दर्ज, आरोपों की जांच जारी
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और धारा 3(5) का उल्लेख किया गया है. पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों, घटना की परिस्थितियों और नामजद लोगों पर लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी.