Gujarat News: गुजरात के अहमदाबाद में 2 मासूम बेटियों की मौत के बाद पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ घर से मिले डायरी से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
गुजरात के अहमदाबाद में बेटे की चाहत में माता-पिता ने ली बेटियों की जान?
Gujarat Dosa Death Case: गुजरात के अहमदाबाद में 2 मासूम बेटियों की संदिग्ध मौत के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आ गया है. अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में रहने वाले प्रजापति परिवार से जुड़ी इस घटना की पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि माता-पिता के खून के नमूनों में एल्यूमीनियम फॉस्फाइड और जिंक की मात्रा सामान्य से अधिक पाए जाने के बाद जांच का फोकस अब केवल ‘फूड पॉइजनिंग’ (भोजन विषाक्तता) से हटकर ‘सामूहिक आत्महत्या के प्रयास’ की संभावना की ओर मुड़ गया है.
हालांकि, पुलिस अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और फिलहाल ‘फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी’ (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
चांदखेड़ा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एम.के. मकवाना के अनुसार, अस्पताल में भर्ती माता-पिता विमल और भावना के खून के नमूने जांच के लिए ‘नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी’ भेजे गए थे. रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उन दोनों के शरीर में एल्यूमीनियम फॉस्फाइड और जिंक का स्तर सामान्य से अधिक था. पुलिस इन रसायनों की मौजूदगी के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल डॉक्टरों से परामर्श कर रही है.
जांच के दौरान पुलिस को घर से एक डायरी मिली है. जिसमें बेटे की चाहत का जिक्र है. विमल की पहले से ही एक बेटी थी और बाद में दूसरी बेटी का जन्म हो गया. इस डायरी में पुत्र जन्म होवे पर मंदिर जाकर दर्शन करने की बात लिखी है. हालांकि परिवार के लोग लगातार डोसा खाने से तबीयत बिगड़ने की बात ह रहे हैं. इसके अलावा, परिवार वालों के बयानों में कोई विरोधाभाष नजर नहीं आ रहा है.
पुलिस अब हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है. पहला क्या बेटियों की मौत डोसा खाने की वजह से हुई थीऔर दूसरा क्या घर के भीतर किसी अज्ञात कारण से सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया गया था? इंस्पेक्टर मकवाना ने बताया कि विमल और भावना सहित परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की जा रही है. लेकिन इस मामले के अंतिम निष्कर्ष तक तभी पहुंचा जा सकेगा जब एफएसएल की रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी.
जानकारी के मुताबिक, प्रजापति परिवार ने 1 और 2 अप्रैल को खरीदे गए खीरू से घर में डोसा बनाया था. इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर पति-पत्नी अपने दो मासूम बेटियों के साथ अस्पताल में भर्ती हुए, जहां तीन महीने की राहा और चार साल की मिस्टी की मौत हो गई. शुरुआत में बच्चियों के दादा गौरीशंकर प्रजापति ने डोसा खाने से मौत होने की आशंका जताई थी.
पुलिस को 5 अप्रैल को मामले की जानकारी मिली, जब चार साल की बच्ची की मौत हुई. इससे पहले 4 अप्रैल को तीन महीने की बच्ची की मौत हो चुकी थी और परिजनों ने इसे सामान्य मृत्यु मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था. बाद में पुलिस जांच शुरू होने पर परिवार की सहमति से शिशु का शव निकालकर एफएसएल की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया. अब पुलिस सभी वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि दो मासूम बेटियों की मौत की असली वजह सामने आ सके.
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