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Home > क्राइम > हैदराबाद के गर्ल्स हॉस्टल में क्या चल रहा था? 3 राज्यों की 10 महिलाएं मिलीं, अंडाणु निकालने के शक में जांच

हैदराबाद के गर्ल्स हॉस्टल में क्या चल रहा था? 3 राज्यों की 10 महिलाएं मिलीं, अंडाणु निकालने के शक में जांच

Hyderabad Girls Hostel: हैदराबाद के बेगमपेट इलाके में पुलिस ने एक गर्ल्स हॉस्टल पर छापा मारकर बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की करीब 10 महिलाओं से पूछताछ की. हॉस्टल से सिरिंज और गर्भनिरोधक गोलियां बरामद हुई हैं. पुलिस को शक है कि महिलाओं को यहां ठहराकर उनके अंडाणु निकालने और उन्हें फर्टिलिटी सेंटरों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा था. पुरुषों के स्पर्म सैंपल लेने की आशंका की भी जांच हो रही है. हालांकि, अभी किसी मेडिकल प्रक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

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Published: October 31, 2026 16:45:15 IST
Last Updated: October 31, 2026 16:45:15 IST

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Hyderabad Girls Hostel: हैदराबाद के बेगमपेट इलाके में एक गर्ल्स हॉस्टल को लेकर पुलिस की जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस को शक है कि इस हॉस्टल में अलग अलग राज्यों से महिलाओं को लाकर ठहराया जाता था और कथित तौर पर उनके अंडाणु निकालकर फर्टिलिटी सेंटरों तक पहुंचाए जाते थे. इस आशंका के आधार पर पुलिस ने हॉस्टल में छापेमारी की, जहां बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की करीब 10 महिलाएं मिलीं. हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि हॉस्टल में अंडाणु निकालने से जुड़ी कोई मेडिकल प्रक्रिया की गई थी.

बेगमपेट के गर्ल्स हॉस्टल में पुलिस की छापेमारी

पुलिस को हॉस्टल में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी. इसके बाद बेगमपेट पुलिस और मल्काजगिरी की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने संयुक्त रूप से छापेमारी की. तलाशी के दौरान हॉस्टल में करीब 10 महिलाएं मिलीं, जो बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की रहने वाली बताई गई हैं. पुलिस ने सभी से पूछताछ की. हॉस्टल की तलाशी में सिरिंज और गर्भनिरोधक गोलियां भी बरामद हुईं. पुलिस ने इन वस्तुओं को जांच के लिए गांधी अस्पताल भेजा है. अधिकारियों का पता लगाना है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या इनका किसी तरह की प्रजनन संबंधी मेडिकल प्रक्रिया से कोई संबंध है.

महिलाओं के अंडाणु निकालने का शक

पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि हॉस्टल का इस्तेमाल दूसरे राज्यों से महिलाओं को लाकर ठहराने के लिए किया जा रहा था. इसके बाद कथित तौर पर उनके अंडाणु निकालकर फर्टिलिटी सेंटरों तक पहुंचाए जाते थे. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या हॉस्टल संचालकों के साथ इस काम में बिचौलिए शामिल थे और क्या किसी फर्टिलिटी सेंटर से उनका संपर्क था. बेगमपेट थाने के एसएचओ पी. सैदुलु के मुताबिक, फिलहाल आरोप साबित नहीं हुए हैं. बरामद सामान और दूसरे सबूतों की जांच डॉक्टरों तथा जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (DHMO) के अधिकारियों को करनी है. उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हॉस्टल में अंडाणु निकालने से जुड़ी कोई प्रक्रिया हुई थी या नहीं. एसएचओ ने यह भी बताया कि अब तक हॉस्टल में IVF से संबंधित स्कैनिंग नहीं हुई है.

स्पर्म सैंपल लेने की आशंका की भी पड़ताल

जांच में पुलिस एक और पहलू को खंगाल रही है. आशंका है कि हॉस्टल में पुरुषों के स्पर्म सैंपल लेने की गतिविधि भी हो सकती थी. स्पर्म पुरुष के वीर्य में मौजूद प्रजनन कोशिकाएं होती हैं, जबकि महिलाओं के अंडाणु प्रजनन प्रक्रिया का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन में महिला के अंडाणु और पुरुष के स्पर्म को लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है. इसके बाद भ्रूण को गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जा सकता है. पुलिस को संदेह है कि हॉस्टल में इस तरह की गतिविधियां करीब एक साल से चल रही थीं. हालांकि, इस अवधि और कथित गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

महिलाओं की सहमति थी या उन्हें झांसा देकर लाया गया?

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं को हॉस्टल तक कौन लेकर आया था और उन्हें यहां किस उद्देश्य से ठहराया गया था. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि क्या महिलाओं को अंडाणु निकालने की कथित प्रक्रिया की जानकारी थी और क्या वे अपनी मर्जी से इसके लिए तैयार हुई थीं, या उन्हें किसी तरह के झांसे में रखकर यहां लाया गया था. हॉस्टल संचालकों, संभावित बिचौलियों और फर्टिलिटी सेंटरों के बीच संपर्क की भी पड़ताल की जा रही है. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और करीब 10 महिलाओं से पूछताछ की गई है. फिलहाल जांच जारी है. मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर ही पता चल सकेगा कि हॉस्टल में वास्तव में क्या गतिविधियां चल रही थीं.

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Published: October 31, 2026 16:45:15 IST
Last Updated: October 31, 2026 16:45:15 IST

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Hyderabad Girls Hostel: हैदराबाद के बेगमपेट इलाके में एक गर्ल्स हॉस्टल को लेकर पुलिस की जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस को शक है कि इस हॉस्टल में अलग अलग राज्यों से महिलाओं को लाकर ठहराया जाता था और कथित तौर पर उनके अंडाणु निकालकर फर्टिलिटी सेंटरों तक पहुंचाए जाते थे. इस आशंका के आधार पर पुलिस ने हॉस्टल में छापेमारी की, जहां बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की करीब 10 महिलाएं मिलीं. हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि हॉस्टल में अंडाणु निकालने से जुड़ी कोई मेडिकल प्रक्रिया की गई थी.

बेगमपेट के गर्ल्स हॉस्टल में पुलिस की छापेमारी

पुलिस को हॉस्टल में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी. इसके बाद बेगमपेट पुलिस और मल्काजगिरी की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने संयुक्त रूप से छापेमारी की. तलाशी के दौरान हॉस्टल में करीब 10 महिलाएं मिलीं, जो बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की रहने वाली बताई गई हैं. पुलिस ने सभी से पूछताछ की. हॉस्टल की तलाशी में सिरिंज और गर्भनिरोधक गोलियां भी बरामद हुईं. पुलिस ने इन वस्तुओं को जांच के लिए गांधी अस्पताल भेजा है. अधिकारियों का पता लगाना है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या इनका किसी तरह की प्रजनन संबंधी मेडिकल प्रक्रिया से कोई संबंध है.

महिलाओं के अंडाणु निकालने का शक

पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि हॉस्टल का इस्तेमाल दूसरे राज्यों से महिलाओं को लाकर ठहराने के लिए किया जा रहा था. इसके बाद कथित तौर पर उनके अंडाणु निकालकर फर्टिलिटी सेंटरों तक पहुंचाए जाते थे. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या हॉस्टल संचालकों के साथ इस काम में बिचौलिए शामिल थे और क्या किसी फर्टिलिटी सेंटर से उनका संपर्क था. बेगमपेट थाने के एसएचओ पी. सैदुलु के मुताबिक, फिलहाल आरोप साबित नहीं हुए हैं. बरामद सामान और दूसरे सबूतों की जांच डॉक्टरों तथा जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (DHMO) के अधिकारियों को करनी है. उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हॉस्टल में अंडाणु निकालने से जुड़ी कोई प्रक्रिया हुई थी या नहीं. एसएचओ ने यह भी बताया कि अब तक हॉस्टल में IVF से संबंधित स्कैनिंग नहीं हुई है.

स्पर्म सैंपल लेने की आशंका की भी पड़ताल

जांच में पुलिस एक और पहलू को खंगाल रही है. आशंका है कि हॉस्टल में पुरुषों के स्पर्म सैंपल लेने की गतिविधि भी हो सकती थी. स्पर्म पुरुष के वीर्य में मौजूद प्रजनन कोशिकाएं होती हैं, जबकि महिलाओं के अंडाणु प्रजनन प्रक्रिया का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन में महिला के अंडाणु और पुरुष के स्पर्म को लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है. इसके बाद भ्रूण को गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जा सकता है. पुलिस को संदेह है कि हॉस्टल में इस तरह की गतिविधियां करीब एक साल से चल रही थीं. हालांकि, इस अवधि और कथित गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

महिलाओं की सहमति थी या उन्हें झांसा देकर लाया गया?

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं को हॉस्टल तक कौन लेकर आया था और उन्हें यहां किस उद्देश्य से ठहराया गया था. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि क्या महिलाओं को अंडाणु निकालने की कथित प्रक्रिया की जानकारी थी और क्या वे अपनी मर्जी से इसके लिए तैयार हुई थीं, या उन्हें किसी तरह के झांसे में रखकर यहां लाया गया था. हॉस्टल संचालकों, संभावित बिचौलियों और फर्टिलिटी सेंटरों के बीच संपर्क की भी पड़ताल की जा रही है. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और करीब 10 महिलाओं से पूछताछ की गई है. फिलहाल जांच जारी है. मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर ही पता चल सकेगा कि हॉस्टल में वास्तव में क्या गतिविधियां चल रही थीं.

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