Muzaffarpur gas pipeline blast: बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार को नाला निर्माण के दौरान भूमिगत पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भीषण हादसा हो गया. सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड स्थित साहू चौक पर खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन की चपेट में गैस पाइपलाइन आ गई. इसके बाद गैस का रिसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग लगने के साथ जोरदार धमाका हो गया. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई गई है. धमाके से आसपास के मकानों, दुकानों और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
नाला निर्माण के लिए खुदाई के दौरान फटी पाइपलाइन
जानकारी के मुताबिक, गोबरसही इलाके में नाला निर्माण का काम चल रहा था. इसी दौरान सड़क की खुदाई के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था. खुदाई करते समय मशीन जमीन के नीचे बिछी पीएनजी गैस पाइपलाइन से टकरा गई और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई. इसके बाद गैस तेजी से बाहर निकलने लगी. कुछ ही देर में आग भड़क उठी और जोरदार धमाका हुआ. धमाके के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए.
धमाके से घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के रिहायशी मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा. कई घरों के शीशे टूट गए और दीवारों में दरारें आने की खबर है. धमाके की चपेट में सड़क से गुजर रही थार गाड़ी समेत कई वाहन भी आ गए. थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कुछ रिपोर्टों में आठ घरों और 12 दुकानों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है. हालांकि, नुकसान का पूरा आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.
एक की मौत, छह लोग घायल
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने हादसे में एक व्यक्ति की मौत और छह लोगों के घायल होने की पुष्टि की है. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है. शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल एक मौत की पुष्टि हुई है. इसलिए थार में सवार दो लोगों की मौत या अन्य अपुष्ट दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना सही नहीं माना जा सकता.
दमकल, पुलिस और तकनीकी टीमें मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं. राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. गैस रिसाव से दोबारा आग लगने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बरती. पुलिस, एसडीआरएफ और इंडियन ऑयल के विशेषज्ञों के बीच भी समन्वय किया गया, ताकि गैस रिसाव से पैदा हुए खतरे को नियंत्रित किया जा सके.