Rewa Medical College video case: मध्य प्रदेश के रीवा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केडी सिंह से जुड़ा कथित अश्लील वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई है. मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं. डीन डॉ. शशिधर गर्ग ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता, रिकॉर्डिंग की जगह और उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू
जानकारी के मुताबिक, कथित वीडियो सोमवार सुबह सामने आया. इसमें अस्पताल के अंदर जैसा दिखाई देने वाला एक कमरा नजर आ रहा है. वीडियो की रिकॉर्डिंग 17 जून 2025 की बताई जा रही है. दावा किया जा रहा है कि इसमें रात 11 बजकर 38 मिनट का समय दर्ज है. हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर गर्ग ने जांच के निर्देश दिए हैं. जांच के दौरान वीडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग की वास्तविक जगह, उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान और रिकॉर्डिंग की तारीख व समय से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी. संबंधित चिकित्सक का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है.
पुराने विवाद के बाद फिर चर्चा में डॉक्टर
डॉ. केडी सिंह इससे पहले भी निजी विवाद को लेकर चर्चा में आए थे. करीब छह महीने पहले उनकी पत्नी द्वारा उन्हें कथित तौर पर एक युवती के साथ पकड़े जाने और युवती के साथ मारपीट की घटना से जुड़ी खबरें सामने आई थीं. अब कथित वीडियो सामने आने के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में है. हालांकि, पुराने विवाद से जुड़ी जानकारी और मौजूदा वीडियो के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए दोनों घटनाओं को जोड़कर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि का इंतजार है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वीडियो वास्तविक है या नहीं, इसे कहां रिकॉर्ड किया गया था और इसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है. फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.