<
Categories: धर्म

Achaleshwar Mahadev Temple Mystery: क्या सच में भगवान शिव के अंगूठे पर टिका है पूरा माउंट आबू? पढ़िए अचलेश्वर महादेव मंदिर पूरी कहानी

Achaleshwar Mahadev Temple Mystery: देशभर में भगवान शिव के हजारों मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. लेकिन राजस्थान में एक ऐसा प्राचीन धाम भी है, जहां न तो शिवलिंग की पूजा होती है और न ही भोलेनाथ की मूर्ति की. आइए जानते हैं इस धाम के बारे में विस्तार से.

Achaleshwar Mahadev Temple Mystery: देशभर में भगवान शिव के हजारों मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. लेकिन राजस्थान में एक ऐसा प्राचीन धाम भी है, जहां न तो शिवलिंग की पूजा होती है और न ही भोलेनाथ की मूर्ति की. यहां भक्त भगवान शिव के दाहिने पैर के अंगूठे के दिव्य निशान की आराधना करते हैं. मान्यता है कि इसी अंगूठे के सहारे पूरा माउंट आबू पर्वत आज भी अडिग खड़ा है. यही वजह है कि सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है.

राजस्थान के सिरोही जिले में अरावली पर्वतमाला के बीच बसे अचलगढ़ क्षेत्र में अचलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है. माउंट आबू से करीब 11 किलोमीटर दूर यह प्राचीन मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और पौराणिक इतिहास के कारण देशभर में प्रसिद्ध है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.

यहां शिवलिंग नहीं, भगवान शिव के अंगूठे की होती है पूजा

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत पंचधातु से बनी विशाल नंदी प्रतिमा करती है. कहा जाता है कि इस प्रतिमा का वजन करीब चार टन है.गर्भगृह में पहुंचने पर बाकी शिव मंदिरों की तरह शिवलिंग नहीं दिखाई देता. यहां एक प्राकृतिक पाताल कुंड है, जिसके ऊपर बनी चट्टान पर भगवान शिव के दाहिने पैर के अंगूठे का निशान माना जाता है. श्रद्धालु इसी पवित्र निशान पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर पूजा करते हैं.

क्यों कहा जाता है कि इसी अंगूठे पर टिका है माउंट आबू?

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने अपने दाहिने पैर के अंगूठे से पूरे माउंट आबू पर्वत को स्थिर किया था. इसी कारण उनका यह स्वरूप ‘अचलेश्वर महादेव’ कहलाया.ऐसी भी मान्यता है कि यदि कभी यह दिव्य निशान समाप्त हो गया, तो माउंट आबू का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा. इसी विश्वास के कारण इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था पीढ़ियों से बनी हुई है.

कामधेनु गाय से जुड़ी है मंदिर की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन समय में यहां एक बेहद गहरी ब्रह्म खाई थी. एक दिन महर्षि वशिष्ठ की कामधेनु गाय उसमें गिर गई. गाय को बचाने के लिए महर्षि ने गंगा और सरस्वती का आह्वान किया. दोनों नदियों के प्रभाव से खाई जल से भर गई और गाय सुरक्षित बाहर निकल आई.इसके बाद उस विशाल खाई को स्थायी रूप से भरने की चिंता हुई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

कैसे बना आबू पर्वत?

कथाओं में बताया गया है कि महर्षि वशिष्ठ ने हिमालय से सहायता मांगी. तब हिमालय ने अपने पुत्र नंदीवर्धन को भेजा. अर्बुद नाग की सहायता से वे उस स्थान पर पहुंचे और खाई को भरने लगे.इसी दौरान नंदीवर्धन स्वयं जमीन में धंसने लगे और उनका ऊपरी भाग बाहर रह गया, जिसे आगे चलकर आबू पर्वत कहा गया. जब पर्वत डगमगाने लगा, तब भगवान शिव ने अपने पैर का अंगूठा रखकर उसे हमेशा के लिए स्थिर कर दिया. तभी से इस स्थान को अचलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है.

दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से यहां भगवान शिव के अंगूठे पर जल अर्पित करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन और मेले का भी आयोजन होता है.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Share
Published by
Shivashakti narayan singh

Recent Posts

IND vs NZ 3rd T20I Live Streaming: कब और कहां देखें भारत-न्यूजीलैंड का मैच, जानें पूरी डिटेल

IND vs NZ 3rd T20I Live Streaming 2026: भारत-न्यूजीलैंड का तीसरा टी20 मैच 27 अक्टूबर…

Last Updated: October 26, 2026 16:31:09 IST

Rewa Medical College video case: रीवा के चर्चित डॉक्टर केडी सिंह फिर सुर्खियों में, वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू

Rewa Medical College video case: रीवा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केडी सिंह से जुड़े…

Last Updated: October 26, 2026 16:23:54 IST

Jamia Protest: छात्र संघ चुनाव की मांग पर जामिया में बवाल, छात्राओं और महिला पुलिस के बीच धक्का-मुक्की; कैंपस में तनाव

Jamia Protest: दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में बीते कई दिनों से प्रदर्शन चल…

Last Updated: October 26, 2026 15:41:07 IST

प्रेमिका के परिवार को नागवार गुजरा रिश्ता, युवक समेत पिता और चाचा के साथ हैवानियत

Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक परिवार को अपनी बेटी का रिश्ता…

Last Updated: October 26, 2026 15:19:36 IST

शादी के 4 महीने बाद होटल में बैंक मैनेजर की पत्नी की मौत, CCTV में कैद हुआ आखिरी पल; पिता ने लगाया हत्या का आरोप

Jhansi Hotel Wife Death Case:मुस्कान सिमौलिया की शादी के तीन महीने बाद ही संदिग्ध हालात…

Last Updated: October 26, 2026 15:09:15 IST

Mathura Crime: हिंदू लड़के से शादी करने पर बहन की हत्या कर जमीन में गाड़ा, 15 दिन तक जीजा को देता रहा धोखा, ऐसे खुला खौफनाक राज

Mathura Crime:पुलिस ने सबसे पहले युवती के परिवार से पूछताछ की. वे गोलमोल जवाब देते…

Last Updated: October 26, 2026 14:59:50 IST