<
Categories: धर्म

अष्टधातु का रहस्य: जानिए क्यों प्राचीन भारत और नेपाल में इस आठ धातुओं के मिश्रण को पवित्र माना जाता था और कैसे यह लाता था समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा

What is Ashtadhatu: अष्टधातु प्राचीन भारत और नेपाल में पूजा, मूर्तियों और ताबीज बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला आठ धातुओं का पवित्र मिश्रणथा. इसे पवित्र इसलिए माना जाता था क्योंकि प्रत्येक धातु का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व था, जो जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करता था. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

Ashtadhatu Mystery: अष्टधातु में मुख्य रूप से सोना, चांदी, ताम्र, तांबा, लोहा, सिसा, कांस्य और पारा शामिल होते थे, लेकिन समय और क्षेत्र के अनुसार इनका अनुपात बदलता रहता था. प्राचीन कारीगर मूर्तियों, पूजा की चीजों और ताबीजों को बनाते समय धातु विज्ञान, रसायन विज्ञान, प्रतीकात्मकता और आध्यात्मिक तत्व को एक साथ मिलाते थे. इस मिश्रण और विधि से न केवल मूर्तियां टिकाऊ बनती थीं बल्कि उनका आध्यात्मिक प्रभाव और ऊर्जा प्रवाह भी होता था.

अष्टधातु का शाब्दिक अर्थ है ‘आठ धातुओं का मिश्रण’. प्राचीन ग्रंथों, जैसे ‘रस रत्न समुच्चय’ और ‘शिल्प शास्त्र’, में इसे पवित्र और शुभ धातु मिश्रण माना गया.मुख्य रूप से यह पूजा की मूर्तियां, ताबीज, आरती के बर्तन और आभूषण बनाने में इस्तेमाल होती थी.

अष्टधातु में कौन-कौन सी धातुएं शामिल होती थीं?

परंपरागत रूप से अष्टधातु में ये आठ धातुएं मानी जाती थीं 

  • सोना (Gold)- ऐश्वर्य, सूर्य का प्रतीक, अमरता
  • चांदी (Silver)- चंद्र, शुद्धता और मानसिक शांति
  • ताम्र (Copper)- ऊर्जा का संचार, स्वास्थ्य, सौभाग्य
  • तांबा (Brass)- मंगल ऊर्जा, शक्ति और सामर्थ्य
  • लोहे (Iron)-  मजबूती, सुरक्षा और शक्ति
  • सिसा (Lead)-  पृथ्वी तत्व, स्थिरता
  • कांस्य (Bronze)-  धैर्य और संतुलन
  • पारा (Mercury)- जीवन ऊर्जा, आध्यात्मिक जागरण

 समय और क्षेत्र के अनुसार मिश्रण में कुछ धातुओं की मात्रा या चयन अलग हो सकता था. जैसे नेपाल में कांस्य और तांबे का अनुपात ज्यादा होता था, जबकि भारत के कुछ क्षेत्रों में चांदी और सोने की मात्रा बढ़ी हुई मिलती थी.

क्यों इसे पवित्र माना जाता था?

आध्यात्मिक दृष्टि से: अष्टधातु में सूर्य, चंद्र, मंगल आदि ग्रहों के प्रतीक शामिल होते थे. इसे पहनने या पूजा में लगाने से शुभ प्रभाव और सकारात्मक ऊर्जा आती मानी जाती थी.
वैज्ञानिक दृष्टि से: मिश्र धातु की स्थिरता, टिकाऊपन और जंग-प्रतिरोधी गुण मूर्तियों और ताबीजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखते थे.
प्रतीकात्मक दृष्टि से: प्रत्येक धातु का अपना रासायनिक और ज्योतिषीय महत्व था. जैसे तांबा मंगल और शक्ति का, चांदी शांति और मानसिक शुद्धि का प्रतीक.

क्षेत्र और समय के अनुसार बनावट में अंतर

भारत

वैदिक काल और मध्यकाल में अष्टधातु के मिश्रण का अनुपात धार्मिक मान्यता और उपलब्ध धातुओं पर निर्भर करता था. उत्तर भारत में सोने और चांदी की मात्रा अधिक, दक्षिण में ताम्र और कांस्य की.

नेपाल

 नेपाल में तिब्बती बौद्ध प्रभाव की वजह से मूर्तियों में कांस्य और तांबे का अनुपात अधिक था. मूर्तियों पर जटिल नक्काशी और मंत्र दिखना आम था.

समय के अनुसार

 प्राचीन काल में पिघलाने और मिश्रण तकनीक सीमित थी, इसलिए धातु अधिक प्राकृतिक अनुपात में रहती थी.मध्यकाल में रसायन विज्ञान और शिल्प तकनीक में सुधार हुआ, जिससे मिश्रण अधिक स्थिर और जटिल बन गया.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

Budh Uday 2026: 18 मार्च को कुंभ राशि में उदित होंगे बुध, इन 3 राशियों को होगा धन लाभ, मिलेगी करियर में भी तरक्की

Budh Uday 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध जल्द ही कुंभ राशि में उदित होने वाले…

Last Updated: March 17, 2026 17:06:53 IST

किसी ने 125 तो किसी ने 124 मीटर, IPL में इन 5 खिलाड़ियों ने लगाए हैं सबसे लंबे छक्के, 2 भारतीय भी लिस्ट में

Longest Sixes In IPL: आईपीएल इतिहास में सबसे लंबे छक्के लगाने वाले टॉप-5 खिलाड़ियों की…

Last Updated: March 17, 2026 17:05:15 IST

कौन हैं WWE सुपरस्टार सेथ रॉलिंस? जिन्होंने महिला रेसलर से रचाई है शादी, करोड़ों में नेटवर्थ

WWE के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक सेथ फ्रीकिन रॉलिंस (Seth Rollins) ने रेसलिंग…

Last Updated: March 17, 2026 16:58:21 IST

धुरंधर में ‘हवा-हवा’ गाने के लिए मेकर्स ने दिए थे 50,000 डॉलर, पाकिस्तानी सिंगर ने किया बड़ा खुलासा, वीडियो वायरल

फिल्म ‘धुरंधर’ में संजय दत्त की धमाकेदार एंट्री पर बजने वाला ‘हवा हवा’ गाने ने…

Last Updated: March 17, 2026 16:56:32 IST

धोखा खाने के बाद भी नहीं टूटी महिला, 85 हजार में पति को किराए पर देकर लिया ऐसा बदला,जानकर रह जाएंगे हैरान

Thailand Viral News: थाईलैंड में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है,…

Last Updated: March 17, 2026 16:43:38 IST

ECHS Card Fraud: कहीं आपके नाम पर भी तो नहीं चल रहा फर्जी इलाज? ECHS कार्ड फर्जीवाड़ा में महिला समेत 4 गिरफ्तार

हॉस्पिटल के भारी बिल से परेशान लोगों को अपना शिकार बना रहा था यह शातिर…

Last Updated: March 17, 2026 16:32:06 IST