<
Categories: धर्म

Aaj Kaun si Mata ka Din hai: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करें? जानें पूजन विधि, मंत्र और कथा

Chaitra Navratri 2026 Day 5: आज शक्ति साधना के नवरात्रि महापर्व में पांचवां दिन देवी दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा के लिए है. इस दिन देवी के साधक जप, व्रत आदि नियमों का पालन करते हुए मां स्कंदमाता की विधि​-विधान से पूजा करते हैं. जानिए, चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें? स्कंदमाता की पूजा में क्या-क्या सामग्री चाहिए? मां स्कंदमाता की पूजा में किन मंत्रों का जप करना चाहिए? इस बारे में India News को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-

Chaitra Navratri 2026 Day 5: शक्ति साधना का चैत्र नवरात्रि महापर्व इस बार 9 दिन का है. इस महापर्व का पांचवां दिन दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा के लिए है. यानी 23 मार्च को भक्त मां स्कंदमाता की पूजा करेंगे. धार्मिक मान्यता है कि, देवी स्कंद भगवान या फिर कहें भगवान कार्तिकेय को गोद में लिए हुए शेर पर सवार हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार, देवी के दिव्य स्वरूप की पूजा करने पर साध को सुख-समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है. मां स्कंदमाता की नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा करने से व्यक्ति को दिव्य वस्तुओं की प्राप्ति हो सकती है. अब सवाल है कि आखिर, चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की पूजा कैसे करें? स्कंदमाता की पूजा में क्या-क्या सामग्री चाहिए? मां स्कंदमाता की पूजा में किन मंत्रों का जप करना चाहिए? नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को क्या भोग लगाएं? मां स्कंदमाता की कथा क्या है? इस बारे में India News को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री- 

मां स्कंदमाता का स्वरूप कैसा है?

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, स्कंदमाता को नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप माना जाता है. देवी की चार भुजाएं हैं. दाईं ओर की ऊपरी भुजा में वह भगवान स्कंद को अपनी गोद में बैठाए हैं, जबकि नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है. बाईं ओर की ऊपरी भुजा वरद मुद्रा में होती है, जो भक्तों को आशीर्वाद देती है और नीचे वाली भुजा में भी कमल का फूल सुशोभित रहता है. स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान हैं, इसलिए उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है. 

मां स्कंदमाता की पूजा के लिए सामग्री

– पीले रंग के वस्त्र (माता के लिए और स्वयं धारण करने के लिए).
– पीले फूल, विशेष रूप से कमल या गेंदे के फूल.
– केले, केसर वाली खीर या बेसन के लड्डू.
– रोली, कुमकुम, सिंदूर, अक्षत (चावल), गंध, धूप और दीप.
– पान, सुपारी, लौंग, गंगाजल और कपूर. 

मां स्कंदमाता की पूजा करने की विधि

नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंद माता का पूजन करने के लिए प्रात: काल स्नान-ध्यान करें. इसके बाद ईशान कोण में एक चौकी पर हरे रंग का कपड़ा बिछाकर देवी की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें. फिर मां स्कंदमाता की फल-फूल, धूप-दीप, चंदन-रोली, सिंदूर-हल्दी, दूर्वा, आभूषण, वस्त्र, भोग आदि चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा करें. मां स्कंदमाता की पूजा में केले का विशेष रूप से भोग लगाएं और उसके बाद स्कंदमाता के मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः’ का अधिक से अधिक जप करें. पूजा के अंत में देवी स्कंदमाता की आरती करें और सभी को प्रसाद बांटने के बाद स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें. 

मां स्कंदमाता की पूजा के मंत्र

1. सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

2. या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां स्कंदमाता का प्रिय भोग

नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की आराधना का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन माता को केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है. पूजा के बाद इस प्रसाद को श्रद्धापूर्वक ग्रहण करने से संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं भी कम होती हैं. शास्त्रों में स्कंदमाता की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है. मान्यता है कि सच्चे मन से उनकी उपासना करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के पांचवें दिन पूजी जाने वाली मां स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता और ज्ञान व ममता का प्रतीक हैं. उनकी पूजा से संतान सुख, पारिवारिक शांति, एकाग्रता, ज्ञान और असीम समृद्धि की प्राप्ति होती है. स्कंदमाता का आशीर्वाद भक्तों के दुखों को दूर करता है और नकारात्मकता को समाप्त कर जीवन में सकारात्मकता लाता है.

मां स्कंदमाता की व्रत कथा Skandmata Vrat Katha

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार तारकासुर नाम के राक्षस ने परमपिता ब्रह्मा जी को प्रसन्न करने के लिए कठिन तप किया. इसके बाद जब ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर उससे वरदान मांगने को कहा तो उसने उनसे अमर होने का वर मांगा. इसके बाद ब्रह्मा जी ने उसे समझाया कि ऐसा तो संभव नहीं है. हर जन्म लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है. इसके बाद तारकासुर ने उनसे यह वर मांगा कि उनकी मृत्यु सिर्फ और सिर्फ भगवान शिव के पुत्र से ही संभव हो. उस समय शिव ने विवाह नहीं किया था और तारकासुर को यकीन था कि महादेव आगे भी विवाह नहीं करेंगे, जिसके कारण वह अमर रहेगा.

इसके बाद जब तारकासुर ने पृथ्वी पर अपना आतंक फैलाना शुरु किया तो देवताओं ने महादेव को माता पार्वती के साथ विवाह करने के लिए राजी कर लिया. विवाह के बाद शिव और पार्वती माता की भगवान स्कंद या कहें कार्तिकेय देवता के रूप में संतान हुई. मान्यता है कि स्कंदमाता से प्रशिक्षण के बाद भगवान स्कंद ने तारकासुर का वध किया. 

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Recent Posts

अंतिम इच्छा ऐसी कि सब रह गए दंग! शव के सामने हुआ ग्लैमरस डांस, सोशल मीडिया पर मचा तूफान

Glamorous Dance at Funeral: थाईलैंड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल…

Last Updated: May 2, 2026 22:38:51 IST

भीड़ में छिपा ‘सुरों का सितारा’! ऐसा गाया नुसरत फतेह अली खान का गाना सुन दंग रह गए मंच के कलाकार

Viral Singing Video: वायरल वीडियो में, गायकों का एक ग्रुप मंच पर लाइव परफ़ॉर्मेंस देते…

Last Updated: May 2, 2026 22:26:21 IST

Rewa News: रफ्तार का कहर… डिवाइडर फांद घर में घुसा ट्रेलर, मची अफरा-तफरी

Rewa News: रीवा के मनगवां नेशनल हाईवे पर शनिवार की दोपहर  एक बार फिर तेज…

Last Updated: May 2, 2026 19:43:38 IST

T20 Women’s World Cup: टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का एलान, इस बड़े खिलाड़ी को नहीं मिली जगह; देखें पूरी टीम

T20 Womens World Cup:इस स्क्वॉड में कैप्टन हरमनप्रीत और वाइस-कैप्टन स्मृति मंधाना के साथ-साथ कई…

Last Updated: May 2, 2026 18:54:26 IST

जंगल में खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका; पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया

Chhattisgarh Crime News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल में एक…

Last Updated: May 2, 2026 18:40:34 IST