Diwali 2026: दिवाली आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. कोई सोने-चांदी के गहने खरीदता है तो कोई नए बर्तन, कपड़े और घर की सजावट का सामान. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली के पांचों दिनों में अलग-अलग चीजें खरीदने की परंपरा है? मान्यता है कि इन दिनों कुछ खास सामान घर लाने से सुख-समृद्धि आती है और घर में खुशहाली बनी रहती है. दिवाली का त्योहार धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है. इन पांच दिनों में धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज मनाए जाते हैं. हर दिन का अपना अलग महत्व है और इसी के हिसाब से खरीदारी भी की जाती है.
धनतेरस: सोना-चांदी से लेकर झाड़ू तक खरीदने की परंपरा
दिवाली की शुरुआत धनतेरस से होती है. इस साल यह त्योहार 6 दिसंबर को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि धनतेरस पर नई चीजें खरीदकर घर लाने से बरकत बनी रहती है. यही वजह है कि इस दिन बाजारों में बर्तन, सोने-चांदी के सिक्कों और गहनों की खूब बिक्री होती है.
धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी मानी जाती है शुभ
- सोने और चांदी के सिक्के या गहने
- पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन
- घर में इस्तेमाल होने वाली नई झाड़ू
- साबुत धनिया
छोटी दिवाली: घर सजाने और नई चीजें लाने का दिन
धनतेरस के बाद छोटी दिवाली आती है, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं. इस साल यह त्योहार 7 नवंबर को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था. इसलिए इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है. छोटी दिवाली पर लोग घरों में दीपक जलाते हैं और सजावट करते हैं. इस दिन नए कपड़े, मिट्टी के दीये और सौंदर्य से जुड़ी चीजें खरीदने की परंपरा भी है.
छोटी दिवाली पर क्या खरीदें?
- नए कपड़े और वस्त्र
- मिट्टी के दीये
- सुगंधित तेल
- उबटन और सौंदर्य से जुड़ा सामान
- मिठाइयां
बड़ी दिवाली: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना माना जाता है शुभ
इस साल 8 नवंबर 2026 को बड़ी दिवाली मनाई जाएगी. इस दिन का इंतजार बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को रहता है. घरों में रंगोली बनाई जाती है, दीये जलाए जाते हैं और शाम को माता लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा होती है. दिवाली पर लोग नई मूर्तियां खरीदकर घर लाते हैं. इसके अलावा पूजा की थाली, दीपक, खील-बताशे और मिठाइयों की भी खरीदारी की जाती है. व्यापार करने वाले लोग इस दिन नए बहीखाते और कलम की पूजा भी करते हैं.
बड़ी दिवाली पर ये चीजें खरीद सकते हैं:
- माता लक्ष्मी और
- भगवान गणेश की मूर्तियां
- खील और बताशेपूजा की थाली और दीपक
- नए कपड़े और उपहार
- बहीखाता और कलम
- फूल, माला और मिठाइयां
गोवर्धन पूजा: अन्नकूट के लिए खरीदें अनाज और सब्जियां
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा मनाई जाती है. इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा होती है. मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के प्रकोप से ब्रज के लोगों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था. इसी याद में लोग गोवर्धन पूजा करते हैं. कई घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और भगवान कृष्ण को कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है. इस दिन गाय की पूजा भी की जाती है.
गोवर्धन पूजा पर इन चीजों की खरीदारी कर सकते हैं:
- अन्नकूट के लिए अनाज और सब्जियां
- पूजा के लिए फूल और माला
- दीपक और अगरबत्ती
- गाय की पूजा का सामान
- घर सजाने के लिए बंदनवार
भाई दूज: भाई के लिए खरीदें गिफ्ट और मिठाइयां
पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली के त्योहार का आखिरी दिन भाई दूज होता है. इस साल 11 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी. यह त्योहार भाई-बहन के प्यार को समर्पित है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र व खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. भाई भी अपनी बहनों को उपहार देते हैं. इस मौके पर घरों में खास पकवान और मिठाइयां भी बनाई जाती हैं.
भाई दूज पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
- भाई के लिए कपड़े और गिफ्ट
- मिठाइयां और फल
- रोली और अक्षत
- पूजा की थाली
- नारियल