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Holi 2026: आज मनाया जा रहा है रंगों का महापर्व, जानिए किस शुभ मुहूर्त में खेलें रंग ताकि सालभर बनी रहे सुख-समृद्धि

Holi 2026: देशभर में आज होली का रंगीन उत्सव मनाया जा रहा है. अगर आप भी रंगों के इस त्योहार को पूरे शुभ फल के साथ मनाना चाहते हैं, तो जान लें रंग खेलने का सही समय क्या है. साथ ही समझें होली का धार्मिक महत्व, इसके पीछे छिपा वैज्ञानिक कारण और क्यों इस दिन रंगों को खास ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. सही जानकारी के साथ मनाई गई होली आपके जीवन में खुशियां और सकारात्मकता ला सकती है.

Holi 2026: आज देश के कोने-कोने में रंगों का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. होली हर साल चैत्र मास में आती है, जो मौसम बदलने का संकेत देता है. सर्दियों के बाद का यह समय कई लोगों के लिए शारीरिक थकावट और मानसिक सुस्ती लेकर आता है. ऐसे में होली का उल्लास जीवन में नई ताजगी भर देता है.

रंगों से खेलना, ढोल की थाप पर नाचना, दोस्तों और परिवार के साथ हंसी-मजाक करनाये सब मन की भारीपन को हल्का कर देते हैं. रंगों की चमक और उनकी सुगंध मूड को बेहतर बनाती है और तनाव कम करने में मदद करती है.सबसे खास बात यह है कि इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते हैं. बातचीत, मेल-मिलाप और सामूहिक उत्सव रिश्तों को मजबूत बनाते हैं और दिलों में सकारात्मकता जगाते हैं. यही कारण है कि होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि मन और रिश्तों को नया रंग देने का अवसर भी है.

होली में रंग खेलने का सही समय क्या है?

अगर आप भी सोच रहे हैं कि रंग खेलने की शुरुआत कब करें, तो मान्यता है कि सुबह का समय सबसे बेहतर रहता है. द्रिक पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय के बाद से ही रंगों का उत्सव शुभ माना गया है.सुबह का वातावरण शांत, ताजा और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है. यही वजह है कि परंपरा में होली का रंग सुबह खेलने की सलाह दी जाती है. आमतौर पर लोग 8 बजे के आसपास दोस्तों और परिवार के साथ रंग लगाना शुरू करते हैं.दोपहर 12 या 1 बजे तक रंगों का कार्यक्रम समाप्त कर देना अच्छा माना जाता है. इसके बाद अत्यधिक शोर या देर तक रंग खेलना परंपरागत रूप से उचित नहीं समझा जाता.होली का असली मजा तब है जब इसे संतुलित तरीके से मनाया जाए.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

 

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

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