<
Categories: धर्म

मंदिर में पूजा के बाद परिक्रमा क्यों जरूरी मानी जाती है? जानिए कैसे दूर होती हैं जीवन की समस्याएं

Number of Rounds: अक्सर आपने देखा होगा कि मंदिर में पूजा के बाद लोग श्रद्धा से परिक्रमा करते हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि परिक्रमा किस लिए कि जाती है,धार्मिक ग्रंथों में इस विषय को विस्तार से समझाया गया है.

Parikrama in Temple: मान्यता है कि देवी-देवताओं की मूर्ति से सकारात्मक ऊर्जा उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होती है. यही कारण है कि परिक्रमा हमेशा दाईं ओर से शुरू की जाती है और घड़ी की दिशा में पूरी की जाती है.इसी प्रक्रिया को प्रदक्षिणा कहा जाता है, जिसका अर्थ है,ईश्वर को अपने केंद्र में रखकर उनके चारों ओर घूमना.

किस देवता की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए?

परिक्रमा की संख्या भी विशेष महत्व रखती है. सामान्यतः इसे विषम संख्या (1, 3, 5, 7, 9, 11, 21) में किया जाता है, लेकिन कुछ देवी-देवताओं के लिए अलग नियम बताए गए हैं:

  • सूर्य देव – 7 बार
  • गणेश जी – 3 बार
  • मां दुर्गा -1 बार
  • हनुमान जी – 3 बार
  • भगवान शिव (शिवलिंग) – आधी परिक्रमा (जलधारी पार नहीं करते)
  • शिव-पार्वती – 3 बार
  • शनिदेव – 7 बार
  • भगवान विष्णु और उनके अवतार – 4 बार

परिक्रमा के दौरान कौन सा मंत्र बोलें?

परिक्रमा करते समय इस मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है:

“यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च.
तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे..”

इसका भावार्थ है कि इस जन्म और पिछले जन्मों के सभी पाप, हर कदम के साथ समाप्त हो जाएं. श्रद्धा के साथ इस मंत्र का उच्चारण करने से मन में शांति और सकारात्मकता बढ़ती है.

परिक्रमा से क्या मिलते हैं लाभ?

जब व्यक्ति पूरी आस्था के साथ परिक्रमा करता है, तो उसके अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. धीरे-धीरे जीवन की परेशानियां कम होने लगती हैं और मानसिक शांति मिलती है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे नकारात्मकता दूर होती है, आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से भी आगे बढ़ता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

रोज बड्स स्कूल में वार्षिक महोत्सव ‘लक्ष्य 2026 (संस्कार से सफलता तक)’ भव्य रूप से मनाया गया

खुले आसमान के नीचे पार्टी प्लॉट में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा ने सभी…

Last Updated: April 7, 2026 19:52:21 IST

सेंसेक्स 30 हजार गिर जाए, महंगाई 19% बढ़ जाए तो भी मंजूर, पर… शंकर शर्मा की पोस्ट ने पाकिस्तान की निकाली हवा!

Shankar Sharma: दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने पाकिस्तान के शांति प्लान पर कड़ा प्रहार किया…

Last Updated: April 7, 2026 19:42:39 IST

सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल :हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान

नई दिल्ली, अप्रैल 07: भारत एक ऐसी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है जो संक्रमण…

Last Updated: April 7, 2026 19:22:20 IST

ना फूल, ना प्रसाद… यहां माता को अर्पित होते हैं सिर्फ 5 पत्थर! जानिए क्यों है ये अनोखा नियम

Maa Bagdai Mandir: हमारे देश में माता रानी के अनेक मंदिर हैं, जो अपनी अलग-अलग…

Last Updated: April 7, 2026 19:17:25 IST

Triumph 350cc vs 400cc में कितना अंतर, रोजाना के लिए बेहतर या हाईवे पर रोमांच में आएगा मजा

ट्रायम्फ 350 को हाल ही में अपडेट करके 400 सीसी को लॉन्च किया गया है.…

Last Updated: April 7, 2026 19:12:28 IST

क्या रावण सिर्फ खलनायक था? नितेश तिवारी का बड़ा खुलासा, ‘रामायण’ में दिखेगा Ravana का अनदेखा चेहरा

Ramayana: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' को लेकर निर्देशक ने बड़ा खुलासा किया है.…

Last Updated: April 7, 2026 19:10:57 IST