<

सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल :हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान

You Might Be Interested In कौन हैं मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 साध्वी सतीश सैल? खूबसूरती देख चौंधिया जाएंगी आंखें Who is Lizlaz: कोहली के लाइक से वायरल हुईं…

नई दिल्ली, अप्रैल 07: भारत एक ऐसी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है जो संक्रमण से नहीं फैलती, फिर भी चुपचाप और लगातार लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां अब देश में होने वाली अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। संचारी रोगों के विपरीत, ये स्थितियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं, अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के, और ज्यादातर तब पता चलती हैं जब नुकसान पहले ही अपरिवर्तनीय हो चुका होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2021 में ग्लोबल स्तर पर नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के कारण कम से कम 4.3 करोड़ मौतें हुईं। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है। हाल के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2023 के बीच NCDs देश में कुल मौतों का लगभग 57-63% हिस्सा हैं। बदलाव स्पष्ट है: भारत का रोग बोझ अब केवल संक्रमणों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी और पुरानी बीमारियों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है, जिनके लिए जल्दी पता लगाना और लंबे समय तक प्रबंधन जरूरी है।

राष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध हॉस्पिटल के डॉ अनुराग मेहरोत्रा की जगाने की घंटी

NCDs के बढ़ते प्रभाव को उच्चतम नीति स्तर पर भी स्वीकार किया गया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने माना कि भारत की स्वास्थ्य चुनौतियां अब डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसी बीमारियों से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति (Biopharma SHAKTI) के लिए 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो नवाचार, रोकथाम और स्वास्थ्य तैयारियों पर जोर देता है।

इसी के साथ, NCD कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्क्रीनिंग अभियान तेजी से बढ़े हैं। हाइपरटेंशन और डायबिटीज के लिए 40 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग पहले ही हो चुकी हैं। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल स्क्रीनिंग की संख्या काफी नहीं है। असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है जिनके लिए पहुंच, सामर्थ्य और समय बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं।

अस्पताल की दीवारों से बाहर स्वास्थ्य सेवाएं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिद्ध मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने इस चुनौती का सामना करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर-द्वार और काम की जगह तक ले जाने का फैसला किया है। डॉ. अनुराग मेहरोत्रा की नेतृत्व में अस्पताल ने नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज की रोकथाम, जागरूकता और जल्दी निदान पर केंद्रित एक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल शुरू की है।

इस प्रयास का मुख्य आधार है स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा (Swasth Suraksha Yatra), जो सिद्ध हॉस्पिटल की हॉस्पिटल ऑन व्हील्स द्वारा संचालित है। यह एक मोबाइल स्वास्थ्य इकाई है जो गांवों, कारखानों और पिछड़े इलाकों में जरूरी जांच और स्क्रीनिंग सेवाएं सीधे पहुंचाती है।

डॉ. मेहरोत्रा कहते हैं, “ज्यादातर लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच में देरी कोई विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी है। काम का एक दिन छूटना मजदूरी गंवाने जैसा है। अस्पताल तक जाना अक्सर इलाज को अनिश्चितकाल के लिए टाल देता है। हमारा लक्ष्य इन बाधाओं को दूर करना है — स्वास्थ्य को लोगों तक ले जाना।”

अपने नंबर्स जानिए: सरल लेकिन शक्तिशाली विचार

सिद्ध हॉस्पिटल के आउटरीच कार्यक्रम का केंद्र है “Know Your Numbers” कैंपेन। विचार बहुत सरल लेकिन बदलाव लाने वाला है: हर व्यक्ति को अपने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों को उतनी ही आसानी से जानना चाहिए जितनी आसानी से वह अपना मोबाइल नंबर या आधार नंबर जानता है।

इस कैंपेन के तहत लोगों को नियमित रूप से ट्रैक करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है:

  • वजन, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और कमर का साइज — जो मोटापे से जुड़े जोखिम को दर्शाते हैं
  • ब्लड प्रेशर — हृदय रोग और स्ट्रोक का महत्वपूर्ण संकेत
  • ब्लड शुगर लेवल — डायबिटीज का जल्दी पता लगाने और नियंत्रण के लिए जरूरी
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल — लंबे समय तक हृदय स्वास्थ्य से जुड़ा
  • फैमिली रिस्क स्कोर — NCDs के प्रति विरासत में मिले जोखिम का संकेत
  • औसत व्यायाम की अवधि — रोजाना शारीरिक गतिविधि का स्तर
  • नींद का समय — मेटाबॉलिक, हार्मोनल और हृदय संतुलन के लिए जरूरी
  • स्क्रीन टाइम — sedentary व्यवहार और जीवनशैली संबंधी विकारों से जुड़ा

डॉ. मेहरोत्रा समझाते हैं, “NCDs चुपके से मारने वाले हत्यारे हैं। वे हमेशा दर्द या इमरजेंसी के रूप में खुद को घोषित नहीं करते। लेकिन अगर लोग अपने नंबर्स जल्दी जान लें, तो वे जल्दी कार्रवाई कर सकते हैं। रोकथाम जागरूकता से शुरू होती है और जागरूकता अपने नंबर्स जानने से।”

विश्व स्वास्थ्य दिवस: विज्ञान पहली पंक्ति की रक्षा

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और वैज्ञानिक सोच के महत्व पर जोर दिया।

“इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हम खुद को विज्ञान के राजदूत के रूप में समर्पित करना चाहते हैं — रोगियों और समुदायों की मदद वैज्ञानिक रूप से निर्देशित देखभाल से करना और दिखाना कि साक्ष्य कैसे जिंदगियां बचाते हैं।”

यह संदेश स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा की मूल दर्शन को पूरी तरह कैद करता है: डेटा और विज्ञान से निर्देशित सूचित निर्णय ही बीमारी को रोकने, जटिलताओं को कम करने और बड़े पैमाने पर जिंदगियां बचाने के लिए जरूरी हैं।

हॉस्पिटल ऑन व्हील्स: समय और जिंदगियां बचाने वाली पहुंच

सिद्ध हॉस्पिटल की हॉस्पिटल ऑन व्हील्स केवल एक मेडिकल वैन से कहीं ज्यादा है। यह एक मोबाइल डायग्नोस्टिक और केयर यूनिट है, जिसमें ECG, X-रे, पैथोलॉजी टेस्टिंग, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट, इको सपोर्ट, वेंटिलेटर सपोर्ट, अल्ट्रासाउंड (जहां अनुमति हो) और एकीकृत स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली उपलब्ध है।

कारखानों, मजदूर बस्तियों और गांवों में जाकर यह पहल छिपी स्वास्थ्य लागतों — यात्रा, मजदूरी की हानि और देरी से निदान — को काफी हद तक कम करती है। अस्पताल के कार्यक्रम डेटा के अनुसार, सिद्ध हॉस्पिटल ने अब तक 230 से अधिक मुफ्त मेडिकल कैंप आयोजित किए हैं और 20,000 से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई है। इससे रोकथाम वाली स्क्रीनिंग एक व्यावहारिक आजीविका सुरक्षा उपकरण बन गई है।

आगे का रास्ता

जैसे-जैसे भारत जीवनशैली संबंधी बीमारियों के दीर्घकालिक प्रभाव से जूझ रहा है, सिद्ध हॉस्पिटल अपना दायरा बढ़ा रहा है। मुरादाबाद में अपने मुख्य आधार के साथ-साथ अस्पताल सिद्ध केयर इन ग्रेटर नोएडा शुरू कर रहा है, जो शहरी और अर्ध-शहरी आबादी तक रोकथाम और विशेष स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएगा।

डॉ. अनुराग मेहरोत्रा के नेतृत्व में हॉस्पिटल ऑन व्हील्स एक सच्ची स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा बनती जा रही है — जो न केवल चिकित्सा उपकरण ले जा रही है, बल्कि हर परिवार के लिए एक स्पष्ट संदेश भी: अपने नंबर्स जानिए, अपने जोखिम को समझिए और बीमारी को नियंत्रण में आने से पहले कार्रवाई कीजिए।

विस्तारित रोकथाम देखभाल

मुरादाबाद स्थित अपने आधार के अलावा, सिद्ध हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा में सिद्ध केयर शुरू करके शहरी और अर्ध-शहरी आबादी तक रोकथाम और विशेष स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है।

स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा के साथ सिद्ध हॉस्पिटल भारत भर के परिवारों के लिए एक सरल लेकिन शक्तिशाली संदेश को मजबूत करना चाहता है: अपने नंबर्स जानिए, अपने जोखिम को समझिए और बीमारी को नियंत्रण में आने से पहले कार्रवाई कीजिए।

सिद्ध मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के बारे में

सिद्ध मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एक अग्रणी स्वास्थ्य संस्थान है जो रोकथाम, निदान और विशेष चिकित्सा देखभाल पर ध्यान केंद्रित करता है। हॉस्पिटल ऑन व्हील्स और “Know Your Numbers” कैंपेन जैसी पहलों के माध्यम से सिद्ध हॉस्पिटल समुदायों में वैज्ञानिक रूप से निर्देशित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पता:

सिद्ध मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

इंडस्ट्रियल एस्टेट, सिद्ध हॉस्पिटल

कांठ रोड, हरथला, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश – 244105

वेबसाइट: ncdprevention.in | siddhhospital.org | https://siddhhospital.ai/

डॉ. अनुराग मेहरोत्रा और उनकी टीम का यह प्रयास दिखाता है कि जब स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के करीब आती हैं, तो रोकथाम संभव होती है और जिंदगियां बचती हैं। समय आ गया है कि हम सब अपने नंबर्स जानें और स्वस्थ भारत की यात्रा में योगदान दें।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

Indianews Webdesk

Recent Posts

ऐसी रस्म पहले नहीं देखी होगी! हल्दी में बीयर पीकर टन हुई दुल्हन, वीडियो देख लोग बोले- ‘सास-ससुर तो ऐसी बहू पाकर…’

Haldi Ceremony Viral Video: शादी से पहले हल्दी की रस्म होती है. दूल्हा-दुल्हन की खूबसूरती…

Last Updated: April 27, 2026 23:36:57 IST

IPL Points Table 2026: क्या फाइनल में फिर से भिड़ेंगे पंजाब और बेंगलुरु? दिल्ली की शर्मनाक हार से पॉइंट्स टेबल में मचा गदर

DC vs RCB: दिल्ली की हार और बेंगलुरु की बड़ी जीत ने पॉइंट्स टेबल के…

Last Updated: April 27, 2026 23:17:24 IST

29 अप्रैल को हिमाचल आने वाले पर्यटक ध्यान दें! बंद रहेगी अटल टनल, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, यहां जान लें वजह

President Droupadi Murmu Himachal Visit: 29 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे की वजह…

Last Updated: April 27, 2026 23:08:25 IST

West Bengal Election: क्या पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में भी होगी बंपर वोटिंग? 142 सीटों पर मतदान, मैदान में 1448 उम्मीदवार

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को…

Last Updated: April 27, 2026 22:41:05 IST

विलेन के दमदार किरदारों से पहचान बनाने वाले भरत कपूर का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Bharat Kapoor Death: बॉलीवुड के जाने-माने वेटरन एक्टर भरत कपूर का निधन हो गया है.…

Last Updated: April 27, 2026 22:20:57 IST

MP: ओवरलोड ट्रक बना आफत! मैहर-सरला नगर मार्ग पर पलटा भारी वाहन, घंटों जाम में फंसे रहे लोग

Maihar News: मैहर-सरला नगर मार्ग पर सोमवार को भी सड़क पर बिखरे पत्थरों से ट्रक…

Last Updated: April 27, 2026 22:18:16 IST