<
Categories: धर्म

Yashoda jayanti 2026: यशोदा जयंती कब है? 7 और 8 फरवरी को लेकर भक्तों में कंफ्यूजन, जान‍िए सही तारीख, पूजा मुहूर्त

Yashoda jayanti 2026: पौराणिक कथाओं में जब भी किसी मां का जिक्र होता है, तो यशोदा मैया नाम सबसे ऊपर रखा जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण भगवान कृष्ण का लालन-पालन. क्योंकि, यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण से खून का संबंध न होते हुए भी उन्हें सगी माता का प्रेम दिया था. यही कारण है कि उनकी इस मातृत्व की महिमा को समर्पित यशोदा जयंती मनाई जाती है. ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि, यशोदा जयंती का महत्व क्या है? इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-

Yashoda jayanti 2026: पौराणिक कथाओं में जब भी किसी मां का जिक्र होता है, तो यशोदा मैया नाम सबसे ऊपर रखा जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण भगवान कृष्ण का लालन-पालन. क्योंकि, यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण से खून का संबंध न होते हुए भी उन्हें सगी माता का प्रेम दिया था. बता दें कि, कृष्ण के पिता वासुदेव ने कृष्ण भगवान के पैदा होते ही उन्हें कंस से बचाने के लिए गोकुल में नंद बाबा के पास छोड़ दिया था, इसलिए कृष्ण भगवान को मां यशोदा की माता के रूप में ही जाना जाता है. यही कारण है कि उनकी इस मातृत्व की महिमा को समर्पित यशोदा जयंती मनाई जाती है. इस साल यशोदा जयंती की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है कि, 7 को मनाएं या 8 फरवरी को. इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, साल 2026 में यशोदा जयंती 7 फरवरी दिन शनिवार को मनाई जाएगी. अब सवाल है कि आखिर, यशोदा जयंती का महत्व क्या है? क्या है इस दिन की महिमा? इस बारे में India News को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-

क्यों मनाई जाती है यशोदा जयंती

ज्योतिष जानकार बताते हैं कि, यशोदा जयंती का धार्मिक महत्व यह है कि, यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की पालनकर्ता माता यशोदा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह दिन मातृत्व, स्नेह, त्याग और भक्ति की पराकाष्ठा का स्मरण कराता है. साल 2026 में 7 फरवरी को यशोदा जयंती मनाई जाएगी. कथा के अनुसार, माता यशोदा ने अपने पूर्व जन्म में भगवान विष्णु की तपस्या की थी. विष्णु भगवान ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर और उनसे वर मांगने को कहा. तब मां यशोदा ने कहा कि मेरी तपस्या तभी पूर्ण होगी, जब आप मुझे पुत्र के रूप में प्राप्त होंगे. तब श्री हरि ने कहा कि वो माता देवकी और वासुदेव के घर जन्‍म लेंगे. लेकिन मातृत्व का सुख मुझे उन्‍हें ही प्राप्त होगा. फिर समय के साथ ऐसा ही हुआ, माता यशोदा ने ही श्रीकृष्ण को मातृत्व का सुख दिया और उन्‍होंने भगवान श्रीकृष्ण का लालन और पालन किया. तभी से यशोदा जयंती हिंदू धर्म में एक खास त्योहार के तौर पर मनाया जाता है.  

यशोदा जयंती 2026 कब है? (Yashoda jayanti kab hai 2026)

यशोदा जयंती 7 फरवरी 2026 को शनिवार के द‍िन है. ज्योतिष गणना के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 07 फरवरी को सुबह 1:18 पर होगी. इस तिथि का समापन 08 फरवरी 2026 की सुबह 2:54 बजे को होगा. इसलिए धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अनुष्ठान और व्रत 07 फरवरी को ही किए जाएंगे. व्रती अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद पूजा-पाठ करके व्रत खोल सकते हैं. विशेष समय के लिए स्थानीय पंचांग देखना उत्तम रहेगा.

क्यों किया जाता है यशोदा जयंती पर व्रत

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी पर मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यशोदा जयंती पर पूजा और व्रत रखने से विशेष महत्‍व रहा है. कहा जाता है कि यह व्रत करने से संतान-सुख, पारिवारिक सौहार्द और घर-परिवार में कल्याण होता है. इसलिए विवाहित महिलाएं और दंपत्ति इस दिन विशेष तौर पर पूजा करते हैं. 

यशोदा जयंती कैसे मनाएं

यशोदा जयंती के द‍िन पूजा-अर्चना की जाती है. भक्‍त सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के पश्‍चात स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, ताकि तन के साथ मन भी शुद्ध रहे. इसके बाद भक्‍त घर के पूजा स्थान को साफ कर मां यशोदा और बाल श्रीकृष्ण की तस्वीर या मूर्ति को पीले वस्त्र पहनाते हैं. पूजा में तुलसी, रोली, चंदन, हल्दी, धूप-दीप, ताजे फूल और फल मां यशोदा को अर्पित किए जाते हैं. बाल कृष्ण के प्रिय भोग के रूप में माखन-मिश्री चढ़ाई जाती है, जिससे पूजा में वात्सल्य और प्रेम का भाव जुड़ जाता है.

यशोदा जयंती का क्या महत्व

यशोदा जयंती केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि मातृत्व की उस भावना का उत्सव भी है जिसमें निस्वार्थ प्रेम और सेवा भाव समाया हुआ है. मां यशोदा का जीवन यह सिखाता है कि सच्चा प्रेम बिना किसी अपेक्षा के क‍िया जाता है.  मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और संतान से जुड़ी चिंताएं भी दूर होती हैं. यही वजह है कि यह पर्व भावनात्मक जुड़ाव और आस्था के साथ मनाया जाता है.  जहां भक्ति केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मन की गहराइयों से निकलती है.

Lalit Kumar

Recent Posts

पत्नी को गुजारा भत्ता न देना पड़े, इसलिए पति ने अपनाया नया पैंतरा; फिर भी कोर्ट में नहीं आया काम

Delhi High Court Order: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला…

Last Updated: March 20, 2026 00:43:04 IST

बीजेपी ने साध्वी निरंजन ज्योति के बहाने मारा एक तीर से दो निशाना, विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी पार्टी भी हो गई ढेर

UP Assembly Elections: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कसनी शुरू…

Last Updated: March 20, 2026 00:06:09 IST

Viral Video: सांप के मुंह में जीभ डाल रहा था शख्स, अगले ही पल जो हुआ… देख उड़ जाएंगे होश

Snake Viral Video: सोशल मीडिया पर आपको ऐसे कई रूह कंपा देने वाले वीडियो मिल…

Last Updated: March 19, 2026 23:53:09 IST

Israel-Iran War Impact: क्या महंगी हो जाएगी तेल और गैस की कीमत? समुद्र के रास्ते पर ईरान वसूलेगा टोल!

Iran Hormuz Strait Tax: ईरान का एक बड़ा फैसला और पूरी दुनिया में मचेगा हाहाकार!…

Last Updated: March 19, 2026 23:31:06 IST

Census 2027: पहले चरण में पूछे जाएंगे ये सवाल, चेक कर लें पूरी लिस्ट, आखिरी बार कब हुई थी जनगणना?

census 2027 Question List: 2027 की जनगणना का पहला चरण यानी, घर-घर जाकर गिनती करना…

Last Updated: March 19, 2026 23:24:32 IST

Storm Video: गुजरात में आसमानी आफत! तिनके की तरह उड़ा बिजली का खंभा, रोंगटे खड़े कर देगा यह VIDEO

Gujarat Hailstorm Alert: गुजरात में मौसम का खौफनाक रूप! जामनगर में पल भर में गिरा…

Last Updated: March 19, 2026 22:46:06 IST