AI JEE B.Tech in IIT: आज के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग चुनना चुनौती बन गया है. AI के तेज़ विकास ने करियर और जॉब सिक्योरिटी की सोच बदल दी है, जिससे यह तकनीक भविष्य नहीं, बल्कि आज की ज़रूरत बन चुकी है.
AI JEE B.Tech in IIT: आज के अंडरग्रेजुएट छात्रों के सामने इंजीनियरिंग ब्रांच चुनना पहले जैसा आसान नहीं रहा. अब सवाल सिर्फ़ कंप्यूटर साइंस या मैकेनिकल तक सीमित नहीं है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज़ डेवलपमेंट ने करियर, इनोवेशन और जॉब सिक्योरिटी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया है. सेल्फ-ड्राइविंग कार, मेडिकल डायग्नोसिस, फाइनेंस एल्गोरिदम और जेनरेटिव AI जैसे टूल्स ने यह साफ कर दिया है कि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की टेक्नोलॉजी है.
इंजीनियरिंग या JEE की तैयारी कर रहे कई छात्रों के मन में यह सवाल जरूर आता है. किस IIT ने सबसे पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में B.Tech शुरू किया है. इस सवाल का जवाब भारतीय इंजीनियरिंग शिक्षा के इतिहास में एक खास जगह रखता है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्टैंडअलोन B.Tech प्रोग्राम शुरू करने वाला पहला IIT था Indian Institute of Technology (IIT) Hyderabad.
IIT हैदराबाद ने अकादमिक ईयर 2019–20 में AI में B.Tech लॉन्च कर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही यह न केवल भारत का पहला, बल्कि दुनिया के शुरुआती कुछ संस्थानों में शामिल हो गया, जिन्होंने AI को एक पूरी डिग्री के रूप में पेश किया.
IIT हैदराबाद से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत में ज़्यादातर कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचों में इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाता था. इससे छात्रों को बेसिक एक्सपोज़र तो मिलता था, लेकिन AI सिस्टम्स पर गहराई से फोकस करने का मौका नहीं मिल पाता था.
IIT हैदराबाद ने AI को एक अलग और फोकस्ड डिसिप्लिन के रूप में विकसित किया.
B.Tech in Artificial Intelligence
M.Tech (Teaching Assistantship)
M.Tech (Research Assistantship)
PhD in AI
जैसे प्रोग्राम उपलब्ध हैं. इस पहल ने अन्य IITs को भी AI और डेटा साइंस जैसे मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स शुरू करने के लिए प्रेरित किया.
IIT हैदराबाद में AI में B.Tech के लिए उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए. तभी यहां दाखिला मिल सकता है.
कैंडिडेट ने 12वीं (PCM) के साथ पास की हो.
JEE Advanced क्वालिफाई करना अनिवार्य है.
सीमित सीटों के कारण टॉप रैंक की आवश्यकता होती है.
AI सिर्फ़ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की सबसे मजबूत टेक्नोलॉजी है. IIT हैदराबाद का यह कदम भारतीय शिक्षा प्रणाली में मील का पत्थर साबित हुआ है और आज के स्टूडेंट्स को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है.
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