IIT Success Story: बिहार के एक छोटे गांव से निकलकर सत्यम कुमार ने प्रतिभा और मेहनत के बल पर AI और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस जैसे एडवांस्ड रिसर्च क्षेत्रों में वैश्विक पहचान बनाई.
IIT JEE Success Story: सत्यम कुमार (Satyam Kumar) की कहानी भारत के उन चुनिंदा छात्रों में से एक की है, जिनकी प्रतिभा, मेहनत और रिसर्च-ड्रिवन सोच ने उन्हें एक छोटे से गांव से वैश्विक रिसर्च मंच तक पहुंचाया. बिहार के बक्सर ज़िले के बखोरापुर गांव में जन्मे सत्यम आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर चुके हैं.
20 जुलाई 1999 को एक किसान परिवार में जन्मे सत्यम कुमार ने बहुत कम उम्र में असाधारण एकेडमिक क्षमता दिखाई. राष्ट्रीय स्तर पर वह तब चर्चा में आए जब रिपोर्ट्स में सामने आया कि उन्होंने मात्र 13 साल की उम्र में IIT-JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली. इसके बाद टीनएज में ही उन्हें IIT कानपुर में दाख़िला मिला, जिससे वे भारत की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रक्रिया से गुजरने वाले सबसे कम उम्र के छात्रों में शामिल हो गए.
सत्यम ने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech–M.Tech डुअल डिग्री (2013–2018) पूरी की. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ़ कोर इंजीनियरिंग में मज़बूत पकड़ बनाई, बल्कि रिसर्च-ओरिएंटेड प्रॉब्लम सॉल्विंग की ओर भी रुझान विकसित किया. कैंपस में रहते हुए वे इंटेलिजेंट सिस्टम्स और स्लीप लैब से जुड़े, साथ ही IIT कानपुर के रोबोटिक्स क्लब में भी सक्रिय रहे. टेककृति 2014 में उनकी टीम ने ROBOPIRATES प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया, जो उनके प्रैक्टिकल इनोवेशन की एक झलक थी.
सत्यम को 2016 में फ्रांस में रिसर्च इंटर्नशिप के लिए चारपैक स्कॉलरशिप मिली और 2017 में भारत सरकार की टीचिंग असिस्टेंट फेलोशिप भी. ये अवसर उनके करियर में एकेडमिक टैलेंट से स्ट्रक्चर्ड रिसर्च की ओर बदलाव को दर्शाते हैं.
वर्ष 2019 में सत्यम कुमार ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन से इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में PhD शुरू की. सितंबर 2024 में उन्होंने सफलतापूर्वक अपनी थीसिस डिफेंड की. उनकी रिसर्च मशीन लर्निंग और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के मेल पर केंद्रित रही, जिसमें EEG-आधारित सिस्टम, मोटर इमेजरी डीकोडिंग, ट्रांसफर लर्निंग और सिग्नल प्रोसेसिंग जैसे विषय शामिल थे. उनका फोकस BCIs को लैब से बाहर वास्तविक जीवन में अधिक उपयोगी बनाना था.
सत्यम ने स्विट्ज़रलैंड में Apple में मशीन लर्निंग इंटर्न के तौर पर काम किया, जिससे उनकी प्रोफाइल को वैश्विक पहचान मिली. लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वर्तमान में वह अमेरिका में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में मशीन लर्निंग सिस्टम्स रिसर्च इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं.
सत्यम कुमार की यात्रा न सिर्फ़ व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि यह भारत के टैलेंट माइग्रेशन और रिसर्च अवसरों पर चल रही बहस का भी हिस्सा बन चुकी है.
Optical Illusion Test: आज हम आपके लिए एक का दिमाग घुमा देने वाला ऑप्टिकल इल्यूजन…
Indian Taste In Foreign Foods: भारतीय व्यंजन और उनके मसालों के फैन सिर्फ इंडियन ही…
UGC के Promotion of Equity Regulations 2026 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है,…
Hot Take Dating: आज की जनरेशन नए-नए रिलेशनशि टर्म्स और ट्रेंड्स को बढ़ा रहे हैं.…
Glenn Maxwell Love Story: ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने भारतीय मूल की महिला विनी रमन…
Optical Illusion:नीचे दी गई तस्वीर में एक बड़ा कॉन्सर्ट दिखाया गया है, जहां सैकड़ों फैंस…