NEET Success Story: नीट यूजी की तैयारी सिर्फ पढ़ाई नहीं, धैर्य और सही रणनीति की परीक्षा होती है. गुजरात की 19 वर्षीय वृष्टि चंद्रा (Vrishti Chandra) ने ड्रॉप ईयर लेकर NEET क्रैक किया और आज सरकारी कॉलेज से MBBS कर रही हैं.
NEET Success Story: नीट यूजी जैसा कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी सिर्फ किताबें पढ़ने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह धैर्य, सही रणनीति और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा होती है. गुजरात की 19 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट वृष्टि चंद्रा (Vrishti Chandra) की कहानी इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिन्होंने क्लास 12 के बाद एक साल का ड्रॉप लेकर NEET क्लियर किया और आज सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS कर रही हैं.
वडोदरा की रहने वाली वृष्टि ने नव रचना हायर सेकेंडरी स्कूल, सामा से CBSE बोर्ड के तहत पढ़ाई पूरी की. उन्होंने क्लास 10 में 96 प्रतिशत और क्लास 12 में 95.2 प्रतिशत अंक हासिल किए. बायोलॉजी में गहरी रुचि और समाज की सेवा करने की इच्छा ने उन्हें मेडिसिन को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित किया. उनके लिए MBBS सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि जीवनभर सीखने वाला प्रोफेशन था.
वृष्टि ने NEET-ओरिएंटेड तैयारी क्लास 11 से ही शुरू कर दी थी, ताकि स्कूल सिलेबस और एंट्रेंस एग्ज़ाम के बीच संतुलन बना रहे. हालांकि पहले अटेम्प्ट में सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने ड्रॉप ईयर लिया और कोचिंग जॉइन की. ड्रॉप ईयर में उनका फोकस कॉन्सेप्ट क्लियरिटी, रेगुलर रिवीजन और मॉक टेस्ट पर रहा. शुरुआत में रोज़ 7–8 घंटे पढ़ाई की गई, जो परीक्षा नज़दीक आने पर 11–12 घंटे तक पहुंच गई.
वृष्टि का मानना है कि NEET में सफलता का आधार मज़बूत कॉन्सेप्ट होते हैं. उन्होंने बायोलॉजी और केमिस्ट्री के लिए NCERT को बार-बार पढ़ा. रिवीजन को अलग स्टेज न मानकर रोज़मर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया.
मॉक टेस्ट सिर्फ नंबर जानने के लिए नहीं, बल्कि गलतियों को पहचानने और सुधारने के लिए दिए गए.
परीक्षा में उन्होंने पहले बायोलॉजी, फिर केमिस्ट्री और अंत में फिजिक्स सॉल्व की. हर सेक्शन को आसान, मीडियम और कठिन सवालों में बांटकर हल किया गया. फिजिक्स को सबसे चुनौतीपूर्ण मानते हुए उन्होंने रिकॉर्डेड लेक्चर और बार-बार प्रैक्टिस पर ज़ोर दिया.
तैयारी के दौरान तनाव स्वाभाविक था, लेकिन उन्होंने संगीत, तैराकी, साइकिलिंग और सीमित सोशल मीडिया के ज़रिए खुद को बैलेंस में रखा. लिखना और समाज सेवा जैसी गतिविधियां मानसिक राहत का जरिया बनीं.
नीट यूजी में सफलता हासिल करके आज वृष्टि श्री एमपी शाह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जामनगर में MBBS कर रही हैं. आगे पोस्ट-ग्रेजुएशन करने की योजना है, जिसमें एनाटॉमी उनकी पसंदीदा विषयों में से एक है. उनका मानना है कि लगातार मेहनत, कॉन्सेप्ट पर भरोसा और अपनी गलतियों से सीखते रहें.
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