<
Categories: Education

NEET 2026 Exam: नीट के जरिए क्या BPT, BOT में होगा एडमिशन? CM ने PM से की ये अपील, जानें पूरा मामला

NEET 2026 Exam: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से इन कोर्सेज के लिए NEET की अनिवार्यता हटाने की मांग की है और कहा कि एडमिशन पर फैसला राज्यों का अधिकार होना चाहिए.

NEET 2026 Exam: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (MK Stalin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से अपील की है कि बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) और बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT) जैसे एलाइड हेल्थ कोर्सेज़ में दाखिले के लिए NEET को अनिवार्य करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए. उन्होंने साफ कहा कि एडमिशन की प्रक्रिया राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आनी चाहिए, न कि केंद्र द्वारा थोपी जानी चाहिए.

सिर्फ NEET में बैठना कोई योग्यता नहीं

प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में स्टालिन ने NEET की पात्रता प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी परीक्षा में केवल शामिल होना शैक्षणिक योग्यता का पैमाना नहीं हो सकता. उनके अनुसार दुनिया भर में योग्यता या तो परीक्षा पास करने से या अच्छे अंकों से तय की जाती है. ऐसे में NEET में सिर्फ उपस्थित होना अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं लगता.

कोचिंग संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि NEET को इस तरह लागू करने का उद्देश्य इसे समाज में सामान्य बनाना और फैलाना है, जिससे लाखों छात्रों को महंगी कोचिंग लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इसका सीधा नुकसान गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को होगा, जबकि फायदा कोचिंग सेंटरों को मिलेगा.

एलाइड हेल्थ कोर्स और NEET का नया नियम

नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन (NCAHP) ने इस शैक्षणिक वर्ष से BPT और BOT में एडमिशन के लिए NEET अनिवार्य कर दिया है. इससे पहले तमिलनाडु में इन कोर्सेज़ में दाखिला प्लस टू (12वीं) के अंकों या कॉलेज स्तर की परीक्षाओं के आधार पर होता था.

MBBS में भी गिरता कट-ऑफ, फिर गुणवत्ता का दावा क्यों?

स्टालिन ने यह भी तर्क दिया कि MBBS जैसे कोर्स में भी NEET कट-ऑफ को इतना कम कर दिया गया है कि वह लगभग शून्य के बराबर हो गया है. ऐसे में NEET को “गुणवत्ता सुधार” के तर्क से जोड़ना अब अप्रासंगिक हो जाता है.

गरीब छात्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

मुख्यमंत्री ने बताया कि तमिलनाडु में एलाइड हेल्थ कोर्सेज़ की सीटें 50,000 से अधिक हैं और इन कोर्सेज़ में रुचि रखने वाले छात्र आमतौर पर MBBS उम्मीदवारों की तुलना में कहीं अधिक गरीब सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं. ऐसे छात्रों को NEET कोचिंग के खर्च में धकेलना घोर अन्याय होगा.

राज्यों से बिना सलाह के लिया गया फैसला

स्टालिन ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही संवैधानिक रूप से राज्यों के अधीन विषय हैं, फिर भी इस अहम फैसले में राज्यों से कोई परामर्श नहीं लिया गया. उन्होंने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की.

Munna Kumar

Share
Published by
Munna Kumar

Recent Posts

West bengal election 2026: जब एक कम्युनिस्ट नेता के कदमों में थी दिल्ली की सत्ता, फिर क्यों पीछे हट गए ज्योति बसु?

West bengal election 2026: पीएम की कुर्सी सामने थी, पर उन्होंने पार्टी के आदर्शों को…

Last Updated: March 31, 2026 21:51:16 IST

Muzaffarpur Murder Case: 20 लाख के झगड़े… रालोजपा नेता की हत्या में बड़ा खुलासा, आरोपियों ने उगले राज़

Bihar Crime News: प्रॉपर्टी डीलर और रालोजपा नेता प्रभाकर सिंह (45) की हत्या कर दी…

Last Updated: March 31, 2026 21:32:25 IST

DC vs LSG: लखनऊ के ‘नवाबों’ से दिल्ली कैपिटल्स की जंग, हेड टू हेड में कौन आगे, कैसा रहेगा मौसम?

DC vs LSG Head To Head: 1 अप्रैल को ऋषभ पंत की लखनऊ सुपर जायंट्स…

Last Updated: March 31, 2026 21:05:40 IST

Air India Flight: आसमान में फिर मची चीख-पुकार! एयर इंडिया विमान में उठा धुआं, पायलट की ‘Mayday’ कॉल और फिर…

बीच आसमान में प्लेन से निकला धुआं और पायलट की 'Mayday' कॉल! एयर इंडिया के…

Last Updated: March 31, 2026 20:38:56 IST

Funny Jokes: पृथ्वी गोल है… ये किसने साबित किया? पप्पू ने टीचर को दिया ऐसा जवाब, सुनकर सिर पकड़ लेंगे

Funny Jokes of the Day: अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई…

Last Updated: March 31, 2026 20:23:43 IST

Cicada COVID variant: 22 देशों में फिर फैला कोरोना, ओमिक्रोन से यह कितना खतरनाक, भारत के लिए भी खतरा?

Cicada New Covid 19 Variant: हर बार की तरह इस बार भी कोरोना नया रूप…

Last Updated: March 31, 2026 19:54:53 IST