School Banned Mobile Phone: शिक्षा विभाग ने स्कूलों को पूरी तरह फोन-फ्री बनाने का निर्देश दिया है, जिसमें क्लास, ब्रेक और लंच टाइम के दौरान छात्रों के मोबाइल उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
School Banned Mobile Phone: इंग्लैंड में स्कूली शिक्षा (School Education) को लेकर सरकार ने एक बड़ा और सख़्त कदम उठाया है. शिक्षा सचिव ब्रिजेट फिलिप्सन ने हेडटीचर्स से स्पष्ट रूप से कहा है कि स्कूलों में पूरे दिन मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए. इस निर्देश के तहत छात्रों को न केवल क्लास के दौरान, बल्कि ब्रेक, लंच टाइम और क्लास के बीच भी फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी.
BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा सचिव ने स्कूलों को भेजे गए पत्र में यह भी साफ किया है कि छात्रों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैलकुलेटर या रिसर्च जैसे शैक्षणिक कार्यों के लिए भी नहीं करना चाहिए. उनका कहना है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह नीति हर क्लास और हर समय समान रूप से लागू हो. उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि माता-पिता का सहयोग इस नीति को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.
नई गाइडलाइंस के तहत शिक्षकों को भी सलाह दी गई है कि वे छात्रों के सामने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें. सरकार का मानना है कि शिक्षक खुद उदाहरण बनेंगे, तभी छात्र इस नियम को गंभीरता से अपनाएंगे.
ब्रिजेट फिलिप्सन ने कहा कि स्कूलों की निगरानी करने वाली संस्था ऑफ़स्टेड यह जांचेगी कि फोन-फ्री पॉलिसी को कैसे लागू किया जा रहा है. वहीं, विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग (DSIT) बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर त्वरित कार्रवाई करेगा. अपडेटेड गाइडेंस के अनुसार, छात्रों को किसी भी समय चाहे वह क्लास हो, ब्रेक हो या लंच अपने डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
DSIT के आंकड़ों के अनुसार, इंग्लैंड के 99.9% प्राइमरी स्कूलों और 90% सेकेंडरी स्कूलों में पहले से मोबाइल फोन पॉलिसी मौजूद है. इसके बावजूद, 58% सेकेंडरी स्कूल छात्रों ने माना कि कुछ क्लासों में बिना अनुमति फोन का इस्तेमाल होता है. यह आंकड़ा की-स्टेज चार के छात्रों में बढ़कर 65% तक पहुंच जाता है. नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ हेड टीचर्स के जनरल सेक्रेटरी पॉल व्हाइटमैन ने कहा कि स्कूल प्रमुखों को सरकार से सहयोग चाहिए, न कि लगातार सख़्त जांच का डर.
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब UK सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर विचार कर रही है. विकल्पों में डिजिटल सहमति की उम्र बढ़ाना और “इनफिनिट स्क्रॉल” व “स्ट्रीक्स” जैसी लत लगाने वाली डिज़ाइन सुविधाओं पर रोक शामिल है. मंत्री जल्द ही ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे, जहां ऐसा ही बैन पहले ही लागू हो चुका है. सरकार गर्मियों तक माता-पिता और युवाओं से सुझाव लेकर अंतिम फैसला लेगी.
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