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न्यूड सीन को लेकर Alexandra Daddario का धमाका – बोलीं, कहानी मांगती है तो सब चलेगा

एलेक्जेंड्रा डैडारियो बोली कभी भी बोल्ड या ग्लैमरस दिखने के लिए नहीं किये बोल्ड सीन्स, अक्सर शरीर को छुपाने की करती है कोशिश लेकिन अगर कहानी की डिमांड है न्यूड सीन्स तो...

Alexandra Daddario: हॉलीवुड की एक्ट्रेस एलेक्जेंड्रा डैडारियो बेहद फेमस है उन्होंने True Detective, The White Lotus, San Andreas और Baywatch जैसी फिल्मों और  सीरीज में काम किया है, जिसकी वजह से लोग उन्हें काफी ज्यादा पसंद करते हैं.  वह हमेशा अपने काम और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं.  हाल ही में उन्होंने अपने करियर, ऑन स्क्रीन न्यूड सीन्स और उस  एक्सपीरियंस के बारे में खुलकर बात की है.  डैडारियो का कहना है कि उन्होंने कभी खुद को सेक्सी गर्ल नहीं माना बल्कि हमेशा अपने रोल और परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया है. 

खुद को ग्लैमरस या सेक्सी इमेज में फिट करने की नहीं करती है एलेक्जेंड्रा कोशिश

एलेक्जेंड्रा डैडारियो का कहना है कि उन्होंने कभी भी खुद को किसी भी ग्लैमरस और सेक्सी इमेज में खुद को फिट करने की कोशिश नहीं की है.  उनका ऐसा मानना है कि जब भी वह सड़क पर चलती है और उन्हें कोई देखकर सीटी बजाता है तो उन्हें काफी अनकंफरटेबल महसूस होता है और इसी वजह से वह हमेशा अपने शरीर को छुपाने की कोशिश करती है ना कि दिखाने की. उनका ऐसा भी कहना है कि उन्होंने न्यूड और बोल्ड सीन सिर्फ इसीलिए किये क्योंकि वह उस कैरेक्टर के लिए बहुत जरूरी थे ना कि यह साबित करने के लिए कि वह बोल्ड है. 

Baywatch जैसी फिल्म में देने पड़े एलेक्जेंड्रा को बोल्ड सीन्स

एलेक्जेंड्रा ने बताया कि Baywatch जैसी फिल्मों में काम करने के लिए उन्हें बोल्ड सीन देने पड़े उनका ऐसा कहना है की सीन देना उनके लिए आसान नहीं था यह बहुत ही सेंसिटिव और मुश्किल था लेकिन ऐसे ही चैलेंज उन्हें स्ट्रांग बनने पर मजबूर करते हैं.  उन्होंने कहा कि यह सीन  कभी भी कॉन्फिडेंस दिखाने के लिए नहीं किया बल्कि इसलिए किया क्योंकि कहानी को उन सींस की जरूरत थी. 

एलेक्जेंड्रा मानती है कि अगर न्यूड सीन की जरूरत है तो उसे करना नहीं होता है गलत

एलेक्जेंड्रा के मुताबिक अगर किसी कहानी में न्यूड सीन की जरूरत है तो उसे करना गलत नहीं होता है, अलेक्जेंड्रा यह भी कहती है की नग्नता इंसान के नेचर का एक हिस्सा होता है. अगर वह उस रोल को बेहतर बनाने के लिए मदद करता है तो इसे करने में कोई हिचक नहीं होती है.  वह यह भी मानती है कि लोग इन चीजों पर जरूर से ज्यादा सोचते हैं और रिएक्ट करते हैं जबकि वह खुद इसके बारे में इतना नहीं सोचती हैं. 

Anuradha Kashyap

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