Saudagar Film Story: आज किसी फिल्म में गांव दिखाना हो तो बड़े-बड़े सेट तैयार किए जाते हैं. कैमरे के पीछे तकनीक की पूरी दुनिया खड़ी रहती है. बता दें कि लगभग पांच दशक पहले एक ऐसी फिल्म बनी थी, जिसने बिना किसी भव्य सेट के गांव की असली जिंदगी को पर्दे पर उतारा. यह फिल्म थी ‘सौदागर’, जिसमें अमिताभ बच्चन और नूतन ने अपने अभिनय से कहानी में जान डाल दी थी.
साल 1973 में रिलीज हुई इस फिल्म की खास बात सिर्फ इसकी कहानी नहीं थी बल्कि इसकी शूटिंग का तरीका भी था. फिल्म के कई हिस्से कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित कामुदनी गांव में फिल्माए गए थे. पर्दे पर दिखाई देने वाला गांव कोई बनाया हुआ सेट नहीं बल्कि एक वास्तविक गांव था. यही वजह है कि फिल्म के दृश्य आज भी बेहद प्राकृतिक महसूस होते हैं.
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म में अमिताभ बच्चन ने मोती नाम के गुड़ व्यापारी का किरदार निभाया था. वहीं नूतन ने महज़ुबीन की भूमिका निभाई थी. कहानी एक ऐसे आदमी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने फायदे के लिए रिश्तों का इस्तेमाल करता है. मोती एक विधवा महिला महज़ुबीन से शादी करता है. शुरुआत में यह रिश्ता उसके लिए प्यार से ज्यादा जरूरत का सौदा होता है. जब उसका स्वार्थ पूरा हो जाता है, तो वह महज़ुबीन को छोड़ देता है लेकिन जिंदगी हमेशा इंसान की योजना के मुताबिक नहीं चलती. अपने फैसलों और लालच के कारण मोती धीरे-धीरे ऐसी परिस्थितियों में फंसता जाता है, जहां उसे अपने किए का सामना करना पड़ता है.
आज भी मशहूर है फिल्म का ये गाना
नूतन के अभिनय ने महज़ुबीन के किरदार को बेहद भावुक और प्रभावशाली बना दिया था. फिल्म को दर्शकों से सराहना मिली. इतना ही नहीं सौदागर को 46वें अकादमी अवॉर्ड्स में भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर भी भेजा गया था, हालांकि फिल्म अंतिम नॉमिनेशन तक नहीं पहुंच सकी. फिल्म की कहानी जितनी यादगार रही, इसके गाने भी उतने ही लोकप्रिय हुए. आज के समय में भी एक गाना है, जो काफी मशहूर है. ये गाना है ‘सजना है मुझे सजना के लिए’, जो अमिताभ बच्चन की सौदागर फिल्म से आया है. इस गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी है. इसके अलावा इसमें तेरा मेरा साथ रहे जैसे गाने हैं, जो आज भी पुराने हिंदी सिनेमा के चाहने वालों के बीच सुने जाते हैं.