Farhana On Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई शनिवार को अमेरिका और इज़राइल के जॉइंट स्ट्राइक में मारे गए. इंस्टेंट बॉलीवुड से बात करते हुए फरहाना ने कहा कि वह एक ऐसी शख़्सियत है, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता.
फरहाना भट्ट ने खामेनेई की मौत पर जताया दुख
Farhana On Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई शनिवार को अमेरिका और इज़राइल के जॉइंट स्ट्राइक में मारे गए. हालांकि, उनकी मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई और पूरे मिडिल ईस्ट में जवाबी हमले किए. अमेरिका और इज़राइल के मिसाइल हमलों में अली खामेनेई की हत्या ने मिडिल ईस्ट को पूरी तरह से लड़ाई में डाल दिया है. बिग बॉस सीजन 19 में रनर-अप रहीं एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने उनकी मौत की खबर पर दुख जताया है और कहा है कि वह हमेशा सभी के दिलों में रहेंगे.
इंस्टेंट बॉलीवुड से बात करते हुए फरहाना ने कहा कि वह एक ऐसी शख़्सियत है, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता. वह हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे और अल्लाह उनकी शहादत जरूर कबूल करे. कश्मीरी जितने भी लोग हैं सबका दिल दहल चुका है.
उन्होंने आगे कहा कि आप यकीन नहीं करेंगे. सेहरी के बाद मैं बिल्कुल सोई नहीं हूं. आज मैंने नमाज़ पढ़ी तो मैं बहुत दुखी थी क्योंकि ऐसा नहीं होना चाहिए था. काफी लोगों के लिए वो एक मसीहा थे. पक्का, वो हमारे दिल में ज़िंदा रहेंगे. ईरान द्वारा अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. श्रीनगर और बांदीपोरा से प्रदर्शनों की खबरें आईं. प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और कथित हमले पर गुस्सा जताया. सैकड़ों कश्मीरी शिया मुसलमान खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन वाले बैनर लेकर सड़कों पर थे.
रॉकी जायसवाल ने कहा कि मुझे फर्क नहीं पड़ता कि आप किसकी मौत का दुख मना रहे हो. लेकिन, जब आप पब्लिकली कहते हैं कि मुझे दुख है तो मैं भी खुले तौर पर कमेंट कर सकता हूं. मैने इन दुख मनाने वालों ने किसी इंडियन प्यार या आंसू नहीं देखे! सैनिस, हमले के शिकार, पुलिस, महान नेता APJ कलाम, के लिए भी कभी ऐसा दुख जताते नही देखा. आप उन लोगों के लिए धोखा देते हैं जो आपकी सुरक्षा करते हैं और उन विदेशियों के लिए रोते हैं जो आपके विरुध्द खड़े हैं. रॉकी के इस कमेंट ने मामले को और भी भड़का दिया है.
1979 की इस्लामिक क्रांति के आर्किटेक्ट अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी की मौत के बाद 1989 में खामेनेई सत्ता में आए, जिसने शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी को हटाकर मौलवी का शासन स्थापित किया. जहां खोमैनी एक करिश्माई विचारक थे, वहीं खामेनेई उस समय तुलनात्मक रूप से निचले दर्जे के मौलवी थे, को एक शांत, ज़्यादा ब्यूरोक्रेटिक व्यक्ति के रूप में देखा जाता था. उन्हें क्रांतिकारी जोश को एक टिकाऊ राज्य में बदलने का काम सौंपा गया था.
35 सालों में खामेनेई ने मौलवी व्यवस्था को बढ़ाया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को अपनी अथॉरिटी की रीढ़ बना दिया. गार्ड ईरान की सबसे एलीट मिलिट्री फोर्स, उसके बैलिस्टिक मिसाइल हथियारों के कंट्रोलर और एनर्जी, कंस्ट्रक्शन, टेलीकम्युनिकेशन और फाइनेंस तक फैले एक बड़े बिज़नेस एम्पायर के रूप में विकसित हुआ.
Mohit Sharma: IPL 2027 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने बड़ा फैसला लेते हुए…
Vivo X Fold 6: वीवो जल्द अपना नया फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है.…
Jhansi Shradh Ritual Accident: झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के रानीपुर देवरिपुरा गांव में सुखनई नदी…
TRAI New Recharge Rule: TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए उपभोक्ता संरक्षण नियम नोटिफाई…
IND vs WI 2nd ODI live streaming: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2nd ODI मैच…
Social Media Ban for Minors: सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले बच्चों की सुरक्षा को ध्यान…