Bandit Queen Film : फूलन देवी (Phoolan Devi) के जीवन पर बनी फिल्म 'बैंडिट क्वीन' (Bandit Queen),1994 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव (Govind Namdev) ने भी अहम भूमिका निभाई थी. इस फिल्म से जुड़े किस्से को बताते हुए एक इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने फूलन देवी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया. जिसे सुन रह कोई दंग रह गया था.
फूलन देवी-बैंडिट क्वीन
Phoolan Devi Untold Story: भारतीय डकैत फूलन देवी के जीवन की कहानी सुने तो किसी की रूह कांप उठेगी. 11 साल की उम्र में शादी, पति ने छोड़ा, ससुरालवालों ने हद से ज्यादा परेशान किया. फिर डैकेतों ने किया अपहरण. कई बार हुआ गैंगरेप. ये सभी घाव सिर्फ फूलन देवी के शरीर पर नहीं लगे. बल्कि आत्मा तक छलनी हो गई थी. जिसके बाद फूलन देवी पास भी सिर्फ एक ही रास्ता था डाकू बनना. जिसके बाद फूलन देवी ने अपना बदला लिया 14 फ़रवरी 1981 के दिन बहमई में फिर एक लाइन में खड़े करके 22 ठाकुरों की हत्या कर दी.
फूलन देवी के जीवन पर बनी फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’
फूलन देवी (Phoolan Devi) की इन सभी दर्द भरी घटनों पर एक फिल्म बनी, जिसका नाम था ‘बैंडिट क्वीन’ (Bandit Queen), जिसने 1994 में रिलीज के बाद तहलका मचा दिया. फिल्म काफी सुर्खियों में आई विवाद उठे, जिसकी वजह से फिल्म को बैन तक कर दिया गया था. इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव (Govind Namdev) ने भी अहम भूमिका में नजर आए थे, उन्होंने ठाकुर श्रीराम का पावरफुल किरदार निभाया था. इस फिल्म से जुड़े किस्से को बताते हुए एक इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने फूलन देवी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया. जिसे सुन हर कोई दंग रह गया था. इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के लिए फूलन देवी ने शर्त रखी थी कि क्रू मेंबर में से कोई न कोई हर दो दिन में शूटिंग के अपडेट देने के लिए उन्हें ग्वालियर की जेल मिलने आएगा. शेखर कपूर जो फिल्म के डायरेक्टर थे, उन्हें हर हाल में इस फिल्म को बनाना था. जिसकी वजह से उन्हें शर्त को मान लिया.
इंटरव्यू में गोविंद नामदेव ने बताया कि शर्त पूरी करने के लिए एक बार फिल्म की कॉस्ट्यूम डिज़ाइर डॉली अहलूवालिया ने फूलन देवी (Phoolan Devi) से जेल में जाकर मिलने और उन्हें ब्रीफिंग करने की इच्छा जताई. शेखर कपूर ने इसके लिए पहले तो मना किया, लेकिन डॉली के बार-बार कहने पर वो मान गए, जिसके बाद डॉली, जेल पहुंची और उन्होंने फूलन को शूटिंग का पूरा अपडेट दिया. ब्रीफिंग खत्म होते डॉली ने फूलन देवी से सवाल किया कि आपके साथ ऐसा क्या हुआ था जिसने आपकी जिंदगी बदल दी? और आप डाकू बन गईं. इतना ही नहीं आपने 24 ठाकुरों को गोली तक मार दी. इस सवाल के बाद जब फूलन देवी ने अपने दर्द बयान किया, डॉली सुनकर रोने लगी. फूलन देवी ने बोला अरे! आप रो क्यों रो रही हो. मैंने जो बताया, मेरे साथ उससे कई गुना ज्यादा हुआ था. इतना बोलते ही फूलन देवी ने अपनी ब्लाउज़ के बटन खोले और डॉली को अपने सीने के भयानक निशान दिखाए. और बताया कि ये जो निशान देख रही हो, उन ठाकुरों ने मेरे सीने का मांस तक नोंच नोंचकर बाहर निकाल दिया था.
गोविंद नामदेव ने इंटरव्यू में आगे बताया कि जब डॉली फूलन देवी (Phoolan Devi) से मिलकर वापस लौंटी तो वो बहुत उदास थीं. डॉली के इस ब्रीफ ने गोविंद नामदेव को ठाकुर श्रीराम के किरदार की असली क्रूरता और उसकी जड़ों को समझने में मदद की थी. गोविंद नामदेव ने इंटरव्यू में यह भी कहा था कि हर किसी ने फूलन देवी का फायदा उठाने की कोशिश की थी. फिर चाहे वो पुलिस हो, ठाकुर समाज या फिर हर तबका. हर किसी ने उनका शोषण किया है.
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