स्वामी रामदेव की सुबह की शुरुआत:
स्वामी रामदेव का दिन बहुत ही अनुशासित तरीके से शुरू होता है। वे तड़के सुबह 3 बजे जागते हैं, जो कि एक स्वस्थ जीवनशैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इस समय उठने से उनका शरीर पूरी तरह से ताजगी से भर जाता है। वे सबसे पहले खाली पेट गर्म पानी पीते हैं, जो शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके बाद वे स्नान करते हैं और फिर 1 घंटा मेडिटेशन करते हैं। इसके बाद वे दौड़ते हुए योगाभ्यास शुरू करते हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

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एक दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
स्वामी रामदेव के अनुसार, एक दिन में केवल एक बार खाना सबसे अच्छा होता है। उनका मानना है कि ज्यादा बार खाने से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है और कई बीमारियाँ जन्म ले सकती हैं। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति शारीरिक मेहनत ज्यादा करता है, तो वह दिन में दो बार भोजन कर सकता है। स्वामी रामदेव के मुताबिक, जो लोग तीन बार खाते हैं, वे बीमारियों के शिकार हो सकते हैं, और चार बार खाना तो बहुत ही खतरनाक हो सकता है।
स्वामी रामदेव की डाइट:
स्वामी रामदेव का आहार बहुत ही साधारण और सात्विक होता है। वे अपनी डाइट में मुख्य रूप से फल, साग-सब्ज़ियाँ और मिलेट्स (जो वे कभी-कभी लेते हैं) शामिल करते हैं। वे सुबह के समय केवल फल और कच्ची सब्ज़ियाँ खाते हैं। दोपहर के भोजन में वे लौकी, तोरी और मिक्स्ड वेजिटेबल जैसी हरी सब्जियाँ शामिल करते हैं। वे आलू नहीं खाते, और 20 साल से उन्होंने अनाज खाना छोड़ दिया है। वे मिलेट्स कभी-कभी लेते हैं, लेकिन बहुत जल्दी उन्हें अपनी डाइट से हटा लेते हैं।
स्वामी रामदेव का यह मानना है कि भोजन का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका प्रकार। उन्होंने बताया कि दिन के भोजन में सबसे पहले फल और सलाद जैसे कच्चे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए, इसके बाद साग और सब्ज़ियाँ खानी चाहिए, और सबसे अंत में थोड़ा मीठा खाना चाहिए। लेकिन मीठे में चीनी की बजाय, प्राकृतिक मीठे स्रोत जैसे गुड़, शक्कर, अंजीर और ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए।
स्वामी रामदेव की स्वास्थ्य सलाह:
स्वामी रामदेव ने अपनी डाइट में दो चीज़ों को पूरी तरह से न खाने की सलाह दी है – चावल और गेहूं। उनके अनुसार, ये दोनों खाद्य पदार्थ कई बीमारियों की जड़ बन सकते हैं और शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनसे शरीर में वसा का संचय होता है, जो विभिन्न प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है।
इसके अलावा, उन्होंने रात में छह प्रकार के खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ हैं: मीठा, चाय, कॉफी, दही, छाछ और चॉकलेट। रात में अगर कोई नींद की समस्या अनुभव करता है, तो वह प्याज का सेवन कर सकता है, जो गहरी और शांत नींद में मदद करता है।
स्वास्थ्य के लिए जरूरी खाद्य पदार्थ:
स्वामी रामदेव ने कुछ खास खाद्य पदार्थों की भी सिफारिश की है, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।
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अनार, गाजर, चुकंदर, व्हीटग्रास और एलोवेरा खून की कमी को दूर करने के लिए अच्छे हैं।
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मूली पेट और लिवर के लिए बहुत अच्छी होती है और यह पेट के हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाती है।
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सीताफल खाने से कभी एसिडिटी नहीं होती और यह कैल्शियम से भरपूर होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है।
योगाभ्यास की अहमियत:
स्वामी रामदेव के अनुसार, एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दो योगाभ्यासों की विशेष सलाह दी है – कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम। यह दोनों प्राणायाम शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद प्रभावी होते हैं। कपालभाति श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है, जबकि अनुलोम विलोम प्राणायाम मानसिक शांति और तनाव को कम करने में मदद करता है।
स्वामी रामदेव की दिनचर्या और आहार एक आदर्श जीवनशैली का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उनका मानना है कि सात्विक भोजन और नियमित योगाभ्यास से शरीर न केवल स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। उनकी जीवनशैली से यह सिद्ध होता है कि अगर आप सही आहार लें, सही समय पर खाएं, और नियमित रूप से योग करें, तो आप भी उम्र भर स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं। उनका आहार शाकाहारी और प्राकृतिक है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। यदि हम स्वामी रामदेव की सलाहों का पालन करें, तो हम न केवल लंबी उम्र जी सकते हैं, बल्कि एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन भी जी सकते हैं।