Eye Safety Tips in Summer: गर्मियों की तपिश सेहत के लिए ठीक नहीं मानी जाती है. दरअसल, सूरज की किरणों में अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं, जिन्हें स्किन के लिए नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव भी काफी बढ़ जाता है. अब सवाल है कि, क्या सच में UV किरणें आंखों को पहुंचाती हैं नुकसान? अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों पर कैसे करती हैं वार? इस बारे में बता रही हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा शारदा-
क्या यूवी किरणों से सच में आंखों को नुकसान हो सकता है? (Canva)
Eye Safety Tips in Summer: गर्मियों का मौसम कई परेशानियों को साथ लेकर आता है. इस मौसम में सावधानी बरतना ही सबसे बड़ी समझदारी है. क्योंकि, गर्मियों की तपिश सेहत के लिए ठीक नहीं मानी जाती है. इन किरणों का प्रभाव आंखों पर देखा जाता है. दरअसल, सूरज की किरणों में अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं, जिन्हें स्किन के लिए नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव भी काफी बढ़ जाता है. ये अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों की बाहरी सतह से लेकर लेंस तक पर हमला करती हैं. हालांकि, स्किन पर इसके असर को लेकर अलर्ट रहते हैं और सनस्क्रीन लगाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि UV किरणें आंखों के लिए भी उतनी ही खतरनाक हो सकती हैं. अब सवाल है कि, क्या सच में UV किरणें आंखों को पहुंचाती हैं नुकसान? अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों पर कैसे करती हैं वार? इस बारे में India News को बता रही हैं नई दिल्ली के चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय दिल्ली की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा शारदा-
डॉक्टर कहती हैं कि, गर्मी में सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें गर्मी में आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. बता दें कि, ये किरणें आंखों की बाहरी सतह कॉर्निया से लेकर अंदर के लेंस तक असर डाल सकती हैं. यूवी किरणों के ज्यादा एक्सपोजर से फोटोकेराटाइटिस यानी आंखों की सनबर्न जैसी स्थिति हो सकती है. ऐसी स्थिति में आंखों में जलन, रेडनेस, पानी आना और धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. यही नहीं, कई बार धूल-मिट्टी भी आंखों में चली जाती है, जिससे इंफेक्शन का भी खतरा बढ़ सकता है.
तेज धूप हमारी आंखों की रेटिना को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे नजर कमजोर हो सकती है. लंबे समय तक UV किरणों के संपर्क में रहने से आंखों में मोतियाबिंद का खतरा भी बढ़ सकता है. बच्चों और बुजुर्गों की आंखें UV किरणों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होती हैं. इसलिए उन्हें गर्मियों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा तेज होती है. इस दौरान बाहर निकलने से बचें या कम से कम समय के लिए ही बाहर जाएं.

डॉक्टर कहती हैं कि, ऊपर बताए गए सभी टिप्स आपको आंखों में होने वाली ड्राइनेस से बचा सकते हैं. इसके अलावा, अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा या नजर में बदलाव महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें, ताकि समय रहते सही इलाज किया जा सके.
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