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India News (इंडिया न्यूज), Cordyceps Sinensis: कीड़ा जड़ी, जिसे कॉर्डिसेप्स सिनेंसिस और कॉर्डिसेप्स मिलिटारिस के नाम से भी जाना जाता है, आयुर्वेद में एक विशेष स्थान रखती है। यह औषधि अपनी चमत्कारी गुणों के कारण न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
कीड़ा जड़ी एक प्रकार की फंगस है, जिसे कैटरपिलर फंगस भी कहा जाता है। यह नेपाल और तिब्बत के हिमालयी पहाड़ों में पाया जाता है। जब एक खास प्रकार की फंगस घास खाने वाले कैटरपिलर के शरीर में प्रवेश करती है, तो उसकी मृत्यु हो जाती है और कैटरपिलर के शरीर के अंदर यह फंगस विकसित होती है। समय के साथ, यह फंगस बाहर निकलकर जड़ी-बूटी का रूप ले लेती है, जिसे कीड़ा जड़ी कहते हैं। इसका रंग भूरा होता है और इसका स्वाद मीठा होता है।
Cordyceps Sinensis: शक्ति का पावर बैंक है ये रेंगने वाला कीड़ा शिलाजीत का भी है बाप बस आना चाहिए सेवन का सही तरीका!
कीड़ा जड़ी का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है:
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कीड़ा जड़ी हिमालय की गोद से प्राप्त एक अनमोल औषधि है, जो न केवल शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि विभिन्न बीमारियों से भी बचाती है। इसकी चमत्कारी गुणों के कारण इसे आयुर्वेद में विशेष स्थान प्राप्त है। हालांकि, इसका उपयोग सावधानीपूर्वक और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।