H1N1, H3N2 and Dengue Symptoms: राजधानी दिल्ली में कई बीमारियों ने एक साथ दस्तक दे दी है. पिछले कई दिनों से फ्लू जैसे संक्रमण के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं. राजधानी में H1N1-H3N2, डेंगू का एक साथ अटैक होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है. सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, खांसी, लगातार छींक, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों के साथ बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों की ओपीडी पहुंच रहे हैं.
नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर और सीनियर वायरोलॉजिस्ट डॉ. सुनीत के सिंह का कहना है कि दिल्ली समेत देश के अलग-अलग राज्यों में भी डेंगू और इन्फ्लूएंजा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसके लक्षणों को पहचानना सबसे ज्यादा जरूरी है. इस मौसम में अगर किसी को इस तरह के लक्षण देखें तो फौरन सावधान हो जाना चाहिए.
H1N1-H3N2 और डेंगू का ट्रिपल अटैक
डॉ. सुनीत का कहना है कि, H1N1 (स्वाइन फ्लू), H3N2 इन्फ्लूएंजा और डेंगू का एक साथ बढ़ना चिंता की स्थिति जरूर पैदा करता है, लेकिन हर बुखार को इन तीनों संक्रमणों से जोड़ना सही नहीं है. फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द हो सकता है. जबकि डेंगू में तेज बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और कुछ मामलों में प्लेटलेट्स की कमी हो सकती है. सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह दवा न लें.
संक्रमित व्यक्ति से हो सकता है इंफेक्शन
डॉक्टर के अनुसार, इन्फ्लूएंजा और H1N1 जैसे संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों और कणों के संपर्क में आने से फैल सकते हैं. इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहने पर सावधानी बरतना इसलिए जरूरी है. इसलिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, हाथों की नियमित सफाई करना और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है.
मास्क और स्वच्छता करेगी बचाव
फ्लू जैसे संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर तब जब आसपास संक्रमण फैल रहा हो. बार-बार हाथ धोना, आंख, नाक और मुंह को गंदे हाथों से छूने से बचना और बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना भी जरूरी है. इसके अलावा घर में सफाई रखें. कहीं पानी जमा न होने दें. कूलर का पानी बदलते रहें और घर के आस-पास नालियों को भी साफ रखें.