India News (इंडिया न्यूज), Reason Of Back Pain: कमर शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है, जो दैनिक जीवन की अनेक गतिविधियों को आसानी से करने में मदद करता है। जब कमर में दर्द होता है, तो इससे चलने, दौड़ने, उठने, बैठने या सोने में कठिनाई होती है, जिससे जीवन की सामान्य गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं। विशेष रूप से कमर का निचला हिस्सा (lower back pain) अक्सर दर्द की समस्या पैदा करता है। यह समस्या आजकल सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि युवा वर्ग में भी यह दर्द आम हो गया है। आइए, इस आर्टिकल में हम कमर दर्द के कारणों, लक्षणों और इसके उपचार के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कमर दर्द के कारण
कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जो इसके गंभीरता और प्रकृति को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कमर दर्द निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:
Reason Of Back Pain: इन वजहों से आपे के बाहर चला जाता है कमर दर्द
तनाव (Stress): जब आप तनाव में होते हैं, तो आपकी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिससे पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है।
मॉडर्न टेक्नोलॉजी: लगातार कंप्यूटर या मोबाइल पर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।
नरम गद्दे पर सोना: बहुत नरम गद्दे पर सोने से पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव होता है, जिससे कमर दर्द पैदा हो सकता है।
अधिक समय तक हाई हील्स पहनना: लंबे समय तक हाई हील्स पहनने से पीठ पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है।
वजन बढ़ना (Obesity): मोटापा शरीर पर अतिरिक्त भार डालता है, जो रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है और कमर दर्द का कारण बनता है।
कैल्शियम की कमी: शरीर में कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे कमर दर्द हो सकता है।
निष्क्रिय जीवनशैली: लंबे समय तक एक जगह पर बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।
मांसपेशियों में खिंचाव: भारी सामान उठाने या अचानक अजीब हरकत करने से मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है।
गंभीर बीमारियां: जैसे रीढ़ की हड्डी का संक्रमण, गठिया, एंकिलोजिंग स्पोंडिलाइटिस आदि भी कमर दर्द के कारण हो सकते हैं।
कमर दर्द के लक्षण व्यक्ति से व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
मांसपेशियों में दर्द – पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस होना।
जलन या तीव्र दर्द – अचानक तेज दर्द का अनुभव होना।
दर्द का पैरों तक फैलना – कभी-कभी दर्द नितंबों, पैरों या कूल्हे तक फैल सकता है।
उठने या झुकने में परेशानी – उठने या झुकने से दर्द का बढ़ना।
सुबह उठने पर अकड़न – सुबह उठते ही कमर में अकड़न महसूस होना, जो बाद में थोड़ा कम हो सकता है।
पैरों में सुन्नता – कमर दर्द के साथ पैरों में कमजोरी या सुन्नता महसूस हो सकती है।
दर्द का अचानक बढ़ना – बैठने, खड़े होने या आराम करने पर दर्द में वृद्धि होना।
कमर दर्द का उपचार
कमर दर्द का उपचार इसके कारणों और गंभीरता पर निर्भर करता है। यदि कमर दर्द किसी गंभीर बीमारी के कारण नहीं है, तो कुछ घरेलू उपायों से भी राहत मिल सकती है।
कमर दर्द एक आम समस्या है, लेकिन यदि इसे सही समय पर पहचान कर इलाज किया जाए तो इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। अगर दर्द लगातार बना रहे या गंभीर हो तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।
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