Thursday, May 26, 2022
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सेहत के मामले में छिपा रुस्तम है गुड़हल का फूल

गुड़हल के फूल में आयरन, जिंक, फॉस्फोरस, कैल्शियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। बहुत कम लोगों को पता है कि इस फूल के इस्तेमाल से सेहत और सौंदर्य दोनों को बढ़ाया जा सकता है।

दिल, दिमाग, बाल और पेट को दुरुस्त रखे गुड़हल का फूल

इंडिया न्यूज:
गुड़हल का फूल आमतौर पर पूजा में चढ़ाया जाता है। संस्कृत में गुड़हल को जवाकुसुम कहते हैं। यह वृक्षों के मालवेसी परिवार से संबंधित एक फूलों वाला पौधा है। इसका वनस्पतिक नाम है- हीबीस्कूस रोजा साइनेन्सिस। कहीं-कहीं जवाकुसुम और बोलचाल की भाषा में चाइना रोज कहा जाता है।

इस फूल में आयरन, जिंक, फॉस्फोरस, कैल्शियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। बहुत ही कम लोगों को पता है कि इस फूल के इस्तेमाल से सेहत और सौंदर्य दोनों को बढ़ाया जा सकता है। यह फूल लाल, गुलाबी, सफेद, पीला समेत कई रंगों में पाया जाता है। तो चलिए जानते हैं क्यों है गुड़हल सेहत के लिए लाभकारी।

इस फूल में राइबोफ्लेविन, नियासिन जैसे विटामिन के साथ विटामिन सी मौजूद होता है। अफ्रीकन देशों में हार्ट डिसीज और ब्लड प्रेशर से बचने के लिए गुड़हल के फूल की चाय पी जाती है। यह डाइयूरेटिक होता है इसलिए चाय बनाकर पीना लाभ पहुंचाता है।

कब्ज और गैस की परेशानी को दूर करे गुड़हल

सेहत के मामले में छिपा रुस्तम है गुड़हल का फूल

गुड़हल यानी जवाकुसुम के 2 फूलों को सादे पानी में पीसकर रात में लेने से कब्ज की प्रॉब्लम दूर होती है। चाहें, तो इसके फूलों को सूखाकर पाउडर बना लें। इसे गुनगुने पानी के साथ लेने से क्रॉनिक कॉन्सटिपेशन दूर होगा। इसमें पॉलिफेनोल्स बहुत अधिक मात्रा में होता है। पॉलिफेनॉल्स के कारण इसमें एंटी-कैंसर प्राॉपर्टी बहुत ज्यादा होती हैं।

किस तरह बनाएं गुड़हल की चाय

सेहत के मामले में छिपा रुस्तम है गुड़हल का फूल

  • गुड़हल के दो-तीन फूल को एक पतीले में रखें। इसमें एक-डेढ़ गिलास उबला पानी डालें। थोड़ी देर के लिए ढंककर रखें। पांच से दस मिनट के बाद इसे छान लें। इसमें दो-तीन बूंद नींबू का रस डालकर पिएं। इस बात का खास ख्याल रखें कि चाय बनाने के लिए इसके फूलों को पानी में डालकर नहीं उबालें।
  • माइल्ड ब्लड प्रेशर के मरीज जो एक्सरसाइज और कम नमक से बीपी को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, उनके लिए यह चाय फायदेमंद है। महिलाओं में माहवारी से जुड़ी समस्या भी इस चाय से दूर होती है। महिलाएं यह चाय दिन में एक से दो बार पिएं। इस चाय से पीरियड का फ्लो सुधरता है और इसकी अनियमितता दूर होती है।

लापरवाही ना करें: गर्भवती महिलाएं गुड़हल की चाय का सेवन ना करें। ब्रेस्टफीट कराने वाली माताओं को भी इसकी चाय नहीं पीना चाहिए।

ब्रेन टॉनिक की तरह इस्तेमाल करें

गुड़हल की चाय ब्रेन टॉनिक की तरह होता है। मेमोरी लॉस, एंग्जाइटी और पैनिक अटैक की परेशानी से जूझ रहे लोगों को इसकी चाय से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को कब्ज की दिक्कत होती है, वह भी इस फूल का यूज करें। पित्त बढ़ने पर शरीर में जलन और सूजन होती है। जहां पर जलन, सूजन और खुजली हो, वहां पर जपाकुसुम के 3-4 फूलों के पेस्ट को पीसकर लगाने से राहत मिलेगी। पिंपल आॅइंटमेंट में इस फूल का इस्तेमाल किया जाता रहा है।

बालों की समस्या दूर करे गुड़हल

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  • आजकल कम उम्र में भी बाल झड़ रहे हैं। अनुवांशिक कारणों से भी एक उम्र के बाद बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में गुड़हल के 3-4 फूल और 8-10 पत्तियां लेकर इन्हें गुनगुने पानी से साफकर अच्छी तरह पीस लें। इस पेस्ट को सिर पर लगाएं। दो या तीन घंटे के बाद सादे पानी से धो लें।
  • यह हफ्ते में दो बार जरूर करें। इस दौरान खाने में हरी सब्जियां, प्रोटीन और संतुलित मात्रा में ही भोजन लें। गुड़हल का अर्क लगाने से सर्दियों में होने वाले डैंड्रफ की समस्या दूर होती है।
  • तीन-चार गुड़हल के फूल, दो चम्मच भीगा मेथीदाना, पांच-दस मीठी नीम (करीपत्ता) के पत्तों के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे पंद्रह से 20 मिनट तक सिर और बालों पर लगाकर रखें। शोध में ऐसा पाया गया है कि इसका इस्तेमाल करने से आम लोगों की तुलना में कैंसर के मरीजों के सिर के बाल दोगुनी तेजी से आएंगे।
  • कोकोनट ऑयल में आंवला, ब्राह्मी, भृंगराज को मिक्स कर लें। इसके फूलों को पानी में पीसकर तेल में मिक्स कर लें। इस तेल को गरम कर लें ताकि इसमें मौजूद जल के अंश सूख जाएं। ठंडा होने पर बोतल में भरकर रखें। इससे सिर की मालिश करने से बाल काले और मजबूत होंगे।
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