Shilajit Power: कीड़ा जड़ी पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसे हिमालय का वियाग्रा भी कहा जाता है। चीन में इसका इस्तेमाल एथलीटों की ताकत बढ़ाने के लिए किया जाता है।
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Power Like Shilajit: शिलाजीत नहीं ये एक लकड़ी देगी घोड़े जितनी ताकत, एक ही बार में पत्नी हो जाएगी खुश लगातार बढ़ते तनाव और बेकार लाइफस्टाइल की वजह से जैसे-जैसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती जा रही है, वैसे ही मार्किटों में महंगे सप्लीमेंट्स का अंबार लग चुका है. आज बाजारों में ताकत बढ़ाने के लिए कई सप्लीमेंट्स बिक रहे हैं, जो महंगे तो बहुत हैं, लेकिन ज्यादा फायदा नहीं पहुंचाते. वैसे तो कई लोग ताकत बढ़ाने के लिए शिलाजीत का भी सेवन करते हैं, जिसमें असली और नकली की पहचान करना काफी कठिन होता है. वहीं आज हम आपको एक ऐसी जड़ी-बूटी के बारे में बताएंगे जो शिलाजीत से भी कई गुना ज़्यादा ताकतवर होती है. जिसे खाते ही घोड़े जितनी ताकत आना निश्चित है.
पहाड़ों में पाई जाने वाली कई जड़ी-बूटियों का बहुत महत्व होता है, वैसे तो शिलाजीत भी पहाड़ों की चट्टानों से निकाला जाता है. यह बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और इसका बाज़ार बहुत बड़ा है, यही वजह है कि ज़्यादातर लोग असली शिलाजीत नहीं ले पाते. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहाड़ों में पाई जाने वाली एक ऐसी ही जड़ी-बूटी है, जो शिलाजीत से भी कई ज्यादा ताकतवर होती है. इसका नाम कीड़ा जड़ी है और यह बहुत शक्तिशाली होती है. इसीलिए इसे हिमालयन वियाग्रा भी कहा जाता है.
खास बात ये है कि कीड़ा जड़ी को कैटरपिलर फंगस भी कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम ओफियोकॉर्डिसेप्स साइनेंसिस है. यह जड़ी-बूटी देखने में कीड़े जैसी लगती है, इसलिए इसे भारत में कीड़ा जड़ी कहा जाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह दुर्गम पहाड़ों में पाई जाती है और उत्तराखंड के कई इलाकों में लोग इसका अधिक इस्तेमाल करते हैं. इसकी अत्यधिक तस्करी के कारण भारत में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, इसके लिए सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य है. भारत के अलावा, यह जड़ी-बूटी नेपाल, भूटान, तिब्बत और चीन में भी पाई जाती है.
अब अगर हम आपको इस कीड़ा जड़ी की कीमत के बारे में बताएँ, तो आप चौंक जाएँगे. एक किलो कीड़ा जड़ी की कीमत 12 से 20 लाख रुपये तक हो सकती है. अलग-अलग बाज़ारों में इसकी अलग-अलग कीमतें होती हैं. पूरे एशिया में इसका बाज़ार सैकड़ों करोड़ रुपये का है.
इसका ज़्यादातर इस्तेमाल स्टेमिना बढ़ाने के लिए किया जाता है, इसीलिए चीन इसे अपने एथलीटों को सप्लीमेंट के तौर पर देता है. इसके अलावा, इसे यौन शक्ति बढ़ाने और कैंसर से बचाव की सबसे अचूक औषधि भी माना जाता है. कहा जाता है कि यह कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने का काम करती है. साथ ही, यह जड़ी-बूटी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी काफ़ी कारगर मानी जाती है.
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