Power Nap Magic: क्या लंच के बाद आपकी आंखें भी भारी होने लगती हैं? अगर हां, तो इस नींद को आलस समझकर खुद को रोकने की जरूरत नहीं. दिन के बीच में ली गई छोटी-सी झपकी शरीर और दिमाग दोनों को तरोताजा करने में मदद कर सकती है. खासकर 10 से 20 मिनट की पावर नैप को कम समय में आराम पाने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है. जानिए कैसे-
Nop power से दिमाग को मिल सकती है ‘रीचार्ज’ की डोज. (AI)
Power Nap Magic: क्या लंच के बाद आपकी आंखें भी भारी होने लगती हैं? अगर हां, तो इस नींद को आलस समझकर खुद को रोकने की जरूरत नहीं. दिन के बीच में ली गई छोटी-सी झपकी शरीर और दिमाग दोनों को तरोताजा करने में मदद कर सकती है. खासकर 10 से 20 मिनट की पावर नैप को कम समय में आराम पाने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है. यह आपको नींद की गहरी अवस्था में जाने से पहले जगा देती है, जिससे उठने के बाद भारीपन कम महसूस हो सकता है.
दोपहर की यह छोटी-सी नींद आपकी थकान कम करने के साथ अलर्टनेस, ध्यान और मानसिक प्रदर्शन को बेहतर करने में मदद कर सकती है. हालांकि, इसे लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में ‘ब्रेन पावर 40 फीसदी बढ़ने’ जैसे दावे भी किए जाते हैं, लेकिन इस आंकड़े को सभी लोगों पर लागू होने वाला वैज्ञानिक तथ्य मानना सही नहीं है. पावर नैप के फायदे व्यक्ति की नींद, उम्र, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की दिनचर्या पर निर्भर कर सकते हैं.
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, दिनभर लगातार काम करने के दौरान हमारा दिमाग भी थकता है. पढ़ाई, ऑफिस का काम, स्क्रीन पर लंबे समय तक नजर टिकाए रखना या लगातार निर्णय लेना मानसिक थकान बढ़ा सकता है. ऐसी स्थिति में थोड़ी देर की नींद दिमाग को आराम देने और सतर्कता वापस लाने में मदद कर सकती है. कुछ अध्ययनों में छोटी अवधि की झपकी को अलर्टनेस और संज्ञानात्मक प्रदर्शन में सुधार से जोड़ा गया है. खासकर जब रात की नींद पूरी न हुई हो, तब छोटी झपकी कुछ समय के लिए थकान कम करने में मदद कर सकती है.
Power nap का उद्देश्य रात की नींद की जगह लेना नहीं है. आमतौर पर 10 से 20 मिनट की झपकी को छोटी और व्यावहारिक नैप माना जाता है. बहुत देर तक सोने पर व्यक्ति गहरी नींद में जा सकता है और जागने के बाद कुछ समय तक सुस्ती या ‘sleep inertia’ महसूस हो सकती है. इसलिए अगर आप दिन में झपकी लेना चाहते हैं तो अलार्म लगाकर सीमित समय के लिए सोना बेहतर विकल्प हो सकता है.
दिमाग के लिए नींद का संबंध सिर्फ आराम से नहीं है. नींद सीखने, याददाश्त को मजबूत करने और मानसिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. छोटी झपकी कुछ परिस्थितियों में ध्यान और याददाश्त से जुड़े प्रदर्शन को सपोर्ट कर सकती है. हालांकि, Power Nap को रात की 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद का विकल्प नहीं माना जा सकता. अगर किसी व्यक्ति को रोज दिन में अत्यधिक नींद आती है, रात में पर्याप्त सोने के बावजूद थकान रहती है या बार-बार नींद टूटती है, तो इसके पीछे किसी नींद संबंधी समस्या का कारण हो सकता है.
दोपहर के भोजन के बाद शुरुआती दोपहर में थोड़ी देर आराम करना कई लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकता है. कोशिश करें कि झपकी बहुत देर शाम तक न खिंचे, क्योंकि इससे रात में सोने में परेशानी हो सकती है. एक शांत, कम रोशनी वाली जगह चुनें, फोन को साइलेंट करें और 10-20 मिनट का अलार्म लगाएं. उठने के बाद थोड़ा पानी पीकर और हल्की गतिविधि करके आप दोबारा अपने काम पर लौट सकते हैं.
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