Live TV
Search
Home > India News > पीएम-सेतु के तहत सूरत की 5 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण को एएम/एनएस इंडिया से समझौता

पीएम-सेतु के तहत सूरत की 5 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण को एएम/एनएस इंडिया से समझौता

Written By:
Last Updated: October 13, 2026 19:37:19 IST

Mobile Ads 1x1

सूरत (गुजरात) [भारत], 13 अक्टूबर: आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील के संयुक्त उद्यम एएम/एनएस इंडिया ने प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के तहत सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार और गुजरात सरकार के साथ साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के माध्यम से एएम/एनएस इंडिया, केंद्र सरकार और गुजरात सरकार के बीच स्वीकृत निवेश योजना को लागू करने के लिए साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया है। अगले चरण में आईटीआई के आधुनिकीकरण और संचालन के लिए एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) का गठन किया जाएगा। इसमें एएम/एनएस इंडिया की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार और गुजरात सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत होगी।

यह समझौता सूरत क्लस्टर के लिए स्वीकृत रणनीतिक निवेश योजना को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत प्रशिक्षण सुविधाओं, पाठ्यक्रमों और शिक्षण पद्धतियों में सुधार किया जाएगा। योजना में संस्थानों के आधुनिकीकरण और इसके लिए किए जाने वाले निवेश का विस्तृत खाका तैयार किया गया है।

240 करोड़ रुपये के स्वीकृत निवेश वाला यह प्रोजेक्ट पांचों आईटीआई में पढ़ने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, उन्नत पाठ्यक्रमों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को विनिर्माण क्षेत्र तथा क्षेत्र के संबंधित उद्योगों में रोजगार पाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री श्री कुंवरजीभाई बावलिया, श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, गुजरात सरकार ने कहा, “यह आवश्यक है कि गुजरात का औद्योगिक विकास हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करता रहे। एएम/एनएस इंडिया के साथ यह साझेदारी सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी आईटीआई में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करेगी और विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल करने में मदद करेगी। तकनीकी शिक्षा को उद्योगों के साथ अधिक निकटता से जोड़कर हमारा उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और राज्य के औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचाना है।”

श्री आशुतोष तेलांग, डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट – एचआर एंड एडमिनिस्ट्रेशन, एएम/एनएस इंडिया ने कहा, “क्षेत्र के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना एएम/एनएस इंडिया का प्रमुख उद्देश्य है। इस साझेदारी के तहत हम विनिर्माण क्षेत्र में अपने अनुभव और न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नामटेक) की तकनीकी शिक्षा संबंधी विशेषज्ञता को सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी आईटीआई तक पहुंचाएंगे। बेहतर सुविधाओं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण को मजबूत बनाकर विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे वे विनिर्माण और संबंधित उद्योगों में रोजगार के लिए तैयार होंगे तथा स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता भी बढ़ेगी।”

एएम/एनएस इंडिया अपने शैक्षणिक और तकनीकी साझेदार न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नामटेक) के साथ मिलकर इस परियोजना को लागू करेगा। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण सुविधाओं का आधुनिकीकरण, मौजूदा पाठ्यक्रमों में सुधार, नए व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करना और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण को अधिक मजबूत बनाना शामिल है।

इन सुधारों से विद्यार्थियों को कार्यस्थलों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और प्रक्रियाओं के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से वे कक्षा में प्राप्त ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग कर सकेंगे और तकनीकी कार्यों को करने में आत्मविश्वास विकसित कर पाएंगे। प्रशिक्षकों को भी अपने तकनीकी ज्ञान और शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस परियोजना में पांच सरकारी आईटीआई शामिल हैं। इनमें सरकारी आईटीआई, सूरत; सरकारी आईटीआई, हजीरा; सरकारी आईटीआई, बारडोली; सरकारी महिला आईटीआई, सचिन और सरकारी महिला आईटीआई, सूरत शामिल हैं। सरकारी आईटीआई, सूरत मुख्य प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा और साझा सुविधाओं एवं संसाधनों के माध्यम से अन्य चार संस्थानों को सहयोग प्रदान करेगा।

प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने से विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी और नियोक्ताओं को आवश्यक कौशल वाले उम्मीदवार मिल सकेंगे। इस आधुनिकीकरण से दोनों महिला आईटीआई में पढ़ने वाली छात्राओं को भी लाभ होगा और उन्हें तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होने का अवसर मिलेगा।

गुजरात में हुआ यह समझौता पीएम-सेतु योजना के तहत एएम/एनएस इंडिया द्वारा किए गए दो अलग-अलग साझेदारी समझौतों में से एक है। दूसरा समझौता आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम क्लस्टर की चार सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए किया गया है। दोनों परियोजनाओं के तहत कुल नौ आईटीआई शामिल हैं, जिनके लिए कुल 440 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है।

पीएम-सेतु भारत सरकार की एक पहल है, जिसके लिए कुल 60,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य उद्योगों की भागीदारी से देश की 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण करना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद मिल सके।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

MORE NEWS

Home > India News > पीएम-सेतु के तहत सूरत की 5 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण को एएम/एनएस इंडिया से समझौता

Written By:
Last Updated: October 13, 2026 19:37:19 IST

Mobile Ads 1x1

सूरत (गुजरात) [भारत], 13 अक्टूबर: आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील के संयुक्त उद्यम एएम/एनएस इंडिया ने प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के तहत सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार और गुजरात सरकार के साथ साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के माध्यम से एएम/एनएस इंडिया, केंद्र सरकार और गुजरात सरकार के बीच स्वीकृत निवेश योजना को लागू करने के लिए साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया है। अगले चरण में आईटीआई के आधुनिकीकरण और संचालन के लिए एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) का गठन किया जाएगा। इसमें एएम/एनएस इंडिया की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार और गुजरात सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत होगी।

यह समझौता सूरत क्लस्टर के लिए स्वीकृत रणनीतिक निवेश योजना को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत प्रशिक्षण सुविधाओं, पाठ्यक्रमों और शिक्षण पद्धतियों में सुधार किया जाएगा। योजना में संस्थानों के आधुनिकीकरण और इसके लिए किए जाने वाले निवेश का विस्तृत खाका तैयार किया गया है।

240 करोड़ रुपये के स्वीकृत निवेश वाला यह प्रोजेक्ट पांचों आईटीआई में पढ़ने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, उन्नत पाठ्यक्रमों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को विनिर्माण क्षेत्र तथा क्षेत्र के संबंधित उद्योगों में रोजगार पाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री श्री कुंवरजीभाई बावलिया, श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, गुजरात सरकार ने कहा, “यह आवश्यक है कि गुजरात का औद्योगिक विकास हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करता रहे। एएम/एनएस इंडिया के साथ यह साझेदारी सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी आईटीआई में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करेगी और विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल करने में मदद करेगी। तकनीकी शिक्षा को उद्योगों के साथ अधिक निकटता से जोड़कर हमारा उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और राज्य के औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचाना है।”

श्री आशुतोष तेलांग, डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट – एचआर एंड एडमिनिस्ट्रेशन, एएम/एनएस इंडिया ने कहा, “क्षेत्र के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना एएम/एनएस इंडिया का प्रमुख उद्देश्य है। इस साझेदारी के तहत हम विनिर्माण क्षेत्र में अपने अनुभव और न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नामटेक) की तकनीकी शिक्षा संबंधी विशेषज्ञता को सूरत क्लस्टर की पांच सरकारी आईटीआई तक पहुंचाएंगे। बेहतर सुविधाओं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण को मजबूत बनाकर विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे वे विनिर्माण और संबंधित उद्योगों में रोजगार के लिए तैयार होंगे तथा स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता भी बढ़ेगी।”

एएम/एनएस इंडिया अपने शैक्षणिक और तकनीकी साझेदार न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नामटेक) के साथ मिलकर इस परियोजना को लागू करेगा। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण सुविधाओं का आधुनिकीकरण, मौजूदा पाठ्यक्रमों में सुधार, नए व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करना और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण को अधिक मजबूत बनाना शामिल है।

इन सुधारों से विद्यार्थियों को कार्यस्थलों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और प्रक्रियाओं के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से वे कक्षा में प्राप्त ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग कर सकेंगे और तकनीकी कार्यों को करने में आत्मविश्वास विकसित कर पाएंगे। प्रशिक्षकों को भी अपने तकनीकी ज्ञान और शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस परियोजना में पांच सरकारी आईटीआई शामिल हैं। इनमें सरकारी आईटीआई, सूरत; सरकारी आईटीआई, हजीरा; सरकारी आईटीआई, बारडोली; सरकारी महिला आईटीआई, सचिन और सरकारी महिला आईटीआई, सूरत शामिल हैं। सरकारी आईटीआई, सूरत मुख्य प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा और साझा सुविधाओं एवं संसाधनों के माध्यम से अन्य चार संस्थानों को सहयोग प्रदान करेगा।

प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने से विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी और नियोक्ताओं को आवश्यक कौशल वाले उम्मीदवार मिल सकेंगे। इस आधुनिकीकरण से दोनों महिला आईटीआई में पढ़ने वाली छात्राओं को भी लाभ होगा और उन्हें तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार होने का अवसर मिलेगा।

गुजरात में हुआ यह समझौता पीएम-सेतु योजना के तहत एएम/एनएस इंडिया द्वारा किए गए दो अलग-अलग साझेदारी समझौतों में से एक है। दूसरा समझौता आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम क्लस्टर की चार सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए किया गया है। दोनों परियोजनाओं के तहत कुल नौ आईटीआई शामिल हैं, जिनके लिए कुल 440 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है।

पीएम-सेतु भारत सरकार की एक पहल है, जिसके लिए कुल 60,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य उद्योगों की भागीदारी से देश की 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण करना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद मिल सके।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

MORE NEWS