<

भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर: ज़रूरतमंदों के लिए आशा की किरण

श्री गंगानगर (राजस्थान) [भारत], 13 नवंबर: के हृदय स्थल में, संस्थापक राजिंदर ऑलसिखा और ट्रस्टी किरण वर्मा के नेतृत्व में भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर अपने मानवीय प्रयासों…

श्री गंगानगर (राजस्थान) [भारत], 13 नवंबर: के हृदय स्थल में, संस्थापक राजिंदर ऑलसिखा और ट्रस्टी किरण वर्मा के नेतृत्व में भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर अपने मानवीय प्रयासों के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रही है। यह गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) समुदाय की सेवा, लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने, बुजुर्गों को आश्रय प्रदान करने, वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने, जानवरों को बचाने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए समर्पित है।

1 जनवरी, 1998 को 9एफए माझीवाला में जन्मे राजिंदर ऑलसिखा इस नेक पहल की प्रेरक शक्ति हैं। सामाजिक उत्तरदायित्व की गहरी भावना से प्रेरित होकर, उन्होंने उन लोगों को सम्मान देने का मिशन शुरू किया है जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

लावारिस शवों का अंतिम संस्कार: मानवता की मिसाल

संगठन की प्रमुख गतिविधियों में से एक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना है। राजिंदर ऑलसिखा स्थानीय पुलिस और अस्पतालों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि शवों की पहचान की जा सके और उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जा सके, ताकि उन्हें सम्मानजनक विदाई मिल सके।

श्री गंगानगर, राजस्थान – जीवन की अंतिम यात्रा में, जहाँ कई लोग गुमनामी के साये में चले जाते हैं, भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर मानवता की एक मिसाल बनकर उभरती है।
श्री गंगानगर के समाजसेवक राजिंदर ऑलसिखा द्वारा स्थापित इस टीम ने यह सुनिश्चित करने का गहन मिशन उठाया है कि कोई भी आत्मा विस्मृत न हो। अब तक, उन्होंने पूरे भारत में 100 से ज़्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया है, प्रत्येक व्यक्ति की आस्था और परंपराओं का पूरी निष्ठा से सम्मान करते हुए।

एक प्रेरक शुरुआत

इस मिशन की शुरुआत बीकानेर में हुई एक मार्मिक घटना से हुई। बिहार का एक गरीब परिवार कैंसर का इलाज कराने आया था, लेकिन जब मरीज की मृत्यु हो गई, तो उसकी विधवा असहाय हो गई, और शव को घर ले जाने में असमर्थ हो गई।

उसकी दुर्दशा से बहुत दुखी होकर, ऑलसिखा ने स्वयं अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। वह क्षण एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
“उस दिन से, मैंने संकल्प लिया कि कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका धर्म, जाति या परिस्थितियाँ कुछ भी हों, इस दुनिया से उस सम्मान के बिना नहीं जाना चाहिए जिसका वह हकदार है,” — ऑलसिखा याद करते हैं।

धर्म से परे करुणा

भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर की विशिष्टता इसकी गहन समावेशी भावना है। चाहे मृतक हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई हो, टीम यह सुनिश्चित करती है कि हर अनुष्ठान धार्मिक रीति-रिवाजों का सख्ती से पालन करते हुए किया जाए —
हिंदू दाह संस्कार की पवित्र अग्नि से लेकर इस्लामिक दफ़न, सिख परंपराओं की अरदास या ईसाई धर्म के पवित्र संस्कार तक।

चुनौतियों से सहयोग तक का सफर

शुरुआत में यह रास्ता कठिनाइयों से भरा था। टीम को संदेह का सामना करना पड़ा और अस्पतालों व पुलिस के साथ समन्वय करने में कठिनाई हुई।
हालाँकि, आज कहानी बदल चुकी है। उद्देश्य की महानता को समझते हुए, स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब टीम के साथ सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।

ऑलसिखा कहते हैं —
“पहले लोग सवाल करते थे कि हमने ऐसा क्यों किया। अब, जब कोई लावारिस शव मिलता है तो पुलिस खुद हमें बुलाती है।”

संवेदना से परे आध्यात्मिक प्रतिबद्धता

संख्याओं से परे, यह कार्य करुणा का एक मौन प्रमाण है। प्रत्येक दाह संस्कार या दफ़न केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है —
कि प्रत्येक जीवन, चाहे वह कितना भी दरिद्र या अकेला क्यों न हो, मृत्यु के बाद सम्मान का पात्र है।

राजिंदर ऑलसिखा के लिए यह केवल सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रतिबद्धता है।
इस दुनिया में, जो अक्सर बहुत तेज़ी से आगे बढ़ती है, भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर मानवता के सबसे बड़े कर्तव्य — करुणा — की एक गंभीर याद दिलाती है।

बुज़ुर्गों के लिए आश्रम

यह संगठन श्रीगंगानगर में उन बुज़ुर्गों के लिए एक आश्रम भी चलाता है जिनके पास न तो आर्थिक सहायता है और न ही कोई परिवार।
प्रवेश प्रक्रिया में ज़िला समाज कल्याण अधिकारी या एसडीएम कार्यालय के माध्यम से आवेदन करना शामिल है। आवेदकों की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होनी चाहिए।
आश्रम उन्हें सुरक्षित वातावरण, भोजन और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है।

वंचित बच्चों की शिक्षा

भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर आश्रम में वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
पाठ्यक्रम में वैदिक अध्ययन, ज्योतिष, पर्यावरण जागरूकता और अनुष्ठानिक शिक्षाएँ शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सशक्त बनाना है।

पशु कल्याण और नशामुक्ति अभियान

यह एनजीओ परित्यक्त और बीमार जानवरों को बचाने में भी सक्रिय रूप से शामिल है। यह आवारा जानवरों को आश्रय, चिकित्सा देखभाल और पुनर्वास प्रदान करता है और गोद लेने के अभियान भी चलाता है।
इसके अलावा, यह पशु तस्करी और क्रूरता के खिलाफ कार्य करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि बेजुबान जानवरों को वह देखभाल मिले जिसके वे हकदार हैं।

नशा मुक्त भारत अभियान इस एनजीओ द्वारा संचालित एक और महत्वपूर्ण पहल है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से, यह संस्था नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु रैलियाँ, कार्यशालाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेमिनार आयोजित करती है।
हर साल 26 जून को, यह संस्था अपने परिवार में अंतर्राष्ट्रीय सेवा दौड़ का आयोजन करती है।

परिवार और समर्थन

राजिंदर ऑलसिखा स्वर्गीय हरि राम जी ऑलसिखा और स्वर्गीय जस्सी बाई के पुत्र हैं।
उनकी पुत्री भावना ऑलसिखा, भाई पूरन ऑलसिखा और भाभी अंजू ऑलसिखा, साथ ही उनकी बेटियाँ मानू ऑलसिखा और जन्नत ऑलसिखा इस कार्य में उनका सहयोग करती हैं।

मानवता का उजला उदाहरण

निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से, भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर असहायों के लिए आशा की किरण बनी हुई है।
चाहे वह लावारिस शवों का अंतिम संस्कार हो, बुजुर्गों को आश्रय देना हो, वंचितों को शिक्षित करना हो, जानवरों को बचाना हो या नशे की लत से लड़ना —
यह संस्था समाज पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ रही है।

राजिंदर ऑलसिखा का अटूट समर्पण सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें मानवता और करुणा की शक्ति की याद दिलाता है।

<p>The post भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर: ज़रूरतमंदों के लिए आशा की किरण first appeared on PNN Digital.</p>

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

Indianews Webdesk

Recent Posts

पाकिस्तानी लेखक की एक्ट्रेसेस को दोटूक, बोले- मेरे सेट पर ये सब नहीं चलेगा, सीरियल में कपड़ों को लेकर होंगे नियम

Pakistani cinema: पाकिस्तानी निर्देशक और स्क्रीनराइटर खलील-उर-रहमान कमर ने एक पॉडकास्ट में अभिनेत्री सबा कमर…

Last Updated: October 24, 2026 23:37:41 IST

Karwa Chauth Gift Ideas 2026: करवा चौथ पर पत्नी को दें ये 5 खास तोहफे, खुश हो जाएगा उनका दिल

Karwa Chauth gift ideas: करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा. इस मौके पर…

Last Updated: October 24, 2026 23:17:28 IST

ग्लैमर से आध्यात्म तक,अक्षरा सिंह ने आध्यात्मिक कार्यक्रम में लिया हिस्सा, पवन सिंह की माफी पर अब भी खामोशी

Akshara Singh spirituality: भोजपुरी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह राजस्थान के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान…

Last Updated: October 24, 2026 23:12:31 IST

Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद? यहां देखें पूरी लिस्ट

Sharad Purnima moonrise time: शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता…

Last Updated: October 24, 2026 22:47:32 IST

Monkey Viral Video: दुकान में घुसा लंगूर, दुकानदार की गोद में बैठकर लगाया गले, देखें वीडियो

Monkey Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें…

Last Updated: October 24, 2026 21:51:52 IST

सुनीता के तलाक केस से लेकर अफेयर की चर्चा तक, गोविंदा ने इंटरव्यू में खोले कई राज, कही जूते से मारने वाली बात

Govinda Affair Discussion: गोविंदा ने ABP के साथ बातचीत में पत्नी सुनीता आहूजा के तलाक…

Last Updated: October 24, 2026 21:38:36 IST