<

सूरत के शिवम ज्वेल्स को वैश्विक मंच पर बड़ी उपलब्धि, डीटीसी साइट होल्डर के रूप में चयन

 9 साल बाद नई नियुक्ति में जगह पाने वाली कंपनी, हीरा उद्योग को मिलेगी नई दिशा सूरत (गुजरात), मार्च 21:  सूरत के कतारगाम इलाके में स्थित शिवम ज्वेल्स…

9 साल बाद नई नियुक्ति में जगह पाने वाली कंपनी, हीरा उद्योग को मिलेगी नई दिशा

सूरत (गुजरात), मार्च 21:  सूरत के कतारगाम इलाके में स्थित शिवम ज्वेल्स कंपनी ने हीरा उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के संचालक घनश्याम मावजीभाई शंकर के नेतृत्व में शिवम जेम्स को डायमंड ट्रेडिंग कंपनी (डीटीसी) द्वारा ‘साइट होल्डर’ के रूप में चुना गया है। उल्लेखनीय है कि लगभग 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद डीटीसी द्वारा नए साइट होल्डर्स की नियुक्ति की गई है, जिसमें सूरत की इस कंपनी को स्थान मिला है।

शिवम ज्वेल्स, गोतालावाड़ी सर्कल के पास वस्तादेवड़ी रोड पर संचालित है और नेचुरल डायमंड मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी कंपनियों में से एक मानी जाती है। कंपनी कच्चे हीरों का आयात कर यहां प्रोसेसिंग करके तैयार माल बनाती है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत निर्यात किया जाता है, जबकि 10 प्रतिशत स्थानीय बाजार में बेचा जाता है।PNN 21 03 26 1

कंपनी की क्षमता की बात करें तो वर्तमान में शिवम ज्वेल्स में करीब 1,950 कर्मचारी कार्यरत हैं और इसका वार्षिक टर्नओवर लगभग 2,700 करोड़ रुपये है। डीटीसी साइट होल्डर बनने से अब कंपनी को सीधे कच्चा माल मिलेगा, जिससे उत्पादन और निर्यात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। इसके साथ ही सूरत के हीरा उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

डायमंड ट्रेडिंग कंपनी (डीटीसी) डी बियर्स ग्रुप का एक हिस्सा है, जो लगभग 130 वर्ष पुरानी वैश्विक संस्था है। डीटीसी दुनियाभर के चुनिंदा साइट होल्डर्स को हर महीने कच्चे हीरों की आपूर्ति करती है। पहले इसका मुख्यालय लंदन में था, लेकिन अब इसे बोत्सवाना स्थानांतरित कर दिया गया है। कंपनी इज़राइल, अमेरिका, भारत, श्रीलंका और चीन जैसे देशों में अपने साइट होल्डर्स रखती है।

साइट होल्डर बनने के लिए कंपनी का इतिहास, कार्यप्रणाली, निरंतर विकास और कर्मचारियों को मिलने वाला स्थिर रोजगार जैसे मानदंडों को ध्यान में रखा जाता है। शिवम ज्वेल्स ने इन सभी मापदंडों पर खरा उतरते हुए यह मान्यता प्राप्त की है।

शिवम ज्वेल्स की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और वर्ष 2014 से कंपनी ने इस क्षेत्र में विशेष प्रगति शुरू की थी। करीब 12 वर्षों की निरंतर मेहनत के बाद वर्ष 2026 में कंपनी को यह प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है। घनश्यामभाई शंकर स्वयं पिछले 40 वर्षों से हीरा उद्योग से जुड़े हुए हैं, जिनके अनुभव और दृढ़ संकल्प ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

Indianews Webdesk

Recent Posts

Hariyali Teej 2026: कब है हरियाली तीज; 14 अगस्त या 15 अगस्त? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा करने की विधि

Sawan Teej 2026: सावन में हरियाली तीज महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है.…

Last Updated: August 13, 2026 23:01:44 IST

Sri Lanka: श्रीलंकाई क्रिकेट कोच की हुई मौत, थोड़ी देर पहले खिलाडियों से हुई थी झड़प

कोलंबो स्थित एक क्रिकेट क्लब में खिलाड़ियों के साथ कहासुनी के बाद श्रीलंका के क्रिकेट…

Last Updated: August 13, 2026 22:08:22 IST

Jharkhand: गढ़वा में शिक्षक के तबादले पर गुस्साए  Zen Alpha, सड़क जाम कर थाना में किया पथराव; मांग मानी गई तो खत्म हुआ आंदोलन

Zen-alpha Movement: झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड में सरकारी शिक्षक मलय सिंह के…

Last Updated: August 13, 2026 21:33:43 IST

देवरिया की तिरंगा यात्रा में निकली थी छात्राएं, गर्मी से छात्राओं का हाल हुआ बेहाल, 25 से अधिक अस्पताल में भर्ती

देवरिया में पीएम श्री जीआईसी परिसर से छात्राओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी.…

Last Updated: August 13, 2026 21:09:48 IST

Who Is Jaspal Singh: नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर निहंग सिख जसपाल सिंह ने कराया हमला, गिरफ्तार, हमले की वजह जानकर हो जायेंगे हैरान

नांदेड़ गुरुद्वारे में पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला हो गया.…

Last Updated: August 13, 2026 20:05:52 IST