भारतीय नौसेना क्यों मनाया जाता है? और कितनी ताकतवर है हमारी नौसेना? इस स्टोरी में हम बताएंगे भारतीय नौसेना के बारे में 8 बड़ी बातें.
8 interesting facts about the Indian Navy
Indian Navy Day 2025: भारत अपने दुश्मन देशों से घिरा हुआ है. चीन अप्रत्य़क्ष तो पाकिस्तान प्रत्यक्ष रूप से भारत का दुश्मन है. पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ नापाक हरकतें करता रहा है. जल और थल सेना के साथ नौसेना भी किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण होती है. समुद्री सीमाओं की रक्षा से लेकर वैश्विक स्तर पर प्रभाव नौसेना के जरिये ही नजर आता है. भारतीय नौसेना (Indian Navy) की ताकत से दुनिया वाकिफ है. नौसेना ने दुश्मन देश पाकिस्तान को कई बार अपनी ताकत से सबक सिखाया है. अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और कराची बंदरगाह मिसाइल हमला हुआ था. वर्ष 1971 के सफल नौसैनिक अभियानों के सम्मान में और इसके साथ ही युद्ध शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रत्येक वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है. वर्ष 1972 में पहली बार भारतीय नौसेना दिवस मनाया गया. इसके बाद से यह लगातार मनाया जा रहा है.
भारतीय नौसेना मानवीय और आपदा राहत कार्यों में भी सक्रिय रूप से शामिल है. लोगों का आज भी याद है जब वर्ष 2004 की हिंद महासागर सुनामी के अलावा 2015 में नेपाल में आए भूकंप और 2018 में केरल में आई बाढ़ सहित कई प्राकृतिक आपदाओं में सार्थक भूमिका निभाई थी. जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना ने कई देशों को सहायता प्रदान की है.
भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे मज़बूत नौसेनाओं में से एक है. ताकत की बात करें तो भारतीय नौसेना दुनिया में छठे नंबर पर है. भारत से पहले अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और जापान हैं. इसके बाद छठे नंबर पर भारत है, जिसकी नौसेना सर्वाधिक मजबूत है.
भारतीय नौसेना आज आधुनिक रूप में है. हालांकि, इसका इतिहास 350 से भी ज़्यादा वर्षों पुराना है. इतने लंबे समय में भारतीय नौसेना ने युद्ध और शांति दोनों ही समय में भारत के समुद्री हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
वर्ष 1962 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय नौसेना की स्थापना की थी. शुरुआती दौर में इसे ईस्ट इंडिया कंपनी की मरीन के नाम से जाना जाता था.
यह जानना भी रोचक है कि शुरुआत में नौसेना का काम ब्रिटिश व्यापारी जहाजों को समुद्री डाकुओं और अन्य खतरों से बचाना था. वक्त के साथ इसका रूप और काम दोनों बदला.
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य ‘शं नो वरुणः’ है. इसका अर्थ है- महासागर के स्वामी हम पर कृपा करें’ होता है. यह आदर्श वाक्य भारत के समुद्री हितों की रक्षा और उसकी परंपराओं एवं मूल्यों को बनाए रखने के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
भारतीय नौसेना के पास 150 से ज़्यादा जहाजों का बेड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें पनडुब्बी, विध्वंसक, फ्रिगेट और विमानवाहक पोत शामिल हैं. इसका प्रमुख पोत आईएनएस विक्रांत है, जिसका चर्चा दुनियाभर में होती है.
भारतीय नौसेना के पास पनडुब्बी का बेड़ा है. यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली बेड़ों में से एक है. भारत के पास परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों सहित 15 पनडुब्बियां हैं.
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