Middle East Crisis: एयरलाइन के अनुसार उत्तर अमेरिका और यूरोप की अन्य उड़ानें वैकल्पिक हवाई मार्गों से संचालित होंगी, जिससे उड़ान समय बढ़ सकता है.
मध्य पूर्व संकट के बीच कई उड़ाने रद्द
Middle East Crisis: मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच रविवार को भारतीय घरेलू एयरलाइंस की करीब 350 उड़ानें रद्द कर दी गईं. हालांकि एयरलाइंस लंबी दूरी की उड़ानों को पूरी तरह निलंबित करने के बजाय वैकल्पिक मार्गों से संचालन जारी रखने की कोशिश कर रही हैं ताकि पश्चिमी देशों के लिए कनेक्टिविटी बनी रहे.
एयर इंडिया ने कहा कि सोमवार से उसकी सभी उत्तर अमेरिका (North America) जाने वाली उड़ानें तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी. एयरलाइन ने रविवार को 50 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं और बताया कि सोमवार रात 11:59 बजे (IST) तक यूएई, सऊदी अरब, इजराइल और कतर के लिए उड़ानें रद्द रहेंगी.
इसके अलावा 2 मार्च 2026 को यूरोप के लिए निर्धारित कुछ उड़ानें भी रद्द की गई हैं जिनमें अमृतसर-बर्मिंघम (AI117), दिल्ली-ज्यूरिख (AI151/152), दिल्ली-कोपेनहेगन (AI157/158) और बर्मिंघम-दिल्ली (AI114) की वापसी उड़ानें शामिल हैं.
एयरलाइन के अनुसार उत्तर अमेरिका और यूरोप की अन्य उड़ानें वैकल्पिक हवाई मार्गों से संचालित होंगी, जिससे उड़ान समय बढ़ सकता है. न्यूयॉर्क (JFK) और नेवार्क (Liberty International) की उड़ानें अब रोम के फ्यूमिचिनो एयरपोर्ट पर तकनीकी ठहराव के साथ संचालित होंगी.
इंडिगो ने 3 मार्च तक लगभग 360 उड़ानों को रद्द करने की घोषणा की है और प्रभावित यात्रियों के लिए शुल्क में छूट व लचीलापन बढ़ाया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने बताया कि 1 मार्च 2026 को भू-राजनीतिक हालात के चलते 350 उड़ानें रद्द की गईं. मंत्रालय एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय में स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
तेहरान, कुवैत, इज़राइल और बगदाद फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (FIR) बंद होने से भारत-यूरोप के लिए इस्तेमाल होने वाला उत्तरी कॉरिडोर बाधित हो गया है. 28 फरवरी को दोपहर 1:10 बजे (IST) बगदाद FIR बंद हुआ, जिससे भारत-यूरोप उड़ानों पर सीधा असर पड़ा. यह प्रतिबंध 2 मार्च दोपहर 2:30 बजे (IST) तक बढ़ा दिया गया है. दोहा FIR भी 28 फरवरी शाम से बंद है.
मार्टिन कंसल्टिंग के सीईओ मार्क डी मार्टिन के अनुसार, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को साप्ताहिक तौर पर लगभग 875 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. पाकिस्तान, ईरान और यूएई के हवाई क्षेत्र बंद होने से यूरोप, अमेरिका और पर्शियन गल्फ की उड़ानों पर सीधा असर पड़ा है.
एक पूर्व एयरलाइन अधिकारी के मुताबिक, मध्य-पूर्व से बचकर उड़ान भरने पर भारतीय एयरलाइंस की लागत में भारी वृद्धि होगी और यात्रा समय कम से कम दो घंटे बढ़ जाएगा.
इस संकट का असर मेट्रो एयरपोर्ट्स पर भी दिख रहा है.
मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ने विमान पार्किंग स्टैंड की कमी के कारण डायवर्जन ट्रैफिक अस्थायी रूप से स्वीकार करने से इनकार किया और सोमवार सुबह 8 बजे तक NOTAM जारी किया.
उद्योग सूत्रों के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर चर्चा पिछले 15 दिनों से चल रही थी, जिसके चलते न्यूयॉर्क के लिए रोम के रास्ते उड़ान भरने का निर्णय लिया गया. हालांकि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए एयरलाइंस को रोजाना के आधार पर संचालन संबंधी फैसले लेने पड़ रहे हैं.
कुल मिलाकर, मध्य-पूर्व के हवाई क्षेत्र में जारी तनाव का असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर गहराता जा रहा है, जिससे यात्रियों को देरी, रद्दीकरण और लंबी यात्रा का सामना करना पड़ रहा है.
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