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मालेगांव केस ने बदली किस्मत, 17 साल के संघर्ष के बाद मिला इंसाफ; कर्नल पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर प्रमोशन

Srikant Prasad Purohit Promotion: मालेगांव धमाका केस के सिलसिले में 2008 में गिरफ्तार हुए भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन के लिए मंज़ूरी दे दी है. यह कदम 17 साल के उस सफ़र का नतीजा है, जिसमें यह अफ़सर एक हाई-प्रोफ़ाइल धमाका केस में आरोपी होने से लेकर बरी होने और फिर से सिस्टम में बहाल होने तक का सफ़र तय कर चुका है.

Colonel Purohit Promotion: भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन के लिए मंज़ूरी दे दी है. यह सेना के सबसे पेचीदा और लंबे समय से चल रहे कानूनी मामलों में से एक में एक अहम मोड़ है. यह फ़ैसला तब आया है, जब कुछ हफ़्ते पहले आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने 31 मार्च, 2026 को होने वाली उनकी तय रिटायरमेंट को रोकने के लिए दखल दिया था, ताकि उनके अटके हुए प्रमोशन केस की समीक्षा की जा सके.
यह कदम 17 साल के उस सफ़र का नतीजा है, जिसमें यह अफ़सर एक हाई-प्रोफ़ाइल धमाका केस में आरोपी होने से लेकर बरी होने और फिर से सिस्टम में बहाल होने तक का सफ़र तय कर चुका है.

2008 में मालेगांव धमाका केस में हुई थी गिरफ्तारी

मालेगांव धमाका केस के सिलसिले में 2008 में गिरफ़्तारी के बाद से पुरोहित के करियर की तरक्की लगभग रुक सी गई थी. हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी और बाद में वे फिर से एक्टिव सर्विस में लौट आए थे, लेकिन उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन की उम्मीदें सालों तक कानूनी अनिश्चितता में फंसी रहीं.

बरी होने से हालात बदले

अहम मोड़ 31 जुलाई, 2025 को आया, जब महाराष्ट्र की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने पुरोहित को सभी आरोपों से बरी कर दिया. कोर्ट ने अपने फ़ैसले में सबूतों की कमी और सरकारी पक्ष के केस में विरोधाभास का ज़िक्र किया. बरी होने के बाद, सितंबर 2025 में उन्हें पूरे कर्नल के पद पर प्रमोट कर दिया गया, जिससे उनके करियर की तरक्की का कुछ हिस्सा बहाल हो गया.

ट्रिब्यूनल के दखल से रिटायरमेंट रुका

16 मार्च, 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अगुवाई वाली एक बेंच ने फ़ैसला सुनाया कि पुरोहित के पास अपने जूनियर्स के बराबर फ़ायदे और प्रमोशन पाने के लिए विचार किए जाने का एक मज़बूत केस है. ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि जब तक प्रमोशन से जुड़ी उनकी कानूनी शिकायत का हल नहीं निकल जाता, तब तक उनकी रिटायरमेंट को रोककर रखा जाए. इसका मतलब था कि उनकी सर्विस एक्टिव बनी रहेगी.
सूत्रों के मुताबिक, सेना द्वारा उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन के लिए मंज़ूरी देना, उनकी जेल और ट्रायल के दौरान बर्बाद हुए सालों को स्वीकार करने जैसा है. अगर उनके करियर में रुकावट न आई होती, तो उनके बैच के अफ़सर अब तक सीनियर लीडरशिप के पदों पर पहुँच चुके होते. कुछ जानकारों का कहना है कि आम हालात में वे मेजर जनरल के पद तक पहुंच सकते थे.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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