India News (इंडिया न्यूज), Crime News: उत्तर प्रदेश के बस्ती में पुलिस की क्रूरता ने एक मां से उसका बेटा छीन लिया। उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। शायद उसकी जान बच सकती थी! अगर वो 5 हजार रुपए का इंतजाम कर लेती। मां का कहना है कि पुलिसवालों ने उसके बेटे को छोड़ने के लिए उससे 5 हजार रुपए मांगे थे। घटना बस्ती जिले के दुबौलिया थाने के उभई गांव की है। 17 साल के आदर्श उपाध्याय को थाने ले जाकर पुलिस ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि, आदर्श कोई अपराधी नहीं था। गांव का सीधा-सादा लड़का था। वो गाय चराता था और घर के काम में परिवार की मदद करता था। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने गांव के एक अमीर आदमी से तंबाकू मांगा था। यह बात सेठ को पसंद नहीं आई। इस पर विवाद हुआ और सेठ ने पुलिस को बुला लिया। इसके बाद पुलिस ने जो किया उसने एक मां के बेटे को उससे छीन लिया।
Crime News ( उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक युवक की पुलिस की पिटाई से हुई मौत)
#BastiPolice थाना दुबौलिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम उभाई में नाबालिग लड़के की मृत्यु के प्रकरण में पुलिस कार्यवाही पर अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा दी गई बाइट-@Uppolice @digbasti @AdgGkr pic.twitter.com/4lqRbPqIZl
— BASTI POLICE (@bastipolice) March 26, 2025
सपनों का उजड़ा परिवार, खुशियां बदल गई मातम में, गर्भवती की हालत देख सभी के खड़े हुए रोंगटे
घटना के मुताबिक, सोमवार को दुबौलिया थाने की पुलिस आदर्श को गांव से ले गई थी। पूरी रात उसे पीटा गया। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने आदर्श को थर्ड डिग्री दी। इससे भी पुलिसकर्मियों का मन नहीं भरा तो मंगलवार की सुबह फिर से उसकी पिटाई की गई। रोती-बिलखती मां ने बताया कि पुलिस वालों ने उसके बेटे को छोड़ने के लिए 5000 रुपये मांगे। जब गरीब परिवार पैसे देने में असमर्थ रहा तो पुलिस ने आदर्श को जानवरों की तरह पीटा, इतना पीटा कि उसके मुंह से खून निकलने लगा। उसकी हालत बिगड़ती देख पुलिसकर्मी उसे उसके घर ले गए और वहीं छोड़ दिया।
जब परिजनों ने आदर्श की तबीयत बिगड़ती देखी तो वे घबरा गए। उसे तत्काल सीएचसी हरैया ले जाया गया। आदर्श की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन, जिला अस्पताल ले जाने से पहले ही रास्ते में आदर्श की मौत हो गई। आदर्श की मौत से परिजनों में चीख पुकार मच गई। गांव में मातम छा गया। आदर्श को बुरी तरह पीटने वाले पुलिसकर्मियों की बर्बरता से परिजनों और ग्रामीणों में गुस्सा है।
घर में हमेशा बनी रहेगी मां ‘लक्ष्मी’ की कृपा, बस अपनाएं ये 7 आसान उपाय, धन की होगी बरसात!
मृतक आदर्श की मां ने बताया कि पुलिसकर्मी उसके बेटे को उठाकर ले गए। दिन-रात उसे पीटते रहे। पुलिसकर्मियों ने गांव में फोन किया। प्रधान को फोन कर सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने उसे जल्दी थाने आने को कहा। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वह अपने छोटे बेटे को लेकर थाने पहुंची। वहां पुलिस ने कहा कि 5000 रुपये देकर अपने बेटे को ले जाओ, नहीं तो वह नहीं मिलेगा। पुलिसकर्मियों ने उसके छोटे बेटे से जबरन कागज पर कुछ लिखवाया। मां ने बताया कि जब आदर्श को थाने से उन्हें दिया गया तो उसकी तबीयत खराब थी। वह गांव से पैदल थाने पहुंची थीं। बेटे की तबीयत बिगड़ रही थी। उसके मुंह से खून निकल रहा था।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। वह खुद ही एंबुलेंस के जरिए बेटे को अस्पताल ले गईं। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने और केस दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने आदर्श के शव के साथ प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीओ सिटी ने परिजनों को शांत कराया। रात में कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।