We Women Want Conclave 2026: वी वीमेन वांट कॉन्क्लेव 2026 में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. इस खास मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी महिलाओं को संबोधित किया और उनके योगदान, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता को लेकर अपना संदेश दिया. शक्ति अवॉर्ड (Shakti Award) से जुड़े इस आयोजन में महिलाओं की उपलब्धियों और समाज में उनकी बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई. इस दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महिलाओं, जेन-Z और CJP के प्रदर्शन को लेकर भी बात की.
देवेंद्र फडणवीस ने महिलाओं को लेकर क्या कहा?
महाराष्ट्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने हमें एक सही दिशा और संदेश दिया है कि अगर भारत को विकसित बनाना है, तो हमारी जनसंख्या का 50 प्रतिशत हिस्सा, यानी महिलाएं, जब मानव संसाधन के रूप में अर्थव्यवस्था में योगदान देंगी, तभी हम विकसित भारत बन सकते हैं. इसी सोच के साथ महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी लाडली बहन योजना महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुई है. इस योजना के तहत हम महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देते हैं. कई लोगों को लगता है कि 1,500 रुपये से क्या फर्क पड़ता है, लेकिन अगर आप इन महिलाओं से बात करेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उनके लिए इस रकम के क्या मायने हैं.”
फडणवीस ने कहा, “हमें कई अलग-अलग अनुभव मिले. कुछ महिलाओं ने बताया कि पहले वे केवल घर का काम करती थीं और उन्हें परिवार में उतना सम्मान नहीं मिलता था, जितना मिलना चाहिए था. लेकिन अब जब सरकार से उनके नाम पर पैसे आते हैं, तो सास-ससुर और परिवार के दूसरे सदस्य भी उन्हें सम्मान देने लगे हैं.”
उन्होंने बताया कि कई महिलाओं ने इस राशि का इस्तेमाल करके छोटे-छोटे व्यवसाय भी शुरू किए हैं. सरकार ने इस योजना को अन्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया है, ताकि महिलाओं को बिना गारंटी के लोन मिल सके और वे हर महीने मिलने वाले 1,500 रुपये का इस्तेमाल लोन की किस्त चुकाने में कर सकें. इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है.
स्टैंप ड्यूटी को लेकर कही ये बात
महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने को बढ़ावा देने के लिए स्टैंप ड्यूटी में दी गई छूट पर मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐतिहासिक रूप से हमारे समाज में घर पुरुषों के नाम पर खरीदे जाते रहे हैं. हालांकि, अब शहरों में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और कई लोग पति-पत्नी दोनों के नाम पर घर खरीद रहे हैं. लेकिन समाज में अब भी कई जगह महिलाओं को नजरअंदाज किया जाता है.”
उन्होंने आगे कहा, “जब परिवार में कोई दुर्घटना होती है या किसी सदस्य की स्वाभाविक मृत्यु हो जाती है, तो महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं होती. उन्हें कभी परिवार के सदस्यों से, तो कभी बाहरी लोगों से संघर्ष करना पड़ता है.”
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए स्टैंप ड्यूटी में छूट दी है. इस योजना के प्रभाव का आकलन करने पर पता चला कि पहले की तुलना में अब महिलाओं के नाम पर घर खरीदने और संपत्ति के दस्तावेजों में उनका नाम जोड़ने का चलन बढ़ा है.उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से सरकार ने यह प्रोत्साहन दिया था, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.
‘स्टेट ट्रांसपोर्ट में महिलाओं को 50% छूट’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मैं आपको एक बहुत अच्छी बात बताता हूं. हमने राज्य परिवहन की बसों में महिलाओं को किराए पर 50 प्रतिशत की छूट दी. इसका परिणाम यह हुआ कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने बसों से यात्रा करना शुरू कर दिया.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी राज्य परिवहन सेवा कई वर्षों से परिचालन घाटे में चल रही थी, लेकिन महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण अब उसका परिचालन घाटा समाप्त हो गया है. इसकी एक वजह यह भी है कि महिलाओं को किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट की राशि सरकार राज्य परिवहन निगम को देती है. इस तरह यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है.”
फडणवीस ने कहा कि अब राज्य परिवहन सेवा को बेहतर बनाने और बसों के बेड़े का विस्तार करने पर भी काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “ये योजनाएं केवल नारे नहीं हैं. इनसे महिलाओं को सामाजिक सशक्तिकरण, समाज में पहचान और आर्थिक म