Government Retirement Benefits: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा आमतौर पर सैलरी, भत्तों और नौकरी की सुरक्षा पर ध्यान देते हैं. लेकिन सरकारी नौकरी का एक अहम पहलू रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ भी हैं. पात्र कर्मचारियों को पेंशन, ग्रेच्युटी, जमा छुट्टियों के बदले भुगतान, स्वास्थ्य सुविधाएं और कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को फैमिली पेंशन मिल सकती है. हालांकि, इन लाभों की पात्रता और रकम कर्मचारी की पेंशन योजना, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करती है.
OPS, NPS और UPS में क्या है अंतर?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन के नियम नियुक्ति की तारीख और लागू पेंशन व्यवस्था के अनुसार तय होते हैं. मुख्य रूप से पुरानी पेंशन योजना (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को समझना जरूरी है. पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत आने वाले पात्र केंद्रीय सिविल कर्मचारियों की पेंशन केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के अनुसार तय होती है. सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2004 से पहले नियुक्त केंद्रीय सिविल कर्मचारियों पर ये नियम लागू होते हैं, हालांकि कुछ विशेष मामलों में अलग प्रावधान भी हो सकते हैं. पेंशन की गणना पात्र सेवा और पेंशन योग्य वेतन के आधार पर होती है. वहीं, NPS में कर्मचारी और सरकार का योगदान निवेश किया जाता है. रिटायरमेंट पर मिलने वाला लाभ जमा कॉर्पस, निवेश के प्रदर्शन और निकासी नियमों पर निर्भर करता है. इसमें अंतिम बेसिक सैलरी के निश्चित प्रतिशत के बराबर पेंशन की गारंटी नहीं होती. लागू नियमों के अनुसार कॉर्पस का एक हिस्सा एन्युटी खरीदने में इस्तेमाल किया जाता है.
UPS में 50 प्रतिशत सुनिश्चित भुगतान का प्रावधान
केंद्र सरकार ने NPS के अंतर्गत आने वाले पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2025 से UPS का विकल्प लागू किया. इसके तहत 25 साल की पात्र सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित भुगतान मिल सकता है. 10 साल या उससे अधिक, लेकिन 25 साल से कम पात्र सेवा होने पर भुगतान आनुपातिक हो सकता है. निर्धारित शर्तों के तहत 10 साल की पात्र सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक भुगतान का प्रावधान भी है. सुनिश्चित भुगतान पर महंगाई राहत मिल सकती है. हालांकि, कॉर्पस और अन्य नियमों का असर भी पड़ सकता है. UPS सभी सरकारी कर्मचारियों पर अपने आप लागू नहीं होती.
रिटायरमेंट पर 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी
ग्रेच्युटी पेंशन से अलग एकमुश्त लाभ है. केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2024 से पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी थी. इसका मतलब यह नहीं कि हर कर्मचारी को 25 लाख रुपये मिलेंगे. वास्तविक रकम वेतन, पात्र सेवा अवधि और लागू नियमों के आधार पर तय होती है. NPS और UPS के पात्र कर्मचारियों को भी संबंधित नियमों के तहत ग्रेच्युटी मिल सकती है.
जमा छुट्टियों के बदले भी मिलता है पैसा
सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट तक इस्तेमाल नहीं की गई पात्र जमा छुट्टियों के बदले एकमुश्त रकम पा सकते हैं. इसे लीव एनकैशमेंट कहते हैं. केंद्रीय सिविल सेवा के सामान्य नियमों में निर्धारित शर्तों के अधीन अधिकतम 300 दिनों तक की छुट्टियों के नकदीकरण का प्रावधान हो सकता है. भुगतान की गणना जमा छुट्टियों और लागू नियमों के अनुसार होती है.
परिवार को फैमिली पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं
सेवा के दौरान या रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिवार के सदस्य को फैमिली पेंशन मिल सकती है. इसमें पात्र पति या पत्नी प्रमुख लाभार्थियों में शामिल होते हैं. निर्धारित परिस्थितियों में बच्चे और कुछ अन्य आश्रित भी इसके पात्र हो सकते हैं. रकम और भुगतान की अवधि पेंशन व्यवस्था, वेतन, मृत्यु की परिस्थितियों और लागू नियमों पर निर्भर करती है. इसके अलावा, पात्र केंद्रीय पेंशनभोगियों को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) या लागू अन्य स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकती हैं. इसके लिए पात्रता, निवास स्थान, पंजीकरण और संबंधित योजना के नियम लागू होते हैं. इसलिए रिटायरमेंट से पहले विभाग से सभी लाभों की जानकारी लेना जरूरी है.