IIT Bombay student death: आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध अब कई अहम फैसलों तक पहुंच गया है. लगातार तीन दिनों के छात्र प्रदर्शन के बीच संस्थान ने अपने पुराने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. प्रशासन ने माना कि जांच पूरी होने से पहले साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों का विवरण देना उचित नहीं था. साथ ही छात्रों की ओर से रखे गए 18 सूत्रीय मांगपत्र पर भी संस्थान के निदेशक ने हस्ताक्षर किए हैं.
पुराने बयान पर IIT बॉम्बे ने मांगी माफी
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने एक बयान जारी किया था, जिसमें उसकी परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और ChatGPT के जरिए सवालों के जवाब लेने की बात कही गई थी. बाद में छात्रों ने इस तरह की जानकारी सार्वजनिक किए जाने पर सवाल उठाए. अब संस्थान ने अपने पिछले संचार में दिए गए बयानों के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि घटना से जुड़ी परिस्थितियां संबंधित अधिकारियों की जांच का विषय हैं और जांच पूरी होने से पहले घटनाक्रम को परिभाषित करना अनुचित था.
18 मांगों पर हुआ समझौता, जांच की मांग भी शामिल
छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान 18 सूत्रीय चार्टर पेश किया था. इसमें साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, प्रशासनिक जवाबदेही, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों के लिए आचार संहिता जैसे मुद्दे शामिल हैं. छात्रों ने जांच के लिए अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक देने की मांग भी रखी है. निदेशक शिरीष केदारे ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं, हालांकि संस्थान ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगी.
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला निलंबित
मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर भी कार्रवाई हुई है. IIT बॉम्बे ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर किए जाने की बात कही है. डूला उस परीक्षा की निगरानी कर रहे थे, जिसके बाद साहिल की मौत हुई. उनके खिलाफ पुलिस एफआईआर में भी आरोप दर्ज हैं, जबकि मामले की जांच अभी जारी है.
निदेशक के इस्तीफे की खबर पर IIT ने दी सफाई
प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष बी. केदारे के इस्तीफे की खबरें भी सामने आईं. हालांकि, संस्थान ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है और इससे जुड़ी खबरें गलत हैं. छात्रों के चार्टर में हालांकि यह मांग रखी गई है कि तय सुधारों को लागू नहीं किए जाने की स्थिति में निदेशक को इस्तीफा देना चाहिए. फिलहाल साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच जारी है. ऐसे में घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.