IMD Heatwave Advisory: भारत के कई राज्य इस वक्त तपती गर्मी और लू का सितम झेल रहे है. कई इलाकों में तापमान बढ़ने के साथ ही, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लू से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस और एडवाइज़री जारी की हैं. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी.
इनमें सीधी धूप में ज़्यादा देर तक न रहना (खासकर दोपहर के समय), शरीर में पानी की कमी न होने देना, हल्के और हवादार कपड़े पहनना, और ज़्यादा तापमान के समय बाहर कोई भी ज़ोरदार काम न करना शामिल है.
बच्चों और बुजुर्गें के लिए सावधानी बरतने की सलाह
IMD ने बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों जैसे कमज़ोर तबकों के लिए खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लू से जुड़ी बीमारियों, जैसे कि हीट एग्ज़ॉशन और हीट स्ट्रोक को कम करने के लिए, समय रहते जागरूकता और बचाव के कदम उठाना बहुत जरूरी है.
अपने ताज़ा आकलन में, IMD ने बताया कि उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अभी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच है. इनमें सबसे ज़्यादा तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्री गंगानगर में दर्ज किया गया है.
कई इलाकों में हीट स्ट्रेस बढ़ा
कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज़्यादा है. यह इस बात का संकेत है कि देश के कुछ हिस्सों में लू का दबाव (हीट स्ट्रेस) बढ़ रहा है. IMD ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि गर्मी से जुड़ी बीमारियों, जैसे कि हीट एग्ज़ॉशन और हीट स्ट्रोक को कम करने के लिए, समय से पहले जागरूकता और बचाव के उपाय करना बहुत जरूरी है. IMD के लंबे समय के पूर्वानुमान से पता चलता है कि अगले 7 दिनों तक कई इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, खासकर इन जगहों पर:
- उत्तर-पश्चिमी भारत (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश)
- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)
- दक्षिण के कुछ खास इलाके (केरल और माहे)
इसके अलावा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तरी मैदानी इलाकों में रातें भी गर्म बनी रह सकती हैं, जिससे रात के समय गर्मी का तनाव और बढ़ सकता है.
अधिकारी ने आगे बताया कि विभाग का अनुमान है कि 27 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जिसके बाद धीरे-धीरे तापमान में गिरावट आएगी. वहीं, मध्य और अन्य इलाकों में इस पूर्वानुमान अवधि के दौरान तापमान में पहले धीरे-धीरे बढ़ोतरी और फिर गिरावट देखने को मिल सकती है.