सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शयान मसूद पर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. शयान मसूद ने महज तीन दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था. इसके बाद से ही परिवार में शुरू हुए राजनीतिक मतभेद अब खुलकर पारिवारिक कलह के रूप में सामने आ गए हैं.
शनिवार को सांसद इमरान मसूद के भतीजे हमजा नोमान मसूद ने फेसबुक लाइव आकर अपने जीजा शयान मसूद और उनके पिता शादान मसूद पर गंभीर आरोप लगाए.
‘राजनीति के चक्कर में बहन की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप’
फेसबुक लाइव के दौरान हमजा ने दावा किया कि उनकी बहन सुबिया मसूद के साथ मारपीट की गई, उन्हें गालियां दी गईं और घर से बाहर निकाल दिया गया. हमजा ने कहा कि रिश्ते की मर्यादा रखते हुए उनका परिवार पिछले पांच सालों से चुप था, लेकिन बहन के साथ हुए इस दुर्व्यवहार के बाद अब खामोश रहना मुमकिन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस पूरे मामले के ऑडियो और वीडियो सबूत मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक किया जाएगा.
हमजा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से उनकी बहन की जिंदगी खराब की गई है. अब उनका परिवार सुबिया और उनके एक साल के बच्चे की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा. उन्होंने कहा कि बीमारी के समय जहां राजनीतिक विरोधियों ने उनके पिता का हाल-चाल जाना, वहीं अपने ही रिश्तेदार परिवार के खिलाफ साजिश रचते रहे. हमजा ने दावा किया कि उनके पास ऐसी रिकॉर्डिंग हैं जिनमें इमरान मसूद और उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने की बातें कही गई हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
‘पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक नहीं करना चाहता’: शयान मसूद
दूसरी ओर, शयान मसूद ने अपने साले द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है. शयान ने कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो उसे राजनीति के मैदान में लड़ा जाना चाहिए, घर के निजी मामलों को सड़क पर लाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि कहने को उनके पास भी बहुत कुछ है, लेकिन वे परिवार की बातें सार्वजनिक तौर पर उछालना नहीं चाहते.
इमरान मसूद पर उठाए थे सवाल
उल्लेखनीय है कि 20 अगस्त को शयान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी. इसके तुरंत बाद शयान ने इमरान मसूद के राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव का साथ देना बेहद जरूरी है.