<
Categories: देश

Independence Day 2026 Flag Hoisting Rules: 15 अगस्त पर कैसे फहराएं तिरंगा? जान लें क्या करें और क्या नहीं, भूलकर भी न करें ये गलतियां!

15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने से पहले ध्वज संहिता के ये जरूरी नियम जरूर जान लें. जानें तिरंगा फहराने का सही तरीका, क्या करें और क्या न करें.

15 अगस्त को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. इस खास मौके पर देश के हर कोने में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बड़े ही गर्व और उत्साह के साथ लहराया जाता है. सरकारी इमारतों और स्कूलों से लेकर घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों तक, हर जगह तिरंगा देश की आजादी और स्वाभिमान का प्रतीक बनकर चमकता है.

15 अगस्त 1947 को भारत को लगभग दो शताब्दियों के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी. तब से लेकर आज तक, यह दिन उन अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की खातिर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया.

राष्ट्रीय ध्वज फहराना देशभक्ति की भावना को दर्शाता है, लेकिन इसे फहराने के कुछ तय नियम भी हैं. भारत का ध्वज संहिता (Flag Code of India) यह तय करता है कि तिरंगे को किस तरह प्रदर्शित किया जाए, उसका अनुपात क्या हो और उसका सम्मान कैसे बनाए रखा जाए.

कब और कैसे फहरा सकते हैं तिरंगा?

  • भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान साल के किसी भी दिन और किसी भी अवसर पर तिरंगा फहरा सकते हैं.
  • पारंपरिक रूप से तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच फहराया जाता था. हालांकि, ध्वज संहिता में हुए संशोधनों के बाद अब नागरिक रात में भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं, बशर्ते ध्वज पर उचित रोशनी (illumination) की व्यवस्था हो.
  • तिरंगा छोटा हो या बड़ा, उसका आकार हमेशा 3:2 (लंबाई और चौड़ाई) के अनुपात में ही होना चाहिए.

स्वतंत्रता दिवस पर कैसे फहराया जाता है तिरंगा?

  • 15 अगस्त के दिन तिरंगे को ध्वज स्तंभ (flagpole) के निचले हिस्से से ऊपर की ओर खींचकर फहराया जाता है. इस प्रक्रिया का एक गहरा सांकेतिक अर्थ है, यह गुलामी के अंधेरे से निकलकर एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के उदय को दर्शाता है.
  • जब तिरंगे को क्षैतिज रूप से लगाया जाए, तो केसरिया पट्टी हमेशा सबसे ऊपर होनी चाहिए.
  • जब ध्वज को लंबवत (vertical) लगाया जाए, तो सामने से देखने वाले के लिए केसरिया पट्टी बाईं ओर होनी चाहिए.
  • ध्वज को हमेशा तेजी से ऊपर चढ़ाया जाना चाहिए और धीरे-धीरे व सम्मानपूर्वक नीचे उतारा जाना चाहिए.

तिरंगा फहराते समय क्या करें? (Dos)

  • हमेशा स्वच्छ और अच्छी स्थिति वाला तिरंगा ही फहराएं. फटा, गंदा या क्षतिग्रस्त ध्वज कभी न लगाएं.
  • तिरंगे को हमेशा सम्मानजनक स्थान पर फहराएं और ध्यान रखें कि कोई अन्य झंडा या वस्तु उससे ऊपर या अधिक प्रमुख न हो.
  • यदि तिरंगा रात में भी फहराया जा रहा है, तो उस पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • किसी विशेष समारोह में मूर्ति या स्मारक के अनावरण के लिए तिरंगे का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इस दौरान भी झंडा जमीन को नहीं छूना चाहिए.
  • यदि ध्वज क्षतिग्रस्त या गंदा हो जाए, तो उसे एकांत में मर्यादा और सम्मान के साथ ही विसर्जित करें.

क्या न करें? (Don’ts)

राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करना कानूनन अपराध है. ध्वज संहिता के तहत निम्नलिखित बातों की सख्त मनाही है:

  • तिरंगे को कभी भी उल्टा न फहराएं, यानी हरा रंग ऊपर और केसरिया नीचे नहीं होना चाहिए.
  • तिरंगे को कभी भी जमीन, फर्श या पानी से न छूने दें.
  • किसी भी व्यक्ति या वस्तु के आदर में तिरंगे को कभी झुकाया नहीं जाता.
  • राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी प्रकार की लिखावट, छपाई या चित्रकारी नहीं होनी चाहिए.
  • तिरंगे का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों, परिधान (कपड़े), कुशन, नेपकिन आदि बनाने के लिए नहीं किया जा सकता.
  • तिरंगे या इसके डिजाइन का इस्तेमाल कमर के नीचे पहने जाने वाले कपड़ों, वर्दी या एक्सेसरीज के रूप में करना मना है.
  • तिरंगे को सार्वजनिक रूप से फाड़ना, जलाना या किसी भी प्रकार से अपमानित करना कानूनी रूप से दंडनीय है.

यदि तिरंगा खराब या फट जाए तो क्या करें?

किसी भी कारण से यदि राष्ट्रीय ध्वज कट-फट जाए या गंदा हो जाए, तो उसे खुले में कहीं भी फेंकना नहीं चाहिए. ऐसे ध्वज का निपटारा पूरी गोपनीयता और मर्यादा के साथ किया जाना चाहिए. इसके लिए ध्वज को एकांत में जलाकर या ध्वज संहिता के अनुसार सम्मानजनक तरीके से विसर्जित किया जाता है.

राष्ट्रीय ध्वज का सार्वजनिक रूप से अपमान करने पर राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

नियमों का पालन क्यों जरूरी है?

हमारा तिरंगा भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता का प्रतीक है. इसके प्रदर्शन से जुड़े नियम केवल औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि यह हमारे राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम हैं. जब हम 15 अगस्त को देशभक्ति के रंग में रंगे हों, तब इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम अपने राष्ट्रध्वज की गरिमा को सही मायनों में बनाए रख सकते हैं.

Shivani Singh

शिवानी सिंह पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हैं. उन्होंने पत्रकारिता में हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र से एमए की पढ़ाई पूरी की है. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने के बाद वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएं दे रही हैं. क्रिकेट से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, बिजनेस, सरकारी योजनाओं, पर्सनल फाइनेंस और मनोरंजन से जुड़े विषयों पर लेखन और कंटेंट तैयार करने का अनुभव है. ट्रेंडिंग खबरों पर भी उनकी खास नजर रहती है. जटिल विषयों को आसान और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.

Recent Posts

पढ़ाई के लिए डांटते थे पिता, 15 साल के बेटे ने कुल्हाड़ी से कर दी हत्या, रात 2 बजे कर दिया खौफनाक कांड

Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद के लोनी में 15 वर्षीय किशोर पर अपने 58 वर्षीय पिता…

Last Updated: November 7, 2026 18:09:50 IST

UP Crime: पति गया जेल तो महिला ने अपने देवर से ही बना लिया अवैध संबंध, फिर भाभी के लिए युवक ने बड़े भाई…

Gautam Buddha Nagar Crime: पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले अनिल जेल में बंद था.…

Last Updated: November 7, 2026 17:30:28 IST

सीएम मोहन माझी ने ओडिशा के लोगों को दी 1292 करोड़ रुपये की सौगात, 630 मॉडल स्कूल और IT पार्क की रखी नींव

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केन्दुझर में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और…

Last Updated: November 7, 2026 16:54:24 IST

मुंबई लोकल में यात्रियों के बीच जमकर मारपीट, चलती ट्रेन से नीचे गिरा शख्स! वीडियो वायरल

Mumbai local train fight: मुंबई की चर्चगेट-विरार लोकल ट्रेन में यात्रियों के बीच मारपीट का…

Last Updated: November 7, 2026 16:41:00 IST

UP DA Hike: यूपी के 14 लाख कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, 58 से सीधे 63 फीसदी हुआ महंगाई

UP DA Hike: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों को…

Last Updated: November 7, 2026 16:21:53 IST

NSE लाएगा 10 मिनट का नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन, 7 दिसंबर से होगा लागू, क्लोजिंग कीमत तय करने का बदलेगा तरीका

NSE 7 दिसंबर से क्लोजिंग प्राइस और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के नियम बदलेगा. नया 10 मिनट…

Last Updated: November 7, 2026 16:32:54 IST