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IRCTC Hotel Scam: लालू परिवार की बढ़ी मुश्किलें, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन लोगों पर आरोप तय करने का आदेश

IRCTC Hotel Scam: IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है.

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Last Updated: September 10, 2026 16:14:28 IST

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IRCTC Hotel Scam: IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है. अदालत ने मामले में आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की भूमिका को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर संदेह है.

अदालत के मुताबिक, मामले में पद के कथित दुरुपयोग और अपराध से हुई कमाई से जुड़े पहलू सामने आए हैं. मामला पटना की एक जमीन से भी जुड़ा है, जिसे लेकर जांच एजेंसियों ने कई सवाल उठाए हैं.

रेल मंत्री रहते हुए टेंडर में गड़बड़ी का आरोप

मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. आरोप है कि इसी दौरान रेलवे के कुछ अधिकारियों ने रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों की लीज देने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर की. जांच के मुताबिक, होटल की लीज हासिल करने वाले लोगों की ओर से बाद में पटना में जमीन का एक प्लॉट लालू यादव की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को ट्रांसफर किया गया. इसके बाद जमीन से जुड़े शेयर बेहद कम कीमत पर राबड़ी देवी को ट्रांसफर किए जाने का आरोप है.

इनके खिलाफ तय होंगे आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर, विनय कोचर और लारा प्रोजेक्ट्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने के आदेश दिए गए हैं. वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 03 अक्तूबर को होनी तय की गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी. अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई ज़मीन अपराध से हासिल की गई संपत्ति है. कोर्ट ने आरोपियों को 3 अक्टूबर को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है.

जमीन सौदे को लेकर उठे सवाल

अदालत ने इस जमीन के ट्रांसफर और उससे जुड़े लेन-देन को मामले का अहम हिस्सा माना है. आरोप है कि यह जमीन 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के प्रभाव और पद से जुड़े घटनाक्रम के दौरान ट्रांसफर हुई थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि जमीन और होटल लीज के बीच संबंध इस पूरे मामले की अहम कड़ी है. इस मामले में अदालत ने कुल नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप तय करने का आदेश दिया है. वहीं, सात अन्य लोगों को मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

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IRCTC Hotel Scam: IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है. अदालत ने मामले में आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार माना है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की भूमिका को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर संदेह है.

अदालत के मुताबिक, मामले में पद के कथित दुरुपयोग और अपराध से हुई कमाई से जुड़े पहलू सामने आए हैं. मामला पटना की एक जमीन से भी जुड़ा है, जिसे लेकर जांच एजेंसियों ने कई सवाल उठाए हैं.

रेल मंत्री रहते हुए टेंडर में गड़बड़ी का आरोप

मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. आरोप है कि इसी दौरान रेलवे के कुछ अधिकारियों ने रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों की लीज देने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर की. जांच के मुताबिक, होटल की लीज हासिल करने वाले लोगों की ओर से बाद में पटना में जमीन का एक प्लॉट लालू यादव की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को ट्रांसफर किया गया. इसके बाद जमीन से जुड़े शेयर बेहद कम कीमत पर राबड़ी देवी को ट्रांसफर किए जाने का आरोप है.

इनके खिलाफ तय होंगे आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर, विनय कोचर और लारा प्रोजेक्ट्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने के आदेश दिए गए हैं. वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 03 अक्तूबर को होनी तय की गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी. अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई ज़मीन अपराध से हासिल की गई संपत्ति है. कोर्ट ने आरोपियों को 3 अक्टूबर को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है.

जमीन सौदे को लेकर उठे सवाल

अदालत ने इस जमीन के ट्रांसफर और उससे जुड़े लेन-देन को मामले का अहम हिस्सा माना है. आरोप है कि यह जमीन 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के प्रभाव और पद से जुड़े घटनाक्रम के दौरान ट्रांसफर हुई थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि जमीन और होटल लीज के बीच संबंध इस पूरे मामले की अहम कड़ी है. इस मामले में अदालत ने कुल नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप तय करने का आदेश दिया है. वहीं, सात अन्य लोगों को मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

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