Ranthambore Tiger Reserve: राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर 2026 से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत होने जा रही है. मानसून के दौरान बंद रहे मुख्य पर्यटन जोन 1 से 5 एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. इसके साथ ही रणथंभौर में सफारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी. वन विभाग ने सफारी मार्गों की मरम्मत, गाइडों के कौशल परीक्षण और पर्यटक सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. इस बार वन प्रशासन का फोकस सिर्फ पर्यटन व्यवस्था पर नहीं, बल्कि सफारी नियमों का सख्ती से पालन कराने पर भी रहेगा.
1 अक्टूबर से खुलेंगे मुख्य सफारी जोन
रणथंभौर में मानसून के दौरान मुख्य जोन 1 से 5 में पर्यटन गतिविधियां बंद रहती हैं. अब 1 अक्टूबर से इन जोन में फिर से सफारी शुरू होगी. ताजा जानकारी के मुताबिक अक्टूबर से रणथंभौर का नया सफारी सत्र शुरू होने के साथ पर्यटकों के लिए मुख्य पर्यटन क्षेत्र फिर सक्रिय हो जाएंगे.
बारिश से खराब रास्तों की कराई गई मरम्मत
मानसून के दौरान बारिश से प्रभावित हुए सफारी मार्गों को दुरुस्त किया गया है. वन प्रशासन ने कोशिश की है कि पर्यटकों को जंगल के भीतर आवाजाही के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े. नए सत्र की शुरुआत से पहले मार्गों और दूसरी व्यवस्थाओं की तैयारियों को पूरा किया गया है.
280 गाइडों का हुआ मूल्यांकन
रणथंभौर में करीब 280 नेचर और ईडीसी गाइड काम करते हैं. नए पर्यटन सत्र को देखते हुए गाइडों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू की प्रक्रिया भी पूरी की गई है. इसमें उनके वन्यजीव ज्ञान, रणथंभौर के इतिहास, स्थानीय वनस्पतियों, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यटकों को जानकारी देने की क्षमता को परखा गया. वन विभाग का उद्देश्य है कि गाइड पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के साथ वन्यजीव संरक्षण के नियमों की जानकारी भी प्रभावी ढंग से दे सकें.
गणेश धाम पर बन रहा इंटरप्रिटेशन सेंटर
रणथंभौर के गणेश धाम प्रवेश द्वार पर पर्यटकों की सुविधा के लिए एक वर्ल्ड क्लास इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है. इसमें कॉमन बोर्डिंग प्लेस, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं. इसके अलावा कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की भी योजना है, जिसमें मीटिंग हॉल और फिल्म प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इंटरप्रिटेशन सेंटर को तैयार होने में करीब तीन से चार महीने लग सकते हैं.
नियम तोड़ने वाले गाइड ड्राइवरों पर सख्ती
नए पर्यटन सत्र में वन विभाग सफारी के नियमों का उल्लंघन करने वाले गाइड और ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है. नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को फिलहाल कुछ समय के लिए पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जा सकता है. अधिकारियों के मुताबिक, अगर प्रतिबंध के बावजूद व्यवहार में सुधार नहीं होता है तो भविष्य में स्थायी प्रतिबंध जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. इसका उद्देश्य सफारी के दौरान वन्यजीवों को परेशान करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है.
जिप्सी और कैंटर से होगी सफारी
रणथंभौर में पर्यटकों के लिए जिप्सी और कैंटर सफारी की व्यवस्था जारी रहेगी. जिप्सी में सीमित संख्या में पर्यटक बैठते हैं, जबकि कैंटर ज्यादा यात्रियों को ले जाने वाला सफारी वाहन है. कैंटर से सफारी करने वाले यात्रियों के लिए सीट नंबर आवंटित करने की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि बैठने को लेकर परेशानी कम हो. रणथंभौर में सामान्य तौर पर दिन में सुबह और शाम दो सफारी पारियां संचालित होती हैं. रणथंभौर में वाहनों की संख्या को लेकर क्षमता आधारित व्यवस्था लागू है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक पारी में अधिकतम 140 वाहन पार्क भ्रमण पर जा सकते हैं, यानी दो पारियों में कुल 280 वाहन सफारी कर सकते हैं. पर्यटकों की मांग अधिक होने के कारण कई बार अक्टूबर और त्योहारी अवधि की बुकिंग तेजी से भर जाती है.
दो नए जोन की अनुमति का इंतजार
रणथंभौर में पर्यटकों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए वन प्रशासन ने दो नए पर्यटन जोन शुरू करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी NTCA और संबंधित उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी है. फिलहाल नए जोन शुरू करने की मंजूरी नहीं मिली है. अगर अनुमति मिलती है तो सफारी संचालन की क्षमता बढ़ाने और अधिक पर्यटकों को मौका देने में मदद मिल सकती है. रणथंभौर में नया पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ वन विभाग का जोर पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी रहेगा. सफारी वाहनों को निर्धारित मार्गों और नियमों का पालन करना होगा. वन प्रशासन की कोशिश है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर जंगल और उसके वन्यजीवों पर न पड़े.