Samsung जैसी दुनिया की दिग्गज स्मार्टफोन कंपनी से ग्राहक हमेशा प्रीमियम क्वालिटी, मजबूती और बेहतर कस्टमर सपोर्ट की उम्मीद करते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से Samsung अपने ग्राहकों को निराश करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. प्रीमियम सेगमेंट में आने वाले स्मार्टफोन्स में अचानक डिस्प्ले में ‘ग्रीन/व्हाइट लाइन्स’ आने की समस्या ने हज़ारों यूज़र्स को बेहद परेशान कर दिया है.
सबसे शर्मनाक बात यह है कि डिफेक्टिव हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण आने वाली इस परेशानी की जिम्मेदारी लेने के बजाय, @SamsungIndia और कंपनी के सर्विस सेंटर्स अपने ही वफादार ग्राहकों पर स्क्रीन रिप्लेसमेंट का भारी-भरकम खर्चा थोप रहे हैं. एक प्रीमियम ब्रांड होने के नाते Samsung का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया और जवाबदेही से भागना आम उपभोक्ताओं के साथ सीधा धोखा है.
पूरा मामला क्या है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पुराना Twitter) पर Sankalp Mishra (@Laachar_Man) नाम के एक यूज़र ने Samsung Galaxy S21 FE मॉडल में आ रही डिस्प्ले लाइन प्रॉब्लम को लेकर आवाज़ उठाई है. यूज़र ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट और तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि इंटरनेट पर Samsung Galaxy S21 FE में ग्रीन लाइन और वर्टिकल डिस्प्ले लाइन्स आने के ढेरों मामले भरे पड़े हैं. इसके बावजूद Samsung India अपने डिफेक्टेड प्रोडक्ट्स की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर रही है.
यूज़र ने अपने एक अन्य पोस्ट में बताया कि उनके जान-पहचान के लोगों के पास मौजूद यह तीसरा S21 FE फोन है, जिसमें यह समस्या आई है. उन्होंने सीधा सवाल उठाया कि लगभग 3 साल पुराने सभी फोन्स में एक ही समय पर अचानक डिस्प्ले लाइन्स कैसे आ सकती हैं?
Internet is filled with green line issue in s21fe . @SamsungIndia still denies its responsibility of defected product https://t.co/2rYlWwD9wH pic.twitter.com/BH20rhyyW9
— Sankalp Mishra 👨💻 (@Laachar_Man) September 30, 2026
Reddit से लेकर Twitter तक ग्राहकों का आक्रोश
तस्वीरों में दिख रहे स्क्रीनशॉट्स के अनुसार Reddit कम्युनिटी (r/samsunggalaxy) पर कई यूज़र्स ने पोस्ट करके बताया है कि डिस्प्ले लाइन आने और कंपनी की तरफ से मदद न मिलने के बाद वे मज़बूर होकर दूसरे ब्रांड्स पर स्विच कर रहे हैं.
शेयर की गई तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि Galaxy S21 FE की स्क्रीन पर कई सफेद और पीली वर्टिकल लाइन्स आ चुकी हैं, जिससे फोन इस्तेमाल करने लायक नहीं बचा है.
लगभग एक ही टाइमफ्रेम में कई फोन्स में एक जैसी खराबी आना यह साफ़ इशारा करता है कि यह कोई फिजिकल डैमेज नहीं, बल्कि Samsung की तरफ से दिया गया हार्डवेयर डिफेक्ट या फॉल्टी सॉफ्टवेयर अपडेट है.
आज के दौर में जब एक उपभोक्ता 30,000 से 50,000 रुपये खर्च करके Samsung का फोन खरीदता है, तो वह लॉन्ग-टर्म रिलायबिलिटी की उम्मीद करता है. लेकिन Samsung का यह ढुलमुल रवैया ग्राहकों के भरोसे को तोड़ रहा है. अगर Samsung ने जल्द ही अपनी गलती को स्वीकार नहीं किया और S21 FE समेत प्रभावित मॉडल्स के लिए फ्री डिस्प्ले रिप्लेसमेंट प्रोग्राम शुरू नहीं किया, तो वह दिन दूर नहीं जब वफादार ग्राहक भी Samsung का साथ छोड़कर दूसरे ब्रांड्स का रुख कर लेंगे.