Petrol Diesel Price 1 October 2026: केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स कम कर दिया है. नए रेट आज, 1 अक्टूबर से लागू हो गए हैं. हालांकि, इस फैसले का घरेलू बाज़ार में डीज़ल की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि टैक्स में यह कमी सिर्फ़ एक्सपोर्ट किए जाने वाले डीज़ल और ATF पर ही लागू है. फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ़ से जारी एक नोटिफ़िकेशन के मुताबिक, आज से शुरू हो रहे नए पखवाड़े के लिए, डीज़ल एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज़ ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को ₹20 प्रति लीटर से घटाकर ₹16 प्रति लीटर कर दिया गया है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर SAED रेट ₹15 प्रति लीटर से घटाकर ₹10.5 प्रति लीटर कर दिया गया है. पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
शहर अनुसार जानें पेट्रोल के दाम
| शहर का नाम | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपए |
| मुंबई | 111.31 रुपए |
| जमशेदपुर | 106.09 रुपए |
| चेन्नई | 107.78 रुपए |
| जयपुर | 113.19 रुपए |
| पटना | 113.35 रुपए |
| कानपुर | 101.78 रुपए |
| भोपाल | 115.41 रुपए |
| मेरठ | 101.44 रुपए |
शहर अनुसार जानें डीजल के दाम
| शहर का नाम | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 95.20 रुपए |
| मुंबई | 97.97 रुपए |
| जमशेदपुर | 101.23 रुपए |
| चेन्नई | 99.56 रुपए |
| जयपुर | 98.25 रुपए |
| पटना | 99.36 रुपए |
| कानपुर | 95.27 रुपए |
| भोपाल | 100.47 रुपए |
| मेरठ | 94.91 रुपए |
विंडफॉल टैक्स क्यों लगाया जाता है?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, सरकार ने 27 मार्च को पहली बार पेट्रोल, डीज़ल और ATF पर विंडफॉल टैक्स लगाया ताकि प्राइवेट और सरकारी रिफाइनरियां घरेलू बाज़ार के बजाय विदेश में तेल बेचकर अचानक मुनाफ़ा न कमा सकें. इसका मकसद देश में ईंधन की सही सप्लाई पक्का करना था. सरकार हर 15 दिन में इस टैक्स का रिव्यू करती है. ग्लोबल मार्जिन में बदलाव के आधार पर टैक्स रेट बढ़ाया या घटाया जाता है.
क्या घरेलू बाज़ार में तेल की कीमतें घटेंगी?
यह कमी सिर्फ़ रिफाइनरियों द्वारा एक्सपोर्ट किए जाने वाले डीज़ल और ATF पर लगने वाले टैक्स पर लागू होती है. घरेलू बाज़ार में बिकने वाले पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाली एक्साइज़ ड्यूटी और लोकल टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि कंज्यूमर्स को अभी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई राहत नहीं मिलेगी. US-ईरान युद्ध के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. जब तक कच्चा तेल युद्ध से पहले के लेवल पर वापस नहीं आ जाता, तब तक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद कम है.