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Kandla ship collision: कांडला पोर्ट के पास समुद्री हादसा, दो मर्चेंट जहाजों की टक्कर, 24 में से 21 क्रू निकाले गए

Kandla ship collision: गुजरात के कांडला पोर्ट के बाहरी एंकरेज के पास दो मर्चेंट जहाज MV KMAX EMPEROR और MV TRUE MARINER आपस में टकरा गए. हादसे के बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 24 में से 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. तीन क्रू सदस्य जहाज के संचालन के लिए अभी मौजूद हैं. हादसे के बाद समुद्री प्रदूषण रोकने के लिए कोस्ट गार्ड संबंधित एजेंसियों और गुजरात प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है.

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Last Updated: September 11, 2026 23:02:26 IST

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Kandla ship collision: गुजरात के कांडला पोर्ट के पास समुद्र में दो मर्चेंट जहाजों की टक्कर से हड़कंप मच गया. हादसा कांडला के बाहरी एंकरेज यानी OTB के पास हुआ, जहां MV KMAX EMPEROR और MV TRUE MARINER आपस में टकरा गए. घटना की जानकारी मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जहाज पर मौजूद 24 क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि ऑपरेशनल जरूरतों के चलते 3 क्रू सदस्य अभी जहाज पर मौजूद हैं.

दो जहाजों की टक्कर के बाद तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू

कांडला के बाहरी एंकरेज के पास दोनों मालवाहक जहाजों की टक्कर के बाद स्थिति पर तुरंत निगरानी शुरू कर दी गई. इंडियन कोस्ट गार्ड ने बताया कि उसकी टीम ने तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया और MV KMAX EMPEROR पर सवार 24 में से 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. बाकी तीन क्रू सदस्यों को जहाज पर इसलिए रखा गया है ताकि उसके संचालन और जरूरी कामकाज को संभाला जा सके. कांडला पोर्ट के उपलब्ध शिपिंग रिकॉर्ड में भी दोनों जहाजों के नाम दर्ज हैं.

समुद्र में प्रदूषण रोकना बनी बड़ी चुनौती

हादसे के बाद अब कोस्ट गार्ड की प्राथमिकता सिर्फ लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. समुद्र में किसी भी तरह के प्रदूषण को रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके लिए शिपिंग महानिदेशालय, केंद्र सरकार की संबंधित एजेंसियों और गुजरात प्रशासन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. समुद्री हादसों में जहाजों से ईंधन या अन्य पदार्थ के रिसाव का खतरा रहता है. इंडियन कोस्ट गार्ड समुद्री प्रदूषण से जुड़े मामलों में निगरानी और प्रतिक्रिया की जिम्मेदारी भी निभाता है.

कोस्ट गार्ड की टीम लगातार रख रही नजर

इंडियन कोस्ट गार्ड ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ गुजरात के तटीय पर्यावरण को किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. हादसे के बाद अब जांच एजेंसियां टक्कर की परिस्थितियों और दोनों जहाजों की स्थिति का आकलन करेंगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस घटना से समुद्री यातायात और पर्यावरण पर किसी तरह का असर पड़ा है या नहीं.

21 लोगों की सुरक्षित निकासी से मिली राहत

इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह है कि जहाज पर मौजूद 24 क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है. वहीं, तीन सदस्य जहाज के जरूरी संचालन के लिए वहीं मौजूद हैं. फिलहाल कोस्ट गार्ड का फोकस समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखने और किसी संभावित प्रदूषण को रोकने पर है.

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Kandla ship collision: गुजरात के कांडला पोर्ट के पास समुद्र में दो मर्चेंट जहाजों की टक्कर से हड़कंप मच गया. हादसा कांडला के बाहरी एंकरेज यानी OTB के पास हुआ, जहां MV KMAX EMPEROR और MV TRUE MARINER आपस में टकरा गए. घटना की जानकारी मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जहाज पर मौजूद 24 क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि ऑपरेशनल जरूरतों के चलते 3 क्रू सदस्य अभी जहाज पर मौजूद हैं.

दो जहाजों की टक्कर के बाद तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू

कांडला के बाहरी एंकरेज के पास दोनों मालवाहक जहाजों की टक्कर के बाद स्थिति पर तुरंत निगरानी शुरू कर दी गई. इंडियन कोस्ट गार्ड ने बताया कि उसकी टीम ने तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया और MV KMAX EMPEROR पर सवार 24 में से 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. बाकी तीन क्रू सदस्यों को जहाज पर इसलिए रखा गया है ताकि उसके संचालन और जरूरी कामकाज को संभाला जा सके. कांडला पोर्ट के उपलब्ध शिपिंग रिकॉर्ड में भी दोनों जहाजों के नाम दर्ज हैं.

समुद्र में प्रदूषण रोकना बनी बड़ी चुनौती

हादसे के बाद अब कोस्ट गार्ड की प्राथमिकता सिर्फ लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. समुद्र में किसी भी तरह के प्रदूषण को रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके लिए शिपिंग महानिदेशालय, केंद्र सरकार की संबंधित एजेंसियों और गुजरात प्रशासन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. समुद्री हादसों में जहाजों से ईंधन या अन्य पदार्थ के रिसाव का खतरा रहता है. इंडियन कोस्ट गार्ड समुद्री प्रदूषण से जुड़े मामलों में निगरानी और प्रतिक्रिया की जिम्मेदारी भी निभाता है.

कोस्ट गार्ड की टीम लगातार रख रही नजर

इंडियन कोस्ट गार्ड ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ गुजरात के तटीय पर्यावरण को किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. हादसे के बाद अब जांच एजेंसियां टक्कर की परिस्थितियों और दोनों जहाजों की स्थिति का आकलन करेंगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस घटना से समुद्री यातायात और पर्यावरण पर किसी तरह का असर पड़ा है या नहीं.

21 लोगों की सुरक्षित निकासी से मिली राहत

इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह है कि जहाज पर मौजूद 24 क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है. वहीं, तीन सदस्य जहाज के जरूरी संचालन के लिए वहीं मौजूद हैं. फिलहाल कोस्ट गार्ड का फोकस समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखने और किसी संभावित प्रदूषण को रोकने पर है.

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