Lenskart Peyush Bansal controversy: लेंसकार्ट कंपनी की गाइडलाइन्स को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा है. बताया जा रहा है कि कंपनी में हिजाब की इजाजत है लेकिन बिंदी और तिलक पर रोक है.
Lenskart Peyush Bansal Controversy: दफ्तर में बिंदी पर रोक-हिजाब पर नहीं
Lenskart Peyush Bansal Controversy: नामी कंपनी लेंसकार्ड एक नए विवाद में आ गई हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि लेंस कार्ड में बिंदी और तिलक लगाने बैन है जबकि हिजाब पहनने पर कोई मनाही नहीं है. इस पर लेंस कार्ड के संस्थापक और सीईओ पियूष बंसल (Lenskart founder and CEO Peyush Bansal) ने सफाई दी है. उन्होंने इस पर प्रक्रिया में कहा कि कंपनी की पॉलिसी बदल गई हैं, लेकिन ऐसा कोई जिक्र इसमें नहीं है.
दरअसल, Lenskart को अपनी ग्रूमिंग गाइड को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर की नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों की शिकायत है कि आईवियर स्टार्टअप हिजाब की तो इजाज़त देता है, लेकिन बिंदी, तिलक और कलावा पर रोक लगाता है. इस पर Lenskart के फ़ाउंडर और CEO पीयूष बंसल ने साफ़ किया कि कंपनी की पॉलिसी बदल गई है और यह डॉक्यूमेंट उसकी “अभी की गाइडलाइंस” को नहीं दिखाता है. यहां पर बता दें कि पीयूष बंसल द्वारा शुरू किया गया Lenskart भारत के सबसे बड़े आईवियर ब्रांड्स में से एक है.
फिलहाल Lenskart के ऑफ़िस ड्रेस कोड से जुड़े निर्देशों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. लोगों का कहना है कि इसमें दफ्तर में बिंदी और तिलक लगाने की मंज़ूरी नहीं है, लेकिन हिजाब की इजाज़त है. विवाद बढ़ने पर Lenskart के फ़ाउंडर और CEO पीयूष बंसल ने साफ़ किया कि यह पॉलिसी डॉक्यूमेंट ग़लत था और कंपनी की अभी की गाइडलाइंस को नहीं दिखाता था.
अपनी पहली सफ़ाई के लगभग 12 घंटे बाद पियूष बंसल ने एक बार फिर X पर एक और पोस्ट में कहा कि वायरल हो रहा डॉक्यूमेंट एक पुराना ट्रेनिंग नोट है. उन्होंने कहा कि यह कंपनी की HR पॉलिसी नहीं है. उन्होंने यह भी माना कि इसमें ग़लती से बिंदी/तिलक का ज़िक्र था, जिसे पहले ही हटा दिया गया था.
दरअसल, Lenskart में काम की जगह के लिए ड्रेस कोड से जुड़ा यह पॉलिसी डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर शेयर किया गया. इसके बाद कंपनी को लोगों की भारी नाराज़गी का सामना करना पड़ा.
सिंदूर के बारे में जो शादीशुदा हिंदू महिलाओं की पहचान है को लेकर Lenskart के डॉक्यूमेंट में कहा गया है. इसमें कहा गया है कि अगर सिंदूर लगा रही हैं तो उसे बहुत कम मात्रा में लगाएं और वह माथे पर नहीं गिरना चाहिए. इसमें यह भी कहा गया है कि बिंदी लगाने की भी इजाज़त नहीं है.
वहीं यह हिजाब की इजाज़त देता है, लेकिन यह भी बताता है कि मुस्लिम महिलाओं के लिए हेडस्कार्फ़ कैसा होना चाहिए. वहीं, ऑनलाइन शेयर किए गए ड्रेस कोड डॉक्यूमेंट में लिखा है कि अगर हिजाब/पगड़ी पहन रहे हैं, तो उसका रंग काला होना चाहिए. हिजाब से छाती का मध्यम हिस्सा ढका होना चाहिए और उससे लोगो नहीं ढकना चाहिए. स्टोर में बुर्का पहनने की इजाज़त नहीं है. इसमें कहा गया है, “बिंदी/क्लचर लगाने की इजाज़त नहीं है।” कलावा का ज़िक्र करते हुए कहा गया है, “धार्मिक धागे/रिस्टबैंड उतार देने चाहिए.
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