हाल ही में मार्क ज़करबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक सामग्री और प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई त्रुटियों के लिए माफी मांगी है. इन खामियों में डीपफेक वीडियो, बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसईएएम) का प्रसार और प्लेटफॉर्म से जुड़ी अन्य गतिविधियां शामिल हैं.
मार्क ज़करबर्ग
हाल ही में मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़करबर्ग ने अपने प्लेटफॉर्म पर हुई परिचालन संबंधी खामियों के लिए भारत सरकार से माफी मांगी है. इन खामियों में डीपफेक वीडियो, बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसईएएम) का प्रसार जैसी गतिविधियां शामिल है.
सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली में मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी) के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अधिकारियों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह माफीनामा आया है.
सूत्रों ने पुष्टि की कि ज़करबर्ग ने मेटा के मध्यस्थ प्लेटफार्मों पर परिचालन संबंधी त्रुटियों के लिए खेद व्यक्त किया और प्लेटफार्म मॉडरेशन में हुई चूक के लिए जवाबदेही स्वीकार की. यह घटनाक्रम बीबीसी आई की एक जांच के बाद नियामक एजेंसियों और एक संसदीय समिति द्वारा गहन जांच के बाद सामने आया है, जिसमें नेटवर्क पर CSEAM को बढ़ावा देने वाले दर्जनों सक्रिय विज्ञापन पाए गए थे, जिससे प्रणालीगत सुरक्षा विफलताओं और स्वचालित सामग्री प्रवर्तन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई थीं.
Mark Zuckerberg sent his apologies for the CSAM (Child Sexual Abuse Material) content, deepfake content and errors in operating the platform.
It was made clear to them that they are not covered under Intermediary definition. They select who receives the content. Safe harbour… https://t.co/kfIcMNdclk pic.twitter.com/CrwfQrsN1V
— ANI (@ANI) August 5, 2026
मेटा द्वारा 23 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पोस्ट किए गए एक फेसबुक रील को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, जिसमें उन्होंने NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शनों को संबोधित किया था और परीक्षा पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए त्वरित अदालती कार्यवाही और कड़ी जा का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित कानून सहित कई उपायों की घोषणा की थी. यह वीडियो 28 जुलाई को लगभग पांच घंटे तक प्लेटफॉर्म पर अनुपलब्ध रहा, जिसके बाद इसे बहाल कर दिया गया. सोमवार को संसदीय समिति की बैठक के दौरान, मेटा के एक अधिकारी ने घटना के लिए माफी मांगी और बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, इसे एल्गोरिदम त्रुटि का परिणाम बताया. अधिकारी ने सांसदों को यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अपनी प्रणालियों में संशोधन करेगी.
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